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प्रधानाध्यापक ने १० वर्षीय अबोध छात्र की टीसी में लिखा चरित्रहीन

मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

/ by News Anuppur
मामला प्राथमिक विद्यालय जुनहाटोला क्योंटार का, कलेक्टर से हुई शिकायत
अनूपपुर। जैतहरी जनपद अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्याप नागेन्द्र सिंह द्वारा अपने अधिकारो को दुरूपयोग करते हुए वर्ष २०१३ से विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा ५ वीं के १० वर्षीय अबोध छात्र दीनदयाल राठौर की टीसी में उसके अचारण पर सवाल खड़ा कर दिया। जिससे प्रधानाध्यापक स्वयं ही संदेह के घेरे में है की आखिर १० वर्षीय बच्चे का एैसा कौन सा आचरण  खराब है, जिसके काररण प्रधानाध्यापक को छात्र के स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर ही उसके चरित्र पर उंगली उठा दी और अब छात्र के दूसरे विद्यालय में प्रवेश नही मिल पाने के कारण उसका भविष्य अंधकारमय करना पड़ा। जिसके बाद छात्र के पिता तीरथ राठौर पिता मंगल राठौर ने प्रधानाध्यापक पर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत १० अप्रैल को कलेक्टर से की। वहीं लिखित शिकायत में बताया प्राथमिक विद्वालय के प्रधानाध्यापक नागेन्द्र ङ्क्षसह का विद्यालय में अनियमित रहने, दादागिरी किए जाने व बच्चो के साथ मारपीट जाने की शिकायत २४ जनवरी को थाना जैतहरी एवं ७ फरवरी को संभागायुक्त से की गई थी। जिसके बाद से प्रधानाध्यापक नागेन्द्र ङ्क्षसह छात्र व उसके पिता से रंजिश रखता था तथा छात्र के कक्षा ५ वीं उत्तीर्ण करने के बाद उसके पिता ने छात्र के स्थानांतरण प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन किया गया। जिस पर प्रधानाध्यापक ने स्थानांतरण प्रमाण पत्र क्रमांक ०४ शाला प्रवेशांक ६९३ जारी करते हुए आचरण के संबंध में अच्छा नही है का लेख किया गया। छात्र के पिता ने बताया की उसका पुत्र मात्र १० वर्ष का है और प्रधानाध्यापक ने छात्र व उसके पिता से रंजिश रख छात्र के स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर निकाला है। जिस पर तीरथ राठौर ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रधानाध्यापक द्वारा जारी स्थानांतरण प्रमाण पत्र में आचरण अच्छा नही है को सुधार करवाया जाकर प्रधानाध्यापक के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की गई। जिस पर कलेक्टर ने पूरे मामले की निष्पक्षा जांच सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक को सौंपी है।

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