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विधानसभा चुनाव 2023ः पांच विधानसभा चुनावों के लिये 7 से 30 नवम्बर तक होगा मतदान

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सोमवार, 9 अक्टूबर 2023

Chief Election Commissioner of India Rajiv Kumar (PTI).
Chief Election Commissioner of India Rajiv Kumar (PTI).

भारत चुनाव आयोग आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा सोमवार को दिल्ली में एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में 7 से 30 नवम्बर तक अलग-अलग दिनों में मतदान होगा और 3 दिसम्बर को पांच राज्यों के लिये वोटों की गिनती की जाएगी। 

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने कहा कि लगभग 16 करोड़ मतदाता इन चुनावों में वोट डालने के पात्र होंगे, जबकि इन चुनावों को प्रलोभन मुक्त बनाने के लिये मजबूत उपाय किये जा रहे है। जहां राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सत्ता में है, वहीं मध्यप्रदेश में बीजेपी, तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति और मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की सरकार है। प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान राजीव कुमार ने इन पांच राज्यों में 1.77 लाख मतदान केन्द्र जिनमें 1.01 लाख में वेबकास्टिंग की सुविधा होगी। उन्होने कहा कि 8 हजार से अधिक मतदान केन्द्रों का प्रबंधन महिलाएं करेंगी।

छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरणों में 7 एंव 17 नवम्बर को, मध्यप्रदेश में एक ही चरण 17 नवम्बर को मतदान, राजस्थान और तेलंगाना में 23 नवम्बर एवं 30 नवम्बर को एक ही चरण में मतदान होगा तथा मिजोरम में विधानसभा चुनाव 7 नवम्बर को होंगें।



Shraddha Murder :Case नार्को टेस्ट में आफताब ने उगले कई सवालों के जवाब, किये चौकाने वाले कई खुलासे

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शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

नई दिल्ली। Shraddha Murder Case : रोहिणी अंबेडकर अस्पताल में 1 दिसम्बर गुरूवार को श्रद्धा हत्या के आरोपी आफताब का नार्को टेस्ट (Narco Test) कराने के लिये पुलिस उसे सुबह 9 बजे लेकर पहुंची, जहां आरोपित को अंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी ओटी में ले गये। ओटी में मनोविज्ञानी व फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी में अंबेडकर अस्पताल के डाॅक्टर ने आफताब को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया। जिसके बाद उसके अचेत पड़ जाने पर चार मनोविज्ञानियों ने करीब आठ-आई सवाल पूछे। यह वह सवाल थे जो पालीग्राफ टेस्ट के बाद मनोविज्ञानियों की टीम ने तैयार किये थे, जिनमें आठ सवाल प्रमुख थे। जहां आफताब ने बेहोशी के हालत में कई सवालों के जवाब दिये, जिन्हे सुनकर मनोविज्ञानियों के ही होश उड़ गये। सूत्रों की माने तो आरोपित ने श्रद्धा की हत्या करने की बात को स्वीकार की साथ ही उसने बताया कि हत्या के बाद उसने किन हथियारों का उपयोग कर श्रद्धा के शव के टुकड़े किये थे। हत्या के बाद श्रद्धा के कपड़ों को कहां डिस्पोज किया साथ ही जब उसने हत्या की तो श्रद्धा उस समय क्या कर रही थी जैसे 30 से अधिक सवालों के जवाब दिये। 

30 से ज्यादा सवालों के आफताब ने दिए सही जवाब

नार्को टेस्ट के समय आफताब ने बताया कि हत्या के बाद उसने इसकी जानकारी किससे किससे साझा की थी। श्रद्धा के टुकड़े करने का ख्याल उसे कैसे आया और हत्या करने के बाद उसने सबसे पहले क्या किया। शव के टुकड़े उसने कहां-कहां और पहला टुकड़ा कौन सा? आखिरी टुकडा कौन सा और कहां-कहां फेंका? श्रद्धा का सिर कहां फेंका? मोबाइल कहां फेंका? क्या शव के टुकड़े फेंकने में उसकी किसी दोस्त ने मदद की थी। आफताब से यह भी पूछा गया कि हत्या करने के बाद या पहले उसने कौन-कौन सी फिल्म या वोब सीरिज देखी थी। नार्को टेस्ट के लिये अंबेडकर अस्पताल पहुंचे आफताब के चेहरे में कोई शिकन नही थी और ना ही नार्को टेस्ट से पहले कोई डर थ। पुलिस वैन में हुये हमले के बाद उसे समझ आ गया था कि लोग उसके खिलाफ है और भारी गुस्से में है। लेकिन बावजूद इसके वह डरा हुआ नही लग रहा था।

दूसरी लड़कियो से मिलता था आफताब, श्रद्धा इससे थी परेशान

आफताब श्रद्धा को पहले दिल्ली लेकर आया और फिर डेटिंग एप पर दूसरी लड़कियो से मिलने लगा, उन्हे घर बुलाने लगा। इसको लेकर श्रद्धा काफी परेशान थी और वह आफताब से बार-बार झगड़ती थी। 18 मई को भी उनका इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और गस्से में आकर आफताब ने उसकी हत्या कर दी। दो घंटे से ज्यादा देर तक चले नार्को टेस्ट में आफताब ने सभी सवालों के सही जवाब दिये। उसे बताये गये जवाब से भी मनोविज्ञानी व पुलिस संतुष्ठ रहे। संभावना जताई जा रही है कि नार्को टेस्ट के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ सकता है।

टेस्ट के दौरान शरीर की हर गतिविधियों को किया गया नोट

अंबेडकर अस्पताल में नार्को टेस्ट के दौरान आफताब से न सिर्फ सवाल पूछे गये। उसको श्रद्धा की फोटो, घर के फोटो, डेटिंग एप के जरिये मिली लड़कियों की फोटो की दिखाया गया। इस दौरान उसके शरीर की हर गतिविधियों को नोट किया गया। सुरक्षा को लेकर सिविल ड्रेस में भी पुलिस कर्मी तैनात रहे साथ ही ओटी की ओर जाने वाले दोनो रास्तों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया हुआ था। बाहर गेट में भी पुलिस कर्मी तैनात रहे जो हर गतिविधियों पर नजर बनाये हुये थे। 


54 किमी, 14 विधानसभा और PM MODI का GUJARAT में अब तक का सबसे लंबा रोड शो

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गुरुवार, 1 दिसंबर 2022

अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Vidhan Sabha Chunav) के पहले फेज के लिये 1 दिसम्बर गुरूवार को मतदान पूर्ण हो चुका है। इस बीच पीएम नरेन्द्र मोदी (Pm Narendra Modi) ने अहमदाबाद में आज तक सबसे बड़ा रोड शो (Road Show) किया। पीएम मोदी (Pm Modi) का ये अब तक सबसे बड़ा रोड शो (Road Show) 54 किमी जो कि देर शाम तक चला और 14 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरा, जिसे पुष्पांजलि यात्रा का नाम दिया गया। इस रोड शो से पीएम मोदी ने अहमदाबाद की 13 और गांधी नगर की 1 सीट का कवर किया। इस रोड शो में पीएम मोदी को देखने के लिये जन सैलाब टूट पड़ा जो अपने हाथों में बीजेपी का झंडा लिये हुये थे साथ ही पीएम मोदी ने सभी का हाथ दिखाकर अभिवादन भी किया।

 प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में अपने रोड शो के दौरान सरदान वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अपर्ति की तथा रोड शो के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए पीएम ने अपना काफिला भी रोक दिया। पीएम का रोड शो जिन सीटो से गुजरा इनमें से 11 सीटें बीजेपी ने 2017 में जीती थी। जबकि 3 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली थी। गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के लिये प्रधानमंत्री ने 6 नवम्बर का चुनाव प्रचार की शुरूआत की थी। आपको बता दे कि गुजरात में आज दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान संपन्न हुआ।

