पन्ना। गत 11 दिसम्बर को पवई में एक कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या संबंधी वकत्व्य दिये जाने को लेकर विभिन्न धाराओं के तहत पवई थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिन्हें 13 दिसम्बर की सुबह लगभग 7 बजे दमोह जिले के हटा से उन्हें गिरफ्तार कर पन्ना पुलिस ले आई। जिन्हें पवई न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जहां से न्यायालय द्वारा उनका जमानत आवेदन निरस्त कर जेल भेजने का आदेश दिया। जिस पर उन्हें पवई उप जेल भेज दिया गया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्ता ने बताया कि फरियादी संजय कुमार खरे उपयंत्री एवं प्रभारी एसडीओ लोक निर्माण विभाग पवई ने 12 दिसम्बर को थाना पवई पर उपस्थित होकर इस आशय का लिखित आवेदन पेश किया कि राजा पटेरिया निवासी हटा जिला दमोह के द्वारा 11 दिसम्बर की दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच पीडब्लूडी के पवई स्थित विश्राम गृह में अल्प प्रवास के नाम पर कांग्रेस कार्यकर्ताओे की मीटिंग में अचानक से उठकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की बात कर आपराधिक अभित्रास कर तथा धर्म जाति भाषा के आधार पर एवं दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के बीच घृणा, शत्रुता अथवा वैमनस्य की भावना भड़काया जिससे लोक शांति भंग होकर भय एवं संत्रास कारित किया गया। फरियादी की उक्त लिखित आवेदन के आधार पर राजा पटेरिया के विरूद्ध धारा 451, 504, 505(1-बी), 505(1-सी), 506, 153-बी(1सी) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। राजा पटेरिया को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पवई, जिला पन्ना के न्यायालय मे शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहा. जिला अभियोजन अधिकारी, पन्ना द्वारा जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय के समक्ष निवेदन किया गया कि पूर्व मंत्री द्वारा भारत के प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या का दुष्प्रेरण कर रहे है एवं राष्ट्रीय अंखण्डता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वालेे वकतव्य दे रहे है जो कि एक बहुत ही गंभीर प्रकति का अपराध है जो उपरोक्त धाराओं के अतिरिक्त धारा 115, 117 भादवि के तहत भी एक गंभीर अपराध है मामले में हत्या का दुष्प्रेरण भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदर्भ में किया जा रहा था इसलिए ऐसी स्थिति में यह अन्वेषण का विषय है कि ऐसे षड्यंत्र में और अन्य कौन-कौन व्यक्ति शामिल है। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी राजा पटेरिया की जमानत आवेदन को निरस्त कर उन्हे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
Panna News : पूर्व मंत्री राजा पटेरिया की जमानत आवेदन निरस्त, भेजे गये जेल
कोई टिप्पणी नहींमंगलवार, 13 दिसंबर 2022
दिसंबर 13, 2022
न्यूज अनूपपुर जिले के पाठको के लिए ऑनलाइन प्रकाशन है। जो की बहुत कम समय में यह जिले का सबसे लोकप्रिय हिन्दी न्यूज पोर्टल के रूप में जाना जाने लगा है, वहीं अब ये अपनी लगातार प्रतिष्ठा बरकरार रखे हुए है। जिसका उद्देश्य देश और दुनिया की खबरें भी अपने पाठकों तक पहुंचाने का पूरा प्रयास कर रहा है।
Panna News : जंगल में मिला फंदे में फसा टाइगर का शव, वन विभाग एवं टाइगर रिजर्व में मचा हडकंप
कोई टिप्पणी नहींबुधवार, 7 दिसंबर 2022
दिसंबर 07, 2022एसटीएफ करेगी मामले की जांच,
पन्ना। जिले की संभवतः यह पहली घटना है जब किसी टाइगर की