Responsive Ad Slot

ताजा खबर

latest

अनूपपुर उपचुनाव में रमेश हो सकते हैं कांग्रेस प्रबल दावेदार, संभाग को मिला सकता है युवा आदिवासी नेता

अनूपपुर उपचुनाव में रमेश हो सकते हैं कांग्रेस प्रबल दावेदार, संभाग को मिला सकता है युवा आदिवासी नेता

मंगलवार, 18 अगस्त 2020

/ by News Anuppur

अनूपपुर। कोरोना महामारी और आर्थिक संकट के बीच म.प्र. की 27 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा भले ही न हुई हो लेकिन उससे पहले ही सियासी पारा गरमा चुका है। हाल ही में सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस ने उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। एक सर्वे का हवाला देते हुए प्रदेश में वापसी करने का दवा कर रही कांग्रेस ने 27 में से 26 सीटों पर बढ़त मिलने की बात कही गई, जबकि एक सीट पर काटें की टक्कर हो सकती है। लेकिन इसके विपरित कांग्रेस अभी तक प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पाईं है। बताया जा रहा है की इस बार कांग्रेस पुरानी गलतियों को न दोहराते हुए सर्वे और फीड बैक के आधार पर प्रत्याशियों का टिकट वितरण करेगी। पूर्व राजनैतिक घटनाक्रमो की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कांग्रेस फूंक - फूंक कर आगे बढ़ती नजर आ रही है। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रत्याशी चयन को लेकर है। वर्तमान में कांग्रेस में कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो पूरे संभाग का कमान संभाल सके। अनूपपुर में कांग्रेस से दलवीर सिंह, बिसाहलाल सिंह जैसे बड़े नेताओं के नाम से जानी जाती रही है, किन्तु  वर्तमान परिदृश्य में दलवीर सिंह का परिवार व स्वयं बिसाहूलाल ने भाजपा के बैनर तले अपनी जमीन तैयार करने की जद्दोजहद में लगे हुए है। यूं तो कांग्रेस में उपचुनाव के कई दावेदार सामने आ रहे है, लेकिन कांग्रेस को जिस चुनाव को जिताने वाले युवा चेहरे की तलाश रमेश सिंह के रूप में पूरी हो सकती है। रमेश सिंह अनूपपुर विधान सभा के लिए एक जाना पहचाना नाम है, जो जिले के युवाओ के बीच में और सोशल मिडिया में तेजी से वॉयरल हो चुके है। अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों युवाओ द्वारा  मै भी रमेश, हम सब रमेश के नारों के बीच कांग्रेस का चुनावी अभियान तेजी से आगे बढ़ता नजर आ रहा है। रमेश सिंह एक प्रशासनिक अधिकारी है जो अनूपपुर जिले के रामपुर खाडा के निवासी है और वर्तमान में शहडोल संभाग के जयसिंह नगर में पदस्थ है। हलाकि रमेश सिंह ने अभी तक होने वाले इस चुनाव में पूरी तरह से खुलकर सामने नहीं आए है, लेकिन उनके चाहने वालों की कोई सीमा नहीं है। रमेश सिंह को उनके चाहने वाले दूसरे अजीत जोगी और दलवीर सिंह के स्वरूप में देखते है। ऐसे में अगर कांग्रेस उन्हें अपना विधानसभा प्रत्याशी चुनती है तो जाहिर है की उनका लगभग 16 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव का लाभ भी अनूपपुर वासियो को मिला सकता है व संभाग को एक नए आदिवासी नेतृत्व की तलाश पूरी हो सकती है। चूंकि यह चुनाव भविष्य में प्रदेश की दिशा और दशा दोनों तय करने वाला होगा। इसलिए इस चुनाव में प्रत्याशी चयन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
'
Don't Miss
© all rights reserved
made with NEWSANUPPUR