इन सीटों से गुजरा पीएम का काफिला

पीएम मोदी ने अब तक 33 में 23 जिलों में रैली कर चुके है। इस दौरान पीएम मोदी ने 28 रैली और 2 रोड शो किये है। आज पीएम का ये तीसरा रोड शो है। पीएम का ये रोड शो इन सीटों से गुजरा उनमें नरोडा, ठक्कर, बापानगर, बापूनगर, निकोल, अमराईवाडी, मणिनगर, दाणीलिमडा, जमालपुर, खाड़िया, एलिसब्रिज, वंेजलपुर, घाटलोडिया, नारणपुरा, साबरमती, गांधीनगर दक्षिण।

जितना कीचड़ उछालोगे उतना खिलेगा कमल

पीएम मोदी ने कहा मै गुजरात का बेटा हॅू, गुजरात ने मुझे जो ताकत दी है, जो गुण दिए है, इन कांग्रेसियों को परेशान कर रहूॅ। उन्होने कहा कांग्रेस के मित्र कान खोल कर सुन ले, लोकतंत्र में आस्था और अविश्वासन आपका विषय है। परिवार के लिये जीना है तो आपकी मर्जी, लेकिन एक लिख लीजिये की जितना कीचड़ उछालोगे उतना कमल खिलेगा।



Cyclone Tauktae जानिए, कब भारतीय तटों से टकराएगा चक्रवाती तूफान, इन पांच राज्यों में है भारी नुकसान का अंदेशा

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शनिवार, 15 मई 2021

नई दिल्ली, एजेंसियां। अरब सागर के ऊपर बन रहे हवा के कम दबाव के चलते गुजरात, केरल सहित देश के पांच राज्यों पर चक्रवाती तूफान तौकाते का खतरा मंडरा रहा है। यह तूफान 18 मई को भारतीय तटों से टकराने की आशंका बताई जा रही है, जिससे भारी नुकसान का अंदेशा लगाया जा रहा है। राहत और बचाव के उपाय अभी से शुरू हो गए है। प्रभाव की आशंका वाले पांच राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 53 दल तैनात कर दिए गए हैं। प्रत्येक दल में पेड़ व बिजली के खंभे काटने, बोट और बचाव-चिकित्सा के उपकरणों से लैस 40 जवान हैं।

तूफान की आशंका वाले प्रदेशों और लक्षद्वीप के लिए भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के दृष्टिगत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह तक बढ़ने की आशंका है। इसके बाद 24 घंटे के अंदर यह चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। 16 से 19 मई के बीच यह भयंकर तूफान का रूप लेकर भारी बर्बादी कर सकता है। सबसे पहले इसके गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने के आसार हैं। इससे पहले लक्षद्वीप में 15 मई को भारी बारिश की आशंका है।

इन राज्यों में है बारिश की चेतावनी

इसी दौरान तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हल्की और भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक में 15 और 16 मई को हल्की और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कोंकण के तटीय इलाकों और गोवा में भारी बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ इलाके में 17 और 18 मई को भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

175 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

तूफान आने से पहले और इसके दौरान देश के तटवर्ती इलाकों में 175 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं और तेज बारिश हो सकती है। सभी राज्य सरकारों और लक्षद्वीप के प्रशासन को राहत और बचाव के उपाय करने के लिए कहा गया है। पर्यटकों और मछुआरों को इस दौरान समुद्र से दूर रहने के लिए कहा गया है।

भारतीय तटों से टकराने वाला पहला तूफान होगा तौकाते 

राज्य सरकारों को तटीय इलाकों में बसी आबादी को अन्यत्र भेजने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर केरल सरकार ने तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, पथनामथिट्टा, अलप्पुझा और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश की आशंका वाला रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। जबकि एनडीआरएफ ने तटवर्ती नौ जिलों में अपने इंतजाम किए हैं। टॉक्टे म्यांमार में छिपकली की पाई जाने वाली एक प्रजाति है। वहां से पैदा चक्रवाती तूफान को यह नाम दिया गया है। अरब सागर के जरिये भारतीय तटों से टकराने वाला यह इस वर्ष का पहला तूफान होगा।


Patna Politics : नक्सल कैंपों में पहुंचा कोरोना वाॅयरस, 10 से ज्यादा नक्सलियों की हुई मौत

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मंगलवार, 11 मई 2021


पटना। सुप्रीमो और पूर्व सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मंगलवार की सुबह पटना में बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस टीम ने पप्पू यादव को घर पर ही नजरबंद कर दिया। इसके बाद पटना के मंदिरी स्थित आवास से पप्पू यादव को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें गांधी मैदान थाने ले जाया गया है। पप्पू यादव के करीबी नेता से ऑनलाइन से बातचीत में बताया है कि उन पर लॉकडाउन तोड़ने की धाराएं लगाई गई हैं।

पोल खोलने की मिली सजा 

पप्पू यादव ने तीन दिन पूर्व सांसद मद से खरीदे गए एंबुलेंस के बेकार पड़े होने को लेकर खुलासा किया था। उन्होंने खुद उस स्थल पर पहुंचकर एंबुलेंसों की तस्वीर ली थी। उन्होंने राजीव प्रताप रूडी पर इसके लिए वीडियो के साथ गंभीर आरोप लगाए थे। ठीक इसी के बाद इसके बाद बिना अनुमति के सामुदायिक भवन में अपने समर्थकों के साथ जाने और एंबुलेंस में तोड़फोड़ किए जाने के खिलाफ पप्पू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। लेकिन पटना पुलिस ने गिरफ्तारी दूसरे यानि लॉकडाउन तोड़ने के मामले में की है।


Bihar News: बक्सर में गंगा नदी के किनारे मिला 30 से 40 लाशों का ढेर, मचा हड़कंप

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सोमवार, 10 मई 2021

बिहार। बक्सर में गंगा नदी के किनारे चैसा घाट पर लावारिस पड़े कई शव देखें गए, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि करीब 30 से 40 शव गंगा के किनारे पड़ा हुआ था। घटना की जानकारी के बाद आला अधिकारियों की एक टीम पहुंची। कोरोना काल में एक साथ गंगा किनारे मिले इतने शव के बाद इलाके में सनसनी मची हुई है। .

घटना को लेकर बक्सर सदर के एसडीओ के.के. उपाध्याय ने बताया कि 10 से 12 शवों के मिलने की बात कही जा रही है, जहां इन शवों के संस्कार के निर्देश दिए हैं तथा मामले की छानबीन की जा रही है कि ये शव कहां से आए है। शवों के मिलने की जानकारी मिलते ही डीएम अमन समीर ने शाम को प्रेस वार्ता की, उन्होंने बताया कि ये सभी लाशें यूपी से बहकर यहां तक पहुंची हैं। डीएम ने कहा कि चैसा के महादेवा घाट के किनारे 30 शव मिले हैं।

जानकारी के अनुसार यूपी-बिहार की सीमा पर स्थित चैसा के पास गंगा में शवों की भरमार हो गयी ह। सोमवार को गंगा में उतराते हुए 30 शव मिलने से हड़कंप मच गया। चैसा के महादेवा घाट से रानी घाट तक गंगा किनारे ये सभी शव पानी में उतराते मिले। वहीं, इससे सटे यूपी के बारा घाट पर भी 16 शव गंगा में पानी के ऊपर उतराते मिले। इन शवों की दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुश्किल मुहाल हो गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि तकरीबन 100 से 150 लाशें अभी भी यहां तैर रही है। लेकिन प्रशासन ने इसे हटाने को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया है। लोगों ने कहा कि सीओ यहां आएं और हटाने की बात कहकर चल गए।

इधर, घटना के बाद बक्सर के कई घाटों पर सीसीटीवी लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि एक घाट पर सीसीटीवी लगाया भी जा चुका है। वहीं प्रशासन अब किसी भी तरह की रिस्क नहीं लेना चाहती है। 


Gujarat: कोरोना की दूसरी लहर के बाद बढ़ा ब्लैक फंगस, गुजरात में कई मरीजों ने गंवाई आंखों की रोशनी

