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भाजपा उपाध्यक्ष रामलाल के लगाए गए आरोप पर ओमप्रकाश द्विवेदी ने की पत्रकार वर्ता

भाजपा उपाध्यक्ष रामलाल के लगाए गए आरोप पर ओमप्रकाश द्विवेदी ने की पत्रकार वर्ता

गुरुवार, 10 सितंबर 2020

/ by News Anuppur

मैने विकास कार्यो में आए गतिरोध को दूर करने का हर संभव किया है प्रयास- ओमप्रकाश द्विवेदी
अनूपपुर। जिले में 7 सितम्बर को विकास कार्यो के भूमिपूजन एवं लोर्काण करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यक्रम उपरांत भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल द्वारा अपने ही पार्टी के पूर्व नपाध्यक्ष अनूपपुर ओंमप्रकाश द्विवेदी के ऊपर जिले के विकास कार्यो में गतिरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया था, जहां प्रदेश उपाध्यक्ष के आरोपो के बाद ओंमप्रकाश द्विवेदी ने आरोपो के जवाब में 9 सितम्बर को अपने निज निवास में पत्रकार वर्ता का आयोजन किया गया, जहां उन्होने प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल द्वारा लगाए गए आरोपो के जवाब में बताया कि मुख्यमंत्री जिले को संदेश देने आ रहे थे, जहां कुछ लोगो द्वारा तरह-तरह की भ्रांतियां और संदेह फैलाया गया। जहां शासकीय कार्यक्रम में राजनीति वातावरण तैयार हुआ, कुछ लोगो ने आरोप प्रत्यारोप का सहारा लिया। उन्होने बताया कि हम राजनैतिक दल के लोग है इसलिए हमारा पक्ष जनता के सामने जाना चाहिए और जनता के बीच आना चाहिए जिसे जनता महसूस भी करती है। इसलिए जनतंत्र को पता होना चाहिए की राजनीति क्या कर रही है या क्या हो रहा है। पूर्व नपाध्यक्ष ओंमप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि हमारे वरिष्ठ नेता व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामलाल रौतेल के द्वारा लगाए गए कोई आरोप मायने रखी है और उसकी गंभीरता भी होती है। क्योकि प्रदेश का कोई भी पदाधिकारी अगर अपने नीचे के लोगो पर कोई आरोप लगाता है तो उसका आरोप बहुत ही गंभीर होता है। जहां रामलाल ने विकास कार्यो जिनमें जिला चिकित्सालय व रेलवे फ्लाई ओवर ब्रिज में अवरोध लाने की बात की लेकिन मेरे द्वारा कौन सा अवरोध उत्पन्न किया गया है। ओंमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि जिले में 20 जुलाई 2008 में जिला चिकित्सालय के लिए भूमि का अधिग्रहण हुआ, जिसमें वार्ड क्रमांक 13 के किसानो की 16 एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई। जहां पट्टेदार किसानो को अधिग्रहण भूमि के लिए 37 लाख रूपए मुआवजा बना, जबकि उस समय उक्त जमीन की 400 से 500 एकड़ वर्ग फिट रही। जिसका कारण था उक्त भूमि का डायवर्सन नही हो पाया था और भूमि कृषि लैण्ड के नाम पर दर्ज थी, जिसके आधार पर प्रशासन ने भी 37 लाख का मुआवजा बना था। मामले प्रशासन के संज्ञान में आया, जिस पर कई बैठके हुई लेकिन प्रशासन ने मुआवजा की राशि 37 लाख रूपए से ज्यादा देने से साफ इंकार कर दिया गया, इस बीच मंथन हुए कई बैठक हुए जिसमें पूर्व विधायक रामलाल रौतेल सहित कृषक भी उपस्थित रहे। जहां बैठक में हमने जमीन के बदले जमीन देने की मांग की और प्रशासन भी जमीन के बदले जमीन देने का प्रस्ताव स्वीकार किया तथा चंदास नदी के ऊपर ग्राम पंचायत परासवार में म.प्र. शासन की 16 एकड़ भूमि देने की बात कही गई, जहां सभी कृषक भी सहमत हुए और अपनी 16 एकड़ भूमि को जिला चिकित्सालय निर्माण के लिए दे दिए। जहां जिला चिकित्सालय की भूमि में गतिरोध समाप्त हुआ था। इसके साथ ही ओंमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि फ्लाई ओहर ब्रिज की मांग पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने मुख्यमंत्री से की थी और मुख्यमंत्री ने उस मांग को स्वीकार किए थे। हम लोगो ने भी रेलवे ओवर ब्रिज की मांग के लिए रेल रोको आंदोलन किया था, जिसमें रामलाल रौतेल भी साथ में थे। वहीं जब मांग पूरी हुई औ फ्लाई ओवर ब्रिज का स्टीमेट बना जो 90 फिट का था और सड़क 50 फिट की थी तो 40 फिट अतिरिक्त भूमि किसकी ली जानी थी, उक्त पूरी भूमि कमर्शियल भूमि है, जहां करोड़ो का व्यापार होता है। और इस अधिग्रहण में मुआवजा का प्रवाधान भी नही था, और भूमि स्वामी न्यायालय पहुंच गए जहां से उन्हे मुआवजा भी मिला तो फ्लाई ओवर मामले का निराकरण हुआ न की गतिरोध उत्पन्न हुआ। वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने जिले के विकास के लिए लगातार मुख्यमंत्री से कई विकास कार्यो की मांग किए है, जिससे जिले का ही विकास होगा। वहीं मुख्यमंत्री ने मंत्री बिसाहूलाल की सभी मांगे को जल्द पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया है जिससे जिले का विकास होगा न की गतिरोध उत्पन्न होगा। 

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