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डेली निड्स का व्यवसाय करने वाली बिगमार्ट कंपनी ने धोखाधड़ी कर हड़पे 29 लाख

डेली निड्स का व्यवसाय करने वाली बिगमार्ट कंपनी ने धोखाधड़ी कर हड़पे 29 लाख

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

/ by News Anuppur
कोतमा पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर रिचपाल सहित दो अन्य पर मामला किया पंजीबद्ध
अनूपपुर। कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी चौक वार्ड क्रमांक 3 में निवास करने वाले कनिष्का ऑटो मोबाइल कोतमा के संचालक बद्री प्रसाद ताम्रकार पिता स्व. महेश प्रसाद ताम्रकार से रिचपाल सिंह व अन्य के द्वारा डिजिटल बिग मार्ट प्राईवेट लिमिटेड की फर्जी कंपनी बनाकर 29 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर गबन किए जाने की शिकायत पर कोतमा पुलिस ने 20 जुलाई को रिचपाल सिंह व दो अन्य के विरूद्ध धारा 406 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया है। जानकारी के अनुसार बद्री प्रसाद ताम्रकार ने कोतमा थाना में षिकायत दर्ज कराई थी कि बिग मार्ट (डीबीएम रिटेल प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी गुडगांव हरियाणा मे संचालित है जो डेली नीड्स के ब्रांडेड समान का व्यवसाय करती है, जब मेरे द्वारा उक्त कंपनी के फोन नंबर 0124-4232284 पर संपर्क किया तो कंपनी के किसी ग्रीस कुमार गांधी द्वारा मुझसे बात की और उन्होने बोला की पहले मुझे आपके शहर आकर वहां के व्यवसाय का स्तर देखना पड़ेगा तभी हम आपके साथ अपना व्यवसाय अर्थात कंपनी की फ्रंचाइजी दे पाएगे उसके ग्रीस कुमार गांधी द्वारा अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर 9319613756 पर संपर्क करने को बोला और उसके बाद कंपनी का फाइनेश हेड एवं विजय शेखावत अपने आप को ऑपरेशन हेड बताते हुए मुझे अपने मोबाइल नंबर 9915550130 से संपर्क में लगातार बने रहे और स्थल निरीक्षण करने कोतमा पहुंचे जहां उन्होने मुझसे कहा कि 30 से 35 लाख रूपए व्यवसाय में लग सकते है तभी आपको कंपनी की फ्रंचाइजी दे सकेंगे और उन्होने मुझे अपने ऑफिस (डीबीएम रिटेल प्राइवेट लिमिटेड) 411ए वेलडन टेंच पार्क सोहना रोड सेक्टर 48 गुडगांव हरियाणा 122018 आकर व्यवसाय एग्रीमेंट का पेपर एवं शर्तो के बारे में पूरी जानकारी दिए जाने की बात कही गई। जिसके बाद मैने अपने साथ अधिवक्ता जसविर सिंह एवं कमला प्रसाद सोनी उर्फ़ विश्वास सोनी के साथ गुड़गांव उनके ऑफिस जून 2019 पहुंचे जहां हमारी मुलाकात ग्रीस कुमार गांधी, विजय शेखावत, संजय सतपती, रिचपाल सिंह, हरिश कुमार, रीन्सी कुमार अभिनव जो की अपने आप को फाइनेंस हेड, ऑपरेशन हेड, निदेशक रीन्सी कुमार एवं अभिनय अपने को पीआरओ बताया एवं कंपनी के नियम शर्तो से मुझे मेरे विधि सलाहकार कमला प्रसाद सोनी को अवगत कराया तथा हमें कंपनी की एग्रीमेंट दिया उसके पश्चात उपरोक्त एग्रीमेंट अपनी पत्नी वैशाली ताम्रकार के माध्यम से निष्पादित कराया तथा एग्रीमेंट के शर्तो के अनुसार 4 लाख एवं फ्राइंचाजी के लिए 25 लाख जमा करवाया गया, इसके पूर्व जब मैने कंपनी की वास्तविकता जानने का प्रयास किया तो खंडवा, सतना, कटनी आदि स्थानों में उनकी फ्रान्चाईजी एवं बिग मार्केट के नाम से व्यवसाय का पता चला, जिसके बाद मेरी पत्नी वैशाली ताम्रकार द्वारा उक्त कंपनी से 9 अगस्त 2019 का इकरार नामा निष्पादित कर शर्तो के अनुसार उन्होने अपने खाता से 5 लाख डीबीए रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (बिग मार्ट) के खाता नंबर 10042892906 आईडीएफसी बैंक में ट्रांसर्फर किया उसके बाद चेक क्रमांक 014263 से 14 लाख एवं चेक क्रमांक 14262 से 10 लाख रूपए के माध्यम से खाता क्रमांक 918010090556334 (डीबीएम रिटेल प्राइवेट लिमिटेड) को अदा किया। जिसके बाद कंपनी द्वारा विशाल जिसे कंपनी प्रचेस मैनेजर बता रही थी मुझसे अपने मोबाइल से संपर्क किया और करार शर्तो के अनुसार हमे डेली नीड्स अर्थात व्यवसाय संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने की बात की फरवरी माह में हमें व्यवसाय संबंधित सामग्री उपलब्ध करवाया गया और उसके माध्यम से स्थानीय डेलीनिड्स के होल सेल विक्रेताओं के खाते में पैसा ट्रांसपफर किया गया था। करार व शर्तो के अनुसार पंकज नाम का व्यक्ति ने मुझसे संपर्क किया और कोतमा वार्ड क्रमांक 2 महाविर मार्ग स्थित मेरे व्यवसाइक स्थल पर रूक कर दुकान तैयार कर मुझे सौंपा उसके पश्चात् 4 फरवरी को मेरे द्वारा बिग मार्ट के नाम से व्यवसाईक संस्थान प्रारंभ किया गया, लेकिन कंपनी ने करार व शर्तो के अनुसार मुझे न तो दुकान का किराया 25 हजार और न ही व्यवसाय की विक्रय का 10 प्रतिशत दिया गया और 1 जुलाई को कंपनी द्वारा बिना किसी कारण के ई-मेल के माध्यम से एक विधिक नोटिस भेज कर करार के शर्तो के विपरित संविदा भंग कर दिया, जब मेरे द्वारा अधिकारियों के मोबाइल नंबर व ई-मेल के माध्यम से लगातार संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका कोई जवाब नही आया। जिससे उन्हें पूरा विश्वास हो गया कि उपरोक्त कंपनी द्वारा छलकपट कर मेरे 29 लाख रूपए का आर्थिक एवं अपराधिक अपराध किया है। वहीं उपरोक्त व्यवसाय की प्रोपराइटर मेरी पत्नी वैशाली ताम्रकार है जिसके कारण वे आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित हुई है। जहां षिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी रीचपाल सिंह कंपनी डायरेक्टर एवं अन्य पर धारा 406 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

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