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रविवार, 9 मई 2021

अहमदाबाद। गुजरात में कोविड - 19 को मात देने के बाद ब्लैक फंगस संक्रमण या म्यूकोरमाइकोसिस की वजह से आंखों की रोशनी गंवाने के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह दावा डॉक्टरों और अधिकारियों ने शनिवार को किया। सूरत स्थित किरण सुपर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के अध्यक्ष माथुर सवानी ने बताया कि कोविड-19 से तीन हफ्ते पहले ठीक हुए मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस (एक तरह का फंगल इंफेक्शन) का पता चला है।

100 से ज्यादा संक्रमण का शिकार

सवानी ने बताया, यह संख्या 50 तक पहुंच गई है, जबकि 60 और मरीज इसके इलाज का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि धर्मार्थ संस्था की ओर से संचालित उनके अस्पताल में सूरत और गुजरात के अन्य इलाकों से ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनमें म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण होने का पता चला है।

7 ने गंवाई आंख की रोशनी

इस समय 50 मरीजों का किरण अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज चल रहा है, जबकि 60 अन्य मरीज इलाज का इंतजार कर रहे हैं। वे सभी मरीज पिछले तीन हफ्ते में आए हैं। म्यूकोरमाइकोसिस से पीड़ित सभी मरीज हाल में कोविड-19 से ठीक हुए थे। उनके मुताबिक अब तक सात लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं।

दूसरी लहर के बाद ब्लैक फंगस का बढ़ा संक्रमण

रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर प्रभारी डॉ. केतन नाइक ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूरत सिविल अस्पताल में उनका इलाज करने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में आंख-कान-नाक के डॉक्टर देवांग गुप्ता ने बताया, यहां हमारे पास रोज पांच से 10 मरीज म्यूकोरमाइकोसिस के आ रहे हैं, खास तौर पर कोविड- 19 महामारी की दूसरी लहर के बाद। इन मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द से जल्द ऑपरेशन किया जा रहा है। 

5 में से 1 मरीजो में आंख की समस्या

उन्होंने बताया कि वर्कफोर्स, उपकरण, इंजेक्शन सहित तमाम संसाधन सरकार ने म्यूकोरमाइकोसिस मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा, पांच में से एक मरीज आंखों से जुड़ी समस्या लेकर आ रहा है। उनमें से कई अंधेपन का सामना कर रहे हैं। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने भी शुक्रवार को कहा था कि कोविड- 19 मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले आ रहे हैं।

गीले सतह पर पाए जाने वाले फंगस से संक्रमण

उन्होंने कहा था कि मुख्य तौर पर यह उनमें संक्रमण पाया जा रहा है जो शुगर से पीड़ित हैं लेकिन इसके ज्यादा मामले नहीं हैं। पॉल ने कहा था, फंगल इंफेक्शन कोविड-19 की बीमारी में पाया जा रहा है। यह म्यूकर नाम के फंगस के कारण होता है जो गीले सतह पर पाया जाता है। 

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस

महाराष्ट्र के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. तात्याराव लहाने का कहना है, म्यूकोरमाइकोसिस एक तरह का फंगल इंफेक्शन है, जो कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों के ठीक होने के बाद पाया जा रहा है। इस बीमारी में आंख या जबड़े में इंफेक्शन होता है, जिससे मरीज की जान जान सकती है। मरीजों को बचाने के लिए उनकी आंखें निकाल दी जाती हैं। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन की वजह से अब तक 8 मरीजों के आंखों की रोशनी जा चुकी है। यह एक घातक फंगल संक्रमण है। इलाज ना होने की सूरत में ये जानलेवा हो सकता है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गुजरात और महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टर लहाने के मुताबिक महाराष्ट्र में संक्रमण से पीड़ित 200 मरीजों का इलाज चल रहा है।


सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ऑक्सीजन आवंटन के लिए बनाई 12 सदस्यीय टास्क फोर्स, कई अस्पतालों के टॉप डॉक्टर्स शामिल

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शनिवार, 8 मई 2021

दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान विभिन्न अस्पतालों में हो रही ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को 12 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। जस्टिस डी. वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा बनाई गई। इस नेशनल टास्क फोर्स का काम पूरे देश में ऑक्सीजन का मूल्यांकन करने, जरूरत देखना और उसका आवंटन करना होगा। टास्क फोर्स में देशभर के नामी गिरामी अस्पतालों के प्रमुख डॉक्टरों को शामिल किया गया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं, मैनपावर और चिकित्सा देखभाल के मुद्दों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर एक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया भी प्रदान करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने जिस नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया है, उसमें शामिल 12 सदस्यों के नाम वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. भाभातोश बिस्वास, दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के चेयरपर्सन डॉ. देवेंद्र सिंह राणा, नारायणा हेल्थ केयर के चेयरपर्सन डॉ. देवीशेट्टी, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज यवेल्लोरद्ध के प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कांग, डॉ. जेवी पीटर, मेदांता अस्पताल के चेयरपर्सन डॉ. नरेश त्रेहन, फोर्टिस अस्पताल के डॉ. राहुल पंडित, सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. सौमित्र रावत, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलरी साइंस यदिल्लीद्ध के डॉ. शिव कुमारए मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. जरीर एफ, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव और नेशनल टास्क फोर्स के संयोजक जोकि सरकार में कैबिनेट सचिव स्तर का अधिकारी हैं।

पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है। इस वजह से विभिन्न राज्यों के हाई कोर्ट्स से लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पटना, इलाहाबाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन संकट को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को फटकार भी लगा चुका है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले दिनों सुनवाई के समय केंद्र को फटकार लगाई थी और दिल्ली को 700 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई रोजाना देने के लिए कहा था। 

कोर्ट ने कहा कि केंद्र को 700 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की यह सप्लाई तब तक जारी रखनी होगीए जब तक कि आदेश की समीक्षा नहीं की जाती है या कोई बदलाव नहीं होता। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए पिछले दिनों कहा था कि आप हमें कड़े फैसले के लिए मजबूर न करें। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है तो फिर सरकार आगे आकर देश को यह बताना चाहिए कि किस तरह से केंद्र सरकार की ओर से ऑक्सीजन का आवंटन किया जा रहा है।


Pune news: मां की लाश के साथ दो दिनों तक भूखा-प्यासा बिलखता रहा 1 साल का बच्चा, कोरोना के डर से किसी ने नहीं लगाया हाथ

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शनिवार, 1 मई 2021

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला की कोरोना से मौत हो गई। दो दिनों तक उसका शव घर में पड़ा रहा। शव के बगल में महिला का एक साल का बच्चा भी दो दिनों तक भूखा-प्यासा पड़ा बिलखता रहा लेकिन कोरोना के डर से महिला और उसके बच्चे को कोई हाथ लगाने नहीं आया। आखिर दो महिला पुलिस कॉन्स्टेबलों ने बच्चे को रेस्क्यु कराया और उसे अपने साथ ले आईं। 


मामला पिंपरी चिंचवड इलाके का है। पड़ोसियों को उसकी मौत के बारे में तब पता चला जब महिला के घर से दुर्गंध आने लगी। बदबू आने के बावजूद कोई कोरोना के डर से घर के पास नहीं गया। लोगों का दिल उस बच्चे के लिए भी नहीं पिघला जो मां की मौत के बाद वहां अकेले पड़ा था। 

बच्चों को पिलाया दूध और बिस्किट

घटना के बारे में सुशीला गाभले और रेखा वाजे नाम की दो कॉन्स्टेबल को पता चला। उन्होंने घर का ताला तोड़ा तो दंग रह गईं। बच्चा शव के बगल में लेटा था और भूख-प्यास से पस्त पड़ चुका था। दोनों कॉन्स्टेबल ने बच्चे को सबसे पहले उठाया और उसे दूध के साथ बिस्किट खिलाया। उसके बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया।

