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पशुओं की तस्करी करते तस्करो सहित मवेशियेां को ग्रामीणो ने पकड कर किया पुलिस के हवाले

पशुओं की तस्करी करते तस्करो सहित मवेशियेां को ग्रामीणो ने पकड कर किया पुलिस के हवाले

बुधवार, 16 सितंबर 2020

/ by News Anuppur


दो आरोपियों से 10 नग पड़ा जब्त, खुलेआम चल रहा पशु तस्करी का खेल
 प्रदीप मिश्रा, कोतमा।
थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत जर्राटोला खोडऱी में ग्रामीणो की सक्रियता से 15 सितम्बर की रात्रि पशु की तस्करी करते पशु तस्करो को पकड़ते हुए सूचना पुलिस को दी गई, जहां सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 10 नग पड़ा जब्त किया गया। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत जर्राटोला खोडरी के पास रात 11 बजे पशु तस्करो द्वारा 10 नग पड़ा को एक जगह एकत्रित कर उसे बूचड़ खाने ले जाने के लिए पिकअप वाहन में लोड़ किया जा रहा था, जहां ग्रामीणो ने सक्रियता दिखाते हुए सूचना पुलिस को दी गई, जहां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो आरोपियों जिनमें खोखल प्रसाद पिता जीवनलाल जोगी उम्र 30 वर्ष निवासी उचेहरा थाना जनकपुर जिला कोरिया एवं लखन सिंह पिता ज्योति सिंह गोड़ उम्र 30 वर्ष निवासी टेटकाटोला थाना जैतपुर जिला शहडोल के कब्जे से 7 नग पड़ा व 3 नग भैंस को जब्त कर दोनो आरोपियों के खिलाफ धारा 11 (घ), पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

पुलिस की पकड़ से दूर पशु तस्करी का खेल
 
जानकारी के अनुसार 15 सितम्बर की रात ग्राम पंचायत जर्राटोला खोडरी के मुक्तिधाम के पास पिकअप वाहन में लोड करते 10 नग पशु की तस्करी करते हुए तस्करो को ग्रामीणो ने घेरा, जहां पशु तस्कर वाहन लेकर मौके से फरार हो गए, वहीं ग्रामीणो ने दो लोगो को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जहां सूचना पर पुलिस ने जब्त किए 10 नग पशुओं को ग्राम पंचायत जर्राटोला पंचायत के सुपुर्द करते हुए दो आरोपियों को थाने ले आई। 

एैसा चलता पशु तस्करी का खेल


जानकारी के अनुसार राजनगर, भालूमाडा, कोतमा थाना क्षेत्र को पशु तस्करों ने अपना गढ़ बनाए हुए है। वहीं इस तस्करी को रोकने पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। इन क्षेत्रो से पशु तस्करों द्वारा प्रतिदिन पशुओं की तस्करी करते हुए एक ट्रक मवेशी भरकर बूचड़ खाने ले जाया जा रहा है। पशु तस्कर छत्तीसगढ़ की सीमा से अपना तस्करी के खेल जारी करते हैं, जिसमें राजनगर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगा से होकर ग्राम ऊरा में मवेशी रोकने की व्यवस्था की गई है, लेकिन पशु तस्करो द्वाा पैदल ही लहसुई गांव होते हुए कोतमा स्थित गोहड्रा से रात 12 से 1 बजे के बीच ट्रक में लोड कर मवेशी को केशवाही रोड होते हुए अन्य राज्यो में स्थित बूचड़ खाने ले जाते है। वहीं पशुओं से भरे ट्रक के आगे एक चार पहिया वाहन (स्कॉर्पियो) और ट्रक के पीछे कार के माध्यम से रैकी की जाती है। इतना होने के बाद पुलिस पशु तस्करी रोकने में नाकाम रही है।

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