Responsive Ad Slot

ताजा खबर

latest

जंगली हाथियों के झुंड ने ली एक किसान की जान, हमले में तीन किसानो ने नदी में कूद बचाई अपनी जान

जंगली हाथियों के झुंड ने ली एक किसान की जान, हमले में तीन किसानो ने नदी में कूद बचाई अपनी जान

मंगलवार, 1 सितंबर 2020

/ by News Anuppur



छ.ग. के गुरूघासीदास नेशनल पार्क से सात हाथियों का समूह पहुंचा था सुईडांड
शशिधर अग्रवाल, बिजुरी वन परिक्षेत्र बिजुरी अंतर्गत वृत्त बीट जर्राटोला में 1 सितम्बर मंलगवार की सुबह लगभग 4 छत्तीसगढ़ के जनकपुर क्षेत्र स्थित गुरूघासीदास नेशनल पार्क से सात हाथियों का समूह बरने नदी के पास आकर रात में अपनी फसलो की जंगली सुआर से सुरक्षा हेतु खेत में तकवारी कर रहे 45 वर्षीय किसान रामचंद्र पाव पिता ददना पाव को हाथियों ने हमला करते हुए चट्टान पर पटकर दिया, जिससे किसान के सिर, बाये पैर में गंभीर चोट आने से घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि साथ रही किसान लोकनाथ पिता सोनसाय पाव उम्र 28 वर्ष, राधेपाव पिता टिर्रापाव उम्र 45 वर्ष एवं केशव पाव पिता श्याम सकल उम्र 29 वर्ष सभी निवासी ग्राम सुईडांड अपनी-अपनी जान बचाकर नदी में कूद कर नदी पार कर छ.ग. के बुलारीटोला (मौहरी) की ओर भाग निकले। वहीं हाथियों का समूह बरने नदी को पार कर बुलारी टोल कैल्हारी छ.ग. की ओर चले गए, जहां पूरा दिन जंगल में विचरण की जानकारी मिली है। इस दौरान हाथियों के समूह ने 18 खेतो में लगी धान की फसलो को नुकसान पहुंचाया है।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ वन अनूपपुर ओ.जी. गोस्वामी, एसडीएम कोतमा ऋषि सिंघई, प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी बिजुरी संगीता अमलतास, वन परिक्षेत्राधिकारी कोतमा आर.एस. त्रिपाठी, वन्य जीव सरंरक्षक शशिधर अग्रवाल, सर्पप्रहरी कोतमा हरवंश पटेल के साथ अवन अमला मौके पर पहुंचे। वहीं मृतक के परिजन शुभकरण पिता नोहर साय पाव ने सूचना कोतमा थाने में दी गई, जहां कोतमा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाते हुए शव को पीएम के लिए कोतमा अस्पताल भेजा गया, जहां पीएम उपरांत शव परिजनो को सौंप दिया गया। जहां किसान के अंतिम संस्कार में वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी सम्मिलित हुए और मृतक के पुत्र पूरन पाव को पांच रूपए की प्रारंभिक सहायता प्रदान की। वहीं वन विभाग ने ग्रामीणो से रात्रि के समय सर्तक रहने की अपील की गई। 
'
Don't Miss
© all rights reserved
made with NEWSANUPPUR