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जूनियर इंजीनियर से प्रताडित होकर रेल कर्मचारी ने सोशल मीडिया में की आत्महत्या करने की पोस्ट

बुधवार, 8 नवंबर 2017

/ by News Anuppur

मैसेज वॉयरल होते ही रेलवे महकमे में मचा हडकंप, डीआरएम ने दिए जांच के निर्देश
अनूपपुर। अनूपपुर रेलवे स्टेशन के बिजुरी सेक्शन डीटीएम १ में ट्रैक मेंटनर ४ के पद पदस्थ कर्मचारी ने ८ नवम्बर को सोशल मीडिया में वॉयरल किए एक पोस्ट से अनूपपुर रेलवे सहित बिलासपुर जोन तक हड़कप मच गया। ८ नवम्बर को ट्रैक मेंटनर मनीष कुमार पिता पैरूदास ने सोशल मीडिया में जूनियर इंजीनियर बिरेन्द्र प्रसाद द्वारा ड्यूटी के दौरान भेदभाव किए जाने के साथ ही स्वतंत्र रूप से ड्यूटी नही करने दिए जाने तथा प्रताडित किए जाने को आत्महत्या कर लिए जाने की बात सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्ट किया गया। वहीं आत्महत्या कर लिए जाने संबंधी पोस्ट के वॉयरल होते ही रेलवे अधिकारियो एवं कर्मचारियो में हडकंप मच गया।
यह है मामला
रेलवे कर्मचारी के आत्महत्या की पोस्ट वॉयरल होते ही जब ट्रेक मैन मनीष कुमार पिता पैरूदास से बात की गई तो उन्होने बताया कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेल पथ बिजुरी में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता बिरेन्द्र प्रसाद द्वारा उनसे लगातार भेदभाव करते हुए ड्यूटी के दौरान उन्हे परेशान किया जाता है, वहीं मनीष कुमार ने बताया कि १३ सितम्बर २०१७ को मेरा स्थानांतरण बिजुरी सेक् शन के स्टोर गेंग से डीटीएम १ में हुआ था, जिसके बाद से कनिष्ठ अभियंता द्वारा मुझे कार्य के दौरान लगातार परेशान किया जाता रहा है। जिसके बाद मेरे द्वारा १० अक्टूबर २०१७ को समस्त डीटीएम ०१ कर्मचारी गणो द्वारा सहायक मंडल अभियंता दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मनेन्द्रगढ़ को आवेदन कर ट्रैकमैनो को दिए जाने वाले कार्य का विवरण की जानकारी मांगी गई। जिसके बाद से लगातार कनिष्ठ अभियंता नाराज होते हुए मुझे व्यक्तिगत रूप से परेशान किया जा रहा है।
ट्रैकमैनो के कार्यो की मांगी थी जानकारी
ट्रैकमैन मनीष कुमार ने बताया कि डीटीएम ०१ एबी के १६ कर्मचारी गणो ने सहायक मंडल अभियंता मनेन्द्रगढ़ से आवेदन कर थ्रू पैकिंग में ०८ स्लीपर प्रत्येक ट्रैकमैन को दिया जाता है, जिसमें गुनिया चलाना, हुद्दी चलाना, घास सफाई कराना, ड्रेसिंग कराना आदि कार्य कराए जाते है तथा स्लैग पैकिंग में १२ स्लीपर प्रत्येक ट्रेक मैन को दिया जाता है। जिस पर सभी डीटीएम ०१ एबी बिजुरी के कर्मचारी ने ट्रेक मैनो को दिए जाने वाले कार्य में थ्रू पैकिंग, स्लैग पैकिंग, क्रांसिंग पैकिंग में कितने स्लीपर प्रत्येक ट्रैकमैन तथा ईआरसी ग्राीसिंग व लुब्रिकेसन में कितनी स्लीपर तथा घास सफाई में कितने मीटर लंबाई व चौड़ाई प्रत्येक ट्रैकमैनो को दिए गए कार्यो का विवरण की जानकारी चाही गई थी। वहीं जब इस संबंध में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता बिजुरी एल. आर. गुप्ता तथा सहायक मंडल अभियंता मनेन्द्रगढ़ बी.के. चौधरी से बात की गई तो उन्होने इस संबंध में किसी तरह की जानकारी नही होने की बात कह पल्ला झाड़ते हुए जानकारी लेने की बात कही गई। चूंकि इस मांगी गई जानकारी के आवेदन में सबसे पहला नाम मेरा था इस लिए मुझे कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रताडित किया जा रहा है।
आत्महत्या की पोस्ट वॉयरल से मचा हडकंप
ट्रैकमैन मनीष कुमार ने शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त किए जाने पर आत्महत्या कर लिए जाने तथा इसकी जवाबदारी जूनियर इंजीनियर बिरेन्द्र प्रसाद की होने की पोस्ट से जहां पूरे रेलवे विभाग में हडकंप मचा दी, वहीं मनीष कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि बिरेन्द्र प्रसाद द्वारा मुझे तरह-तरह से टॉर्चर तथा भेदभाव किया जाता है। जिससे में बहुत परेशान हॅू, वहीं ड्यूटी के दौरान जो हक अन्य ट्रैकमैनो को दिया जाता है वह हक मुझे नही दिया जाता साथ ही मनीष कुमार ने बताया कि ड्यूटी के दौरान जूनियर इंजीनियर बीरेन्द्र प्रसाद द्वारा अन्य ट्रैकमैनो के सामने जल्द ही मुझे नौकरी छोड दिए जाने की बात उनसे कही जाती है। इतना ही नही मुझे अवकाश पर ड्यूटी करने बदले मिलने वाली सीआर भी अन्य ट्रैकमैनो की तहत मनचाही प्रदान नही की जाती।
इनका कहना है
मुझे जानकारी मिल गई है, मै इस संबंध में जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिया हूॅ।
आर. राज. गोपाल, डीआरएम बिलासपुर

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