चाइल्ड केयर होम भेजा गया बच्चा

दिघी में तैनात दोनों कॉन्स्टेबल ने बच्चे का कोरोना टेस्ट करवाया। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। दिघी पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक मोहन शिंदे ने कहा कि बाल कल्याण समिति के निर्देशों के अनुसार, हमने बच्चे को सरकारी चाइल्ड केयर होम में भेज दिया है। 

बिसरा किया गया सुरक्षित

शिंदे ने कहा बच्चे की मां का नाम सरस्वती राजेश कुमार (29) था। उसकी मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा को रासायनिक विश्लेषण के लिए सुरक्षित किया गया है। पोस्टमॉर्टम से पता चला की महिला की मौत उसका शव मिलने से लगभग दो दिन पहले हो चुकी थी।

यूपी की रहने वाली थी महिला

शिंदे ने कहा कि सरस्वती के पति राजेश कुमार एक दैनिक मजदूरी करता है। लगभग छह महीने पहले, परिवार उत्तर प्रदेश से दिघी आया था और किराए के आवास में रह रहा था। पिछले महीने, महिला का पति कुछ निजी काम के लिए यूपी गया था। तब से, वह अपने बेटे के साथ यहां अकेली रह रही थी।

बच्चो को हाथ तक नही लगाया

पुलिस ने बताया कि घर में अंदर घुसने पर पुलिस ने महिला को मृत पाया। लेकिन उसका बेटा जीवित था। लोगों की संवेदनहीनता इतनी थी कि हमने पड़ोसियों से मदद मांगी लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। कोरोना के डर से किसी ने बच्चे को हाथ तक नही लगाया। तब दो महिला कॉन्स्टेबलों ने बच्चे को संभाला और उसे खाना खिलाया। वह अब ठीक हैं। महिला के पति को सूचना दे दी गई है। 

महाराष्ट्र में बढ़े केस - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा राज्य के कुछ हिस्सों में जल्द लागू होगा सख्त लॉकडाउन

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गुरुवार, 11 मार्च 2021

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि राज्य के कुछ हिस्सों में कोरोना को काबू में करने के लिए सख्त लॉकडाउन लगाया जाएगा। जानकारी के अनुसार नागपुर में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की जा चुकी है तो कई शहरों में नाइट कफ्र्यू लागू है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए गुरुवार को एक समाचार एजेंसी से चर्चा में ठाकरे ने कहा कि राज्य में हालात अभी नियंत्रण से बाहर नहीं हुए हैं। उन्होने कहा कि कुछ दिनों में हमें महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा, इस बारे में निर्णय जल्दी होगा। वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली है।

नागपुर में एक सप्ताह का लॉकडाउन

महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के चलते हालात दिन-ब-दिन भयावह होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने नागपुर में एक सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितिन राउत ने गुरुवार को इसका एलान करते हुए कहा कि शहर में 15 से 21 मार्च तक पूर्ण लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान आपात सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं रहेगी। 

पांच माह का टूटा रिकॉर्ड

महाराष्ट्र में कोरोना के पिछले महीने के कई रिकॉड्र्स टूटते जा रहे हैं। राज्य के कई जिलों में लगाई जा रहीं पाबंधियों के बीच बुधवार को कोरोना मामलों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली। राज्य में कुल 13,659 नए मामले मिले है। मरीजों की यह संख्या 7 अक्टूबर के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है। 7 अक्टूबर को 14,578 मामले आए थे। देश में अभी मिल रहे कुल मामलों में से 60 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र में मिल रहे हैं।

चीन से तनाव के बीच जवानों से मिलने लेह पहुंचे PM मोदी

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शुक्रवार, 3 जुलाई 2020


15 जून को गलवान घाटी में खूनी झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अचानक लेह पहुंच गए है। पीएम नरेंद्र मोदी जवानों और फिल्ड कमांडर के साथ बातचीत कर रहे है। इसके बाद पीएम मोदी कुछ लोकेशन पर जा सकते है और जमीनी हकीकत का जायजा ले सकते है। इसके साथ ही पीएम मोदी घायल जवनों से मुलाकात भी कर सकते है।

गौरतलब है कि भारत और चीन सीमा पर तनाव बरकरार है, चीन के बदले रूख के बाद भारतीय सेना ने करीब 45 हजार से अधिक जवानों को पूर्वी लद्दाख सीमा पर तैनात किया है। चीन की ओर से भी तैनाती बढ़ाई जा रही है। लाइन ऑफ एक्चुअल पर तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लेह दौरा कई बड़े संदेश देता है।

15 जून को गलवान में हुई थी झड़प

भारत और चीन की सेनाओं के बीच 15 जून की रात खूनी झड़प् हुई थी। गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास हुई इस झड़प् में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसमें कमांडिंग अफसर संतोष बाबू भी शामिल थे। इस खूनी झड़प् में कई चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे, लेकिन चीन की ओर से कोई अधिकारिक बयान नही जारी किया गया था।

क्यों हुई थी गलवान में झड़प

केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह के मुताबिक, गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास चीनी सैनिकों ने तंबू लगाए थे। भारतीय सेना ने चीन को पीछे हटने के लिए कहा था। चीनी सैनिकों ने वादा किया था कि वह पीछे चले जाएंगे, लेकिन वह नही गए। इसके बाद भारतीय सेना की एक टुकड़ी पीपी 14 पर चीनी सैनिकों से बात करने गई थी।  केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मुताबिक, जब भारतीय सैनिक पीपी 14 के पास पहुंचे थे तो वहां पर बड़ी संख्या में चीनी सैनिक इकट्ठा थे। बातचीन के दौरान ही अचानक चीनी सैनिकों ने तंबू में आग लग गई। इसके बाद दोनो देशो की सेनाएं आमने-सामने आ गई। यह खूनी झड़प् पूरी रात चलती रही।

दोनों देशो के बीच हो चुकी है तीन दौर की बातचीत

गलवान घाटी में झड़प के बाद दोनो सेनाओं के अधिकारियों के बीच दो दौर की बातचीत हुई है, इससे पहले 6 जून को बातचीत हुई थी, जिसमें चीनी सैनिक पीछे हटने के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन वह पीछे नही गए। नतीजन दोनो देशो के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई। गलवान झड़प् के बाद दोनो देशो के बीच दो दौर की सैन्य कमांडर स्तर पर बातचीत हुई। हर बातचीत में चीन पीछे हटने के लिए तैयार हो जाता है, लेकिन जमीन पर अपनी तैनाती को बढ़ाते जा रहा है। भारतीय सेना की ओर से भी मिरर तैनाती की जा रही है।

15 अगस्त को लाॅन्च हो सकती है कोरोना की देशी वैक्सीन

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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक अच्छी खबर आ रही है। 15 अगस्त को कोरोना वैक्सीन को वैक्सीन लाॅन्च हो सकती है। इस वैक्सीन को फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है। भारत बायोटेक और आईसीएमआर की तरफ से वैक्सीन लाॅन्चिंग संभव है।

हाल ही में कोवैक्सीन को ह्यूमन ट्रायल की इजाजत मिली है। आईसीएमआर की ओर से जारी लेटर के मुताबिक, 7 जुलाई से ह्यूमन ट्रायल के लिए इनरोलमेंट शुरू हो जाएगा। इसके बाद अगर सभी ट्रायल सही हुए तो आशा है कि 15 अगस्त तक वैक्सीन को लाॅन्च किया जा सकता है। सबसे पहले भारत बायोटेक की वैक्सीन मार्केट में आ सकती है।

इस लेटर को आईसीएमआर और सभी स्टेकहोल्डर (जिसमें  एम्स के डाॅक्टर भी शामिल है) ने जारी किया है। उनका कहना है कि अगर ट्रायल हर चरण में सफल हुआ तो 15 अगस्त तक कोरोना की वैक्सीन को 15 अगस्त तक आईसीएमआर फिलहाल अनुमान लगा रही है।

गौरतलब है कि बीते दिनों ही हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक ने दावा किया था कि उसे कोवैक्सीन के फेज- 1 और फेज- 2 के ह्यूमन ट्रायल के लिए डीसीजीआई से हरी झंडी भी मिल गई है। कंपनी ने यह भी कहा है कि ट्रायल का काम जुलाई के पहले हफ्ते में शुरू किया जाएगा। भारत बायोटेक का वैक्सीन बनाने में पुराना अनुभव है।

कोरोना की पहली देशी वैक्सीन तैयार, जुलाई में शुरू होगा ह्यूमन ट्रायल

भारत बायोटेक कंपनी ने पोलिया, रेबीज, रोटावायरस, जापानी इनसेफ्लाइटिस, चिकनगुनिया और जिका वायरस के लिए भी वैक्सीन बनाई है। ह्यूमन ट्रायल के लिए इनरोलमेंट की शुरूआत 7 जुलाई से हो सकती है, इसके बाद चरणवार ट्रायल सफल हुआ तो 15 अगस्त तक वैक्सीन लाॅन्च कर दी जाएगी।

India- China विवाद पर बोले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, बयान देने में सावधानी बरते PM Modi

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सोमवार, 22 जून 2020


नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गलवान घाटी में भारत के 20 सैनिकों की शहादत पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है, उन्होंने कहा की भारतीय सैनिको की शहादत व्यर्थ नहीं जाना चाहिए साथ ही पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साध है और उन्हें अपने शब्दों के चयन में सावधान होने की नसीहत दे दी। उन्होंने कहा कि इस समय एकजुट होकर हमें चीन के दुस्साहस का जवाब देना चाहिए। बता दें कि गत सोमवार की रात लद्दाख के गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन के 40 जवान मारे गए थे।
 

प्रवासी मजदूरों से बोले पीएम मोदी, रोजगार देने 50 हजार करोड़ किए जाएंगे खर्च

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शनिवार, 20 जून 2020



  1. पीएम मोदी ने किया गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ
  2. पीएम मोदी ने दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों से बातचीत की
  3. योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को मिलेगा 125 दिनों का कार्य 
  4. 6 राज्यों के 116 जिलों में लागू होगी गरीब कल्याण रोजगार योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरूआत करने से पहले प्रधानमंत्री ने लद्दाख में शहीद हुए जवानों की पराक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है, हर बिहारी को इसका गर्व होता है। जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम शुभारंभ के दौरान कई प्रवासी मजदूरों से कई महत्तवपूर्ण बातें कीं।

पीएम मोदी के भाषण की खास बातें


  • आप काम पर निकलें, लेकिन मेरा ये भी अनुरोध है कि जरूरी सावधानी भी रखें। मास्क लगाने का, गमछा या चेहरे को कपड़े से ढकने का, स्वच्छता का, और दो गज की दूरी के नियम का पालन करना न भूलें।



  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान से आपके इस आत्म सम्मान की सुरक्षा भी होगी और आपके श्रम से आपके गांव का विकास भी होगा। आज आपका ये सेवक, और पूरा देश, इसी सोच के साथ, इसी संकल्प के साथ आपके मान और सम्मान के लिए काम कर रहा है।



  • बीते छह वर्षों से लगातार चल रहे इन सभी प्रयासों का एक ही उद्देश्य है, हमारा गांव, हमारा गरीब अपने दम पर खड़ा हो, सशक्त हो।



  • हमारे किसी गरीब, मजदूर, किसान को किसी के सहारे की जरूरत ना पड़े! आखिर, हम वो लोग हैं जो सहारे से नहीं, श्रम के सम्मान से जीते हैं।



  • बिहार में मखाना है, लीची है, केला है! यूपी में आंवला है, आम है, राजस्थान में मिर्च है, मध्यप्रदेश की दालें हैं, ओडिशा-झारखंड में वनों की उपज है।



  • हर जिले में ऐसे अनेक लोकल उत्पाद हैं, जिनसे जुड़े उद्योग पास में ही लगाए जाने की योजना है



  • आपने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक और फैसले के बारे में सुना होगा! आपके गांवों के पास, कस्बों और छोटे शहरों में स्थानीय उपज से अलग अलग उत्पाद बने, पैकिंग वाली चीजें बने, इसके लिए उद्योग समूह बनाए जाएंगे।



  • आत्मनिर्भर भारत पैकेज में किसानों की फसल रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनें, किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जाए, इसके लिए भी एक लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की गई है।



  • जब किसान बाज़ार से जुड़ेगा, तो अपनी फसल को ज्यादा दामों पर बेचने के रास्ते भी खुलेंगे



  • अब किसान अपने राज्य के बाहर भी अपनी फसल बेच सकता है, और किसी भी बाजार में बेच सकता है! अब आप अपनी उपज का अच्छा दाम देने वाले व्यापारियों से, कंपनियों से सीधे जुड़ सकते हैं, उन्हें सीधे अपनी फसल बेच सकते हैं।



  • आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर किसान भी उतना ही जरूरी है। लेकिन इतने वर्षों से हमारे देश में कृषि और किसान को बेवजह के नियमों और कानूनों से बांधकर रखा गया था। आप सब किसान साथी जो उधर बैठे हैं, आप तो खुद ही इतने सालों से इस बेबसी को महसूस कर रहे होंगे।



  • पैसा ऊपर से चलता तो था, आपके नाम से ही चलता था, लेकिन आप तक आता नहीं था! अब ये सब बदल रहा है। आपको सरकारी दुकान से अनाज की दिक्कत न हो इसके लिए 'एक देश एक राशन कार्ड योजनाÓ भी शुरू की गई है।



  • सोचिए, अगर घर घर जाकर आपके जन धन खाते न खुलवाए गए होते, मोबाइल से इन खातों और आधार कार्ड को जोड़ा नहीं होता, तो ये कैसे हो पाता? पहले का समय तो आपको याद ही होगा।



  • आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से हुई थी। इस योजना पर कुछ ही सप्ताह के भीतर करीब-करीब पौने 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए। इन तीन महीनों में 80 करोड़ गरीबों की थाली तक राशन-दाल पहुंचाने का काम हुआ है।



  • आप श्रमेव जयते, श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आपको काम चाहिए, रोजगार चाहिए। इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने इस योजना को बनाया है, इस योजना को इतने कम समय में लागू किया है।



  • सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि कोरोना महामारी के इस समय में, आपको गांवों में रहते हुए किसी से कर्ज न लेना पड़े, किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। गरीब के स्वाभिमान को हम समझते हैं।



  • यही नहीं, आप सभी श्रमिकों, आप सभी के हुनर की मैपिंग की भी शुरुआत की गई है। यानि कि, गांव में ही आपके हुनर की पहचान की जाएगी, ताकि आपके कौशल के मुताबिक आपको काम मिल सके! आप जो काम करना जानते हैं, उस काम के लिए जरूरतमंद खुद आपके पास पहुंच सकेगा।



  • जो हमारी बहनें हैं, उनको भी स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वो अपने परिवार के लिए अतिरिक्त साधन जुटा सकें।



  • देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब गांव में, शहरों से ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल हो रहा है। गांवों में इटंरनेट की स्पीड बढ़े, फाइबर केबल पहुंचे, इससे जुड़े कार्य भी होंगे।



  • ये तो वो काम हैं जो गांव में होने ही चाहिए। लेकिन, इसके साथ-साथ इस अभियान के तहत आधुनिक सुविधाओं से भी गांवों को जोड़ा जाएगा। अब जैसे, शहरों की तरह ही गांव में भी हर घर में सस्ता और तेज इंटरनेट होना जरूरी है।



  • इसके तहत अलग-अलग गांवों में कहीं गरीबों के लिए पक्के घर भी बनेंगे, कहीं वृक्षारोपण भी होगा, कहीं पशुओं को रखने के लिए शेड भी बनाए जाएंगे।



  • पीने के पानी के लिए, ग्राम सभाओं के सहयोग से जल जीवन मिशन को भी आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा



  • अब जैसे, खगडिय़ा के तेलिहार गांव में आज से आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक शौचालय, ग्रामीण मंडी और कुआं बनाने का काम शुरू किया किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव की अपनी-अपनी जरूरतें हैं।



  • इन जरूरतों को अब गरीब कल्याण रोजगार अभियान के माध्यम से पूरा किया जाएगा



  • ये 25 काम या प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जो गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े हैं, जो गांव के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हैं।



  • ये काम अपने ही गांव में रहते हुए, अपने परिवार के साथ रहते हुए ही किए जाएंगे।



  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत आपके गांवों के विकास के लिए, आपको रोजगार देने के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं! इस राशि से गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पेहचान की गई है।



  • आप सोचिए, कितना टैलेंट इन दिनों वापस अपने गांव लौटा है। देश के हर शहर को गति और प्रगति देने वाला श्रम और हुनर जब खगडिय़ा जैसे ग्रामीण इलाकों में लगेगा, तो इससे बिहार के विकास को भी कितनी गति मिलेगी।



  • सरकारी स्कूल में रहते हुए, इन श्रमिकों ने अपने हुनर से, स्कूल का ही कायाकल्प कर दिया। मेरे श्रमिक भाई-बहनों के इस काम ने, उनकी देशभक्ति ने, उनके कौशल ने, मुझे इस अभियान का आइडिया दिया, प्रेरणा दी।



  • हमारा प्रयास है कि इस अभियान के जरिए श्रमिकों और कामगारों को घर के पास ही काम दिया जाए। अभी तक आप अपने हुनर और मेहनत से शहरों को आगे बढ़ा रहे थे, अब अपने गांव को, अपने इलाके को आगे बढ़ाएंगे।



  • मेरे श्रमिक साथियों, देश आपकी भावनाओं को भी समझता है और आपकी जरूरतों को भी। आज खगडिय़ा से शुरू हो रहा गरीब कल्याण रोजगार अभियान इसी भावना, इसी जरूरत को पूरा करने का बहुत बड़ा साधन है।



  • आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज गरीब के कल्याण के लिए, उसके रोजगार के लिए एक बहुत बड़ा अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान समर्पित है हमारे श्रमिक भाई-बहनों के लिए, हमारे गांवों में रहने वाले नौजवानों-बहनों-बेटियों के लिए।



  • वैसे मुझे बताया गया है कि परसो से पटना में कोरोना टेस्टिंग के एक बड़ी आधुनिक टेस्टिंग मशीन भी काम शुरू करने वाली है। इस मशीन से करीब-करीब 1500 टेस्ट एक ही दिन में करने संभव होंगे।



  • कोई पीठ थपथपाए या न थपथपाए, मैं आपकी जय-जयकार करता हूं। आपने अपने हजारों-लाखों लोगों को कोरोना से बचाने का पुण्य किया है। मैं आपको नमन करता हूं



  • लेकिन इसमें भी ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी वर्कर, आशावर्कर्स, जीविका दीदी, इन सभी ने बहुत बेहतरीन काम किया है। ये सभी वाहवाही के पात्र हैं, प्रशंसा के पात्र हैं।



  • इतनी बड़ी जनसंख्या का कोरोना का इतने साहस से मुकाबला करना, इतनी सफलता से मुकाबला करना, बहुत बड़ी बात है। इस सफलता के पीछे हमारे ग्रामीण भारत की जागरुकता ने काम किया है।



  • ये जनसंख्या यूरोप के सारे देशों को मिला दें, तो भी उससे कहीं ज्यादा है। ये जनसंख्या, पूरे अमेरिका को मिला दें, रूस को मिला दें, ऑस्ट्रेलिया को मिला दें, तो भी उससे कहीं ज्यादा है।



  • सोचिए, छह लाख से ज्यादा गांवों वाला हमारा देश, जिनमें भारत की दो-तिहाई से ज्यादा आबादी, करीब-करीब 80-85 करोड़ लोग जहां रहते हैं, उस ग्रामीण भारत में कोरोना के संक्रमण को आपने बहुत ही प्रभावी तरीके से रोका है।



  • कोरोना का इतना बड़ा संकट, पूरी दुनिया जिसके सामने हिल गई, सहम गई, लेकिन आप डटकर खड़े रहे। भारत के गावों में तो कोरोना का जिस तरह मुकाबला किया है, उसने शहरों को भी बहुत बड़ा सबक दिया है। 



  • इस दौरान जो जहां था वहां उसे मदद पहुंचाने की कोशिश की गई। हमने अपने श्रमिक भाई-बहनों के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेनें भी चलाईं ! वाकई, आपसे बात करके आज आपकी ऊर्जा भी महसूस कर रहा हूं।



  • मजदूरों से बात करने के बाद पीएम मोदी ने कहा, आज आप सभी से बात करके कुछ राहत भी मिली है और संतोष भी मिला है। जब कोरोना महामारी का संकट बढऩा शुरू हुआ था, तो आप सभी, केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों की चिंताओं में बने हुए थे।



  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत पीएम मोदी ने देश के दूसरे राज्यों से लौटे मजदूरों से बात की। पीएम मोदी ने दिल्ली से बिहार लौटी स्मिता कुमारी के विचारों को सुना और उनसे बातचीत की। पीएम मोदी ने हरियाणा से लौटे जर्नादन शर्मा से बातचीत की।



  • गरीब कल्याण योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को 125 दिनों का कार्य मिलेगा। इसे देश के राज्यों के उन जिलों में संचालित किया जाएगा, जिनमें प्रवासी कामगारों संख्या 25 हजार से अधिक है।  



  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान को फिलहाल छह राज्यों के 116 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडि़शा शामिल हैं। अभियान में रोजगार एवं अवस्थापना सृजन के तहत 25 प्रकार के काम कराए जाएंगे। इस योजना पर 50 हजार करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।

कोविड-19, विटामिन डी की कमी पाए जाने वाले 99 फीसद संक्रमितों की मौत

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नई दिल्ली। विश्व में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना से दुनिया में साढे चार लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन परिस्थितियों में एक विश्लेषण ने चौंकाने वाले नतीजे पेश किए हैं। डेलीमेल के अनुसार इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने 780 लोगों के विश्लेषण के जरिए बताया है कि इससे मरने वालों में से 99 फीसद लोग ऐसे थे, जिनमें विटामिन डी की कमी पाई गई है। नतीजों के अनुसार, इन परिस्थितियों में पोषक तत्व धूप जीवन रक्षक हो सकती है।

यूरोपीय देशों में कम विटामिन डी, अधिक मौतें - कैम्ब्रिज में एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय ने पाया कि कम विटामिन डी के स्तर वाले यूरोपीय देशों में महामारी के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है। वहीं ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट एंड केयर एक्सीलेंस इस मुद्दे की समीक्षा आयोजित कर रहा है, जिसका प्रकाशन अगले महीने हो सकता है।

विटामिन डी की कमी खतरनाक - इस विश्लेषण के मुताबिक, यदि व्यक्ति के शरीर में 20 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर से कम विटामिन डी पाया जाता है तो कोरोना वायरस से संक्रमित 98.9 फीसद लोगों की मृत्यु हो जाती है। हालांकि जिन रोगियों के पास पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया गया, उनकी मौत का आंकड़ा सिर्फ 4.1 फीसद था। यह बताता है कि विटामिन डी की न्यून मात्रा कोरोना संक्रमित व्यक्ति के लिए घातक परिणाम देने वाली हो सकती है।

विटामिन डी ऐसे करता है प्रभावित 
आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होता है तो आपकी हड्डियां पतली और कमजोर होने लगती हैं। साथ ही यह इंसुलिन प्रतिरोध, उच्च रक्तचाप और इम्युन सिस्टम को सुचारू रखने में भूमिका निभाता है। साथ ही यह कैंसर और हृदय रोगों में भी प्रभावी होता है, हालांकि इस पर शोध जारी है।

अन्य अध्ययनों के भी मिलते-जुलते परिणाम 
लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एड्रियन मार्टिनों ने एक परीक्षण के माध्यम से बताया है कि जीवनशैली के कुछ कारक जिनमें विटामिन डी का स्तर भी शामिल है, वायरस के प्रति संवेदनशीलता को प्रभावित करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि श्वसन संक्रमण में विटामिन डी की दवा के बारे में सोचा जा सकता है। वहीं सर्रे विश्वविद्यालय के मुताबिक, विटामिन डी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह चमत्कारिक नहीं है, क्योंकि इसका प्रमाण स्पष्ट नहीं है।

है कई और सवाल भी 

घटता विटामिन डी, बढ़ते संक्रमित (प्रति 10 लाख पर कोविड-19 संक्रमण मामले) इंडोनेशिया में सामने आया यह अध्ययन किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या फिर कोविड-19 रिसर्च से नहीं जुड़ा है। सभी पांच शोधकर्ता जिनका नेतृत्व प्राबोवो रहारुसुना करते हैं, स्वतंत्र शोधकर्ता हैं। साथ ही उनकी वैज्ञानिक पृष्ठभूमि के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। यह रिसर्च अप्रैल में प्रकाशित हुई थी, जिसकी समीक्षा की जानी है। टीम ने पाया कि विटामिन डी की कमी वाले रोगियों की उम्र, लिंग और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखते हुए मृत्यु की संभावना 10 फीसद अधिक थी।

सूर्य की रोशनी से बढ़ाएं विटामिन डी 

विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत सूर्य की रोशनी है। यदि आप अपने भोजन में विटामिन डी का बेहतर स्त्रोत नहीं ढूंढ पा रहे हैं तो आपके लिए सूर्य की रोशनी से बेहतर कुछ नहीं है। कुछ देर धूप में रहने से विटामिन डी के साथ ही कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। सूर्य की रोशनी से शरीर अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आता है और यह शरीर में विटामिन डी की पूर्ति करता है। धूप के अतिरिक्त विटामिन डी की पूर्ति के सबसे अच्छे स्रोतों में ऑयली फिश, अंडा, दूध और कुछ प्रकार के मशरूम शामिल किए जाते हैं।

पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में भेजा जासूसी ड्रोन, बीएसएफ ने मार गिराया

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जम्मू-कश्मीर। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बॉर्डर पार से भारतीय सीमा में रेकी करने के मकसद से भेजे गए पाकिस्तानी ड्रोन को बीएसएफ ने मार गिराया है। हीरानगर सेक्टर के रठुआ गांव में सुबह पांच बजे के करीब इसे जवानों के द्वारा देखा गया। जिसके बाद जवानों ने ड्रोन को मार गिराया। बताया जा रहा है कि ड्रोन में कुछ हथियार भी बंधे हुए थे।

अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के साथ एक राइफल, दो मैगजीन, 60 राउंड और सात ग्रेनेड बंधे हुए थे, जिन्होने जब्त कर लिया है।

बतो दें कि पाकिस्तानी आतंकियों को कश्मीर में सक्रिय रखने के लिए इस तरह से हथियारों की आपूर्ति कर रहा है, ताकि घाटी में हिंसक घटनाएं होती रहे। हालांकि, भारतीय सेना ने अंतकियों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है, ताकि शांति एवं कानून-व्यवस्था को बिगाड़ा न जा सकेँ सीमा पर होने वाली छोटी से छोटी हरकत पर सेना की कड़ी नजर बनी हुई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कुपवाड़ा, राजौरी और जम्मू सेक्टर में इस तरह की हथियारों की तस्करी करने की कोशिश का भंड़ाफोड़ कर चुकी है। ड्रोन गिराए जाने की घटना के बारे में अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ के एक गश्ती दल ने सुबह करीब पांच बजकर 10 मिनट पर सीमा चौकी पंसार क्षेत्र में आसमान में एक ड्रोन को मंडराते देखा। बीएसएफ जवानों ने 9 गोलियां चलाई और ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में 250 मीटर अंदर की ओर मार गिराया।

पाकिस्तान पिछले समय से ड्रोन की काफी इस्तेमाल कर रहा है। कुछ दिनों पहले पंजाब में भी सीमा पर एक ड्रोन को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। इधर एलओसी पर भी पाक की ओर से पिछले कुछ दिनों से लगातार फायरिंग हो रही है। इससे एलओसी पर माहौल लगातार तनावपूर्ण है। दरअसल, पाकिस्तान इन दिनों इसलिए भी बौखलाया हुआ है, क्योंकि सेना ने जम्मूल- कश्मीर से आतंकियों का सफाया करने का अभियान छेड़ा हुआ है। बीते कुछ घंटो में ही 8 आंतकी जम्मू- कश्मीर में मारे जा चुके है। 

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अस्पताल में भर्ती, आज आएगी कोरोना की जांच रिपोर्ट

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मंगलवार, 16 जून 2020



नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन को पूर्वी दिल्ली स्थित राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने सोमवार को तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। लक्षणों के आधार पर सत्येंद्र जैन को कोरोना वायरस संक्रमित होने की आशंका जताई गई है।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सत्येंद्र जैन को अस्पताल की सांतवीं मंजिल पर कमरे में भर्ती किया गया है, जहां पर उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कोरोना जांच के लिए लिया गया सैंपल

अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल भेजा गया है। इसकी जांच रिपोर्ट शाम तक आने के आसार है। बता दें कि ठीक एक सप्ताह पहले मंगलवार को ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें वह नेगेटिव पाए गए थे। यहां पर बता दें कि सत्येंद्र जैन शुगर के पीड़ित भी है, ऐसे में इलाज के दौरान खास सावधानी बरती जा रही है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के एक निजी सचिव सहित उनके कार्यकाल के 4 लोग अब तक कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके है।

पूर्व में नेगेटिव आ चुकी है कोरोना की जांच रिपोर्ट

बताया जा रहा है कि सत्येंद्र जैन ने कुछ दिन पहले कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करवाई थी, जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। बता दें कि रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई अहम बैठक में सत्येंद्र जैन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप राज्यपाल अनिल बैजल के साथ भाग लिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ और लोगों की जांच करवाई जा सकती है।

पाकिस्तानः इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी लापता

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सोमवार, 15 जून 2020


इस्लामाबाद

भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के साथ काम करने वाले दो भारतीय अधिकारी करीब 3 घंटे से लापता है। इन अधिकारियों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि भारत ने अधिकारियों के लापता होने के मुद्दे को पाकिस्तान सरकार से उठाया है। इससे पहले नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायोग में काम करने वाले दो अधिकारियों को जासूसी के आरोप में भारन ने पकड़ा था। इसे बाद से ही दोनो देशों के बीच तनाव गहरा गया है।

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के दो ड्राइवर ड्यूटी पर बाहर गए थे, लेकिन वे अपने निष्चित स्थान तक नहीं पहुंचे है। ऐसे में आषंका जताई जा रही है कि कहीं उनका अपहरण तो नही कर लिया गया है। दोनों ही ड्राइवरों की तलाश की जा रही है। भारत ने पाकिस्तान सरकार को इन ड्राइवरों के लापता होने की सूचना दे दी है।

भारतीय राजनयिकों और दूसरे स्टाॅफ के लिए हालात मुश्किल 

पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी के बाद इस्लामाबाद में काम कर रहे भारतीय राजनयिकों और दूसरे स्टाॅफ के लिए हालात मुश्किल और खतरनाक होने की  आशंका पैदा हो गई है। इस बीच भारत की कोशिस है कि वहां काम कर रहे भारतीयों के लिए कोई परेशानी खड़ी न हो। माना जा रहा है कि अपने अधिकारियों के पकड़े जाने से बौखलाया पाक अब वहां काम कर रहे भारतीयों को फंसाने की फिराक में है। दोनो अधिकारियों के लापता होने से यह आशंका और ज्यादा बढ़ गई है। भारत के उच्चायोग के लिए सामान्य तरीके से काम करना दूभर होता जा रहा है। भारतीय राजनयिकों का छिप-छिपकर पीछा किया जा रहा है और उन पर नजर रखी जा रही है। इसे लेकर भारत ने पाकिस्तान के पास शिकायत दर्ज कराई है।

समझौतें का उल्लंघन कर रहा पाक

सरकार ने पाकिस्तान को नोट लिया है और उसे चेतावनी दी है कि उसका यह व्यवहार बिएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशन्स, 1961 और बाइलेटरल 1992 कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है जो दोनेा देशों ने राजनयिकों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए साइन किए थे। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि भारतीय उच्चायोग और उसके स्टाॅफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें विएना कन्वेन्षन के मुताबिक काम जारी रखने की इजाजत दी जाए।

31 मई को पकड़े गए थे अधिकारी

कोरोना वायरस के चलते वैसे ही काम रूका हुआ है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों के लिए बिना पीछा किए गए बाहर निकलना मुश्किल हो चुका है। 31 मई को नई दिल्ली में पाकिस्तानी अधिकारियों को पकड़ा गया था। उसके बाद से भारतीय अधिकारियों पर सर्विलांस शुरू कर दिया गया है। भारत के प्रभारी गौरव अहलूवालिया को भी डराया गया और उन पर नजर रखी गई है।

खुद को भारतीय बताकर करते थे जासूसी

दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमिशन के दो अधिकारियों को जासूसी करते रंगे हाथो पकड़ा गया था। आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन पाकिस्तान हाई कमिषन के वीजा सेक्षन में काम करते थे। सूत्रों के मुताबिक दोनों को एक भारतीय से संवेदनशील दस्तावेज हासिल करते हुए पकड़ा गया था। दोनों दिल्ली की सड़कों पर खुलेआम घूमते थे और जासूसी करते थे, लेकिन फर्जी आईडी बनाकर खुद को भारतीय बताते थे। पकड़े जोन के 24 घंटे बाद ही दोनो पाकिस्तान लौट गए थे।

बीजिंग के होलसेल मार्केट से फिर फैला कोरोना, 54 नए मरीज, 10 शहरों में अलर्ट

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चीन की राजधानी बीजिंग में कोरोना वायरस के नए क्लस्टर मिलने के बाद उसके आसपास की 10 जगहों पर लाॅकडाउन लागू कर दिया गया है। असल में, चीन की राजनधानी बीजिंग में कोरोना वायरस की फिर वापसी देखने को मिली है, जहां 8 नए केस मिले है। कोरोना संक्रमण के नए मामलों के मिलने के साथ ही पिछले कुछ दिनों में बीजिंग में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। ये कोरोना संक्रमण के सभी केस सब्जी मंडी और मीट सप्लाई के थोक बाजार से जुड़े हुए है।

बहरहाल, विशेषज्ञों का अनुमान है कि अक्टूबर से शुरू होने वाली सर्दियों के दौरान चीन में कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है। बीजिंग सेंटर फाॅर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (बीजिंग सीडीसी) ने कहा है कि दोबारा कोरोना वायरस फैलाव की वजह जीनोम अनुक्रमण है, जिसके कारण चीन की राजधानी में कोरोना के नए केस थोक बाजार में मिले है। ये सभी केस यूरोप से आयातित है।

कोरोना के नए मामलों के साथ चीन में कुल केसों की संख्या शनिवार से लेकर अब तक 74 हो गई है। चीन में अप्रैल में कोरोना के संक्रमण पर काबू पा लिए जाने के बाद अब तक सामने आए मामलों में यह सबसे अधिक है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के अधिकारियों ने बताया कि 57 नए कोरोना केस की पुष्टि की गई है जिनमें 9 असिम्प्टोमटिक केस है। बीजिंग म्यूनिसपल काॅरपोरेशन ने रविवार को बताया कि राजधानी में आठ नए मामले सामने आए है।

चूंकि बीजिंग के सभी नए मामले दक्षिण बीजिंग के फेग्ताई जिले के शिनफादी बाजार से जुड़े हुए है, इसलिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसे लोगों से अपील की है कि जो 30 मई से बाजार गए हैं वो न्यूक्लिक एसिड टेस्ट करा लें।

बीजिंग के स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता, गाओं जिओजन ने रविवार को मीडिया को बताया कि बीजिंग के सभी अस्पतालों में न्यक्लिक एसिड और एंटीबाॅडी टेस्ट, सीटी स्कैन और जिन्हें बुखार है उनके नियमित रक्त टेस्ट के आदेष दिया गया है।

फिलहाल, कोरोना मामलों में अचानक वृद्धि से चीन चिंतित है, माना जा रहा है कि चीन कोविड 19 के पलटाव की कगार पर हो सकता है, विषेषज्ञों का अनुमान है कि अक्टूबर से शुरू होने वाली सर्दियों के दौरान चीन में कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है।

नेपाल की संसद में भारतीय क्षेत्र को शामिल करने वाले नए नक्शे को किया पारित

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शनिवार, 13 जून 2020


काठमांडू। नेपाल की संसद में शनिवार को उस नए नक्शे को पारित कर दिया जिसमें भारतीय क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। मानचित्र को अपडेट करने के लिए एक संविधान संशोधन बिल पर मतदान करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। सदन में 257 सदस्यों में से 258 सदस्य मौजूद रहे और सभी ने नए नक्शे के पक्ष में वोट डाला। इसके विरोध में एक भी वोट नहीं डाला गया। इस मानचित्र में पहाड़ी पर स्थित भारत के कुछ हिस्सों को नेपाल ने अपना बताया है। भारत की ओर से इस मानचित्र को लेकर आपत्ति जताई जा चुकी है। समाचार एजेंसी ने संसद के प्रवक्ता रोजनाथ पांडेय के हवाले से कहा कि प्रतिनिधि सभा के समक्ष संषोधन बिल को चर्चा के लिए रखा है। चर्चा समाप्त होने के बाद इस पर वोटिंग की जाएगी।


उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सदन में इस बिल को वोटिंग के लिए आज रखने पर काम चल रहा है। पिछले महीने नेपाल की सत्ताधारी पार्टी ने इस मानचित्र को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा था कि यह कदम एक तरफा है और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नही है। विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने कहा कि वह इस संषोधन के पक्ष में मतदान करेगी।


नेपाली संसद में देश के नए मानचित्र संबंधी संविधान संशोधन पर मतदान होने के पहले भारत ने मैत्रीपूर्ण लहजे में बृहस्पतिवार को कहा था की वह नेपाल के साथ अपने दोस्ताना संबंधों को गहरी अहमियत देता है। भारत की कड़ी आपत्ति जताई है और बार-बार कहा है कि यह तीनों उसके हिस्से है।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा हमने इन विषयों पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है, भारत नेपाल के साथ अपने सांस्कृतिक और दोस्ताना संबंधो को गहरी अहमियत देता है। श्रीवास्तव ने कहा हमारी बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी में हाल के वर्षो में विस्तार हुआ है और विविधता आई है इसके साथ ही भारत की सहायता से मानवीय विकास और संपर्क परियोजनाअेां पर ध्यान केेंद्रित किया गया है।

इस सप्ताह की शुरूआत में नेपाली संसद ने एकमत से उस प्रस्ताव को समर्थन दिया था जिसके तहत संविधान संशोधन विधेयक द्वारा नए मानचित्र को स्वीकृत मिलनी हे।

इस बीच, नेपाल को लेकर आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने शनिवार की सुबह कहा कि नेपाल के साथ हमारे संबंध मजबूत है। हमारे बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक जुड़ाव है। हमारे लोगों के बीच आपसी संबंध बहुत मजबूत है। नेपाल के साथ हमारे संबंध हमेशा मजबूत रहे है और भविष्य में भी मजबूत रहेंगे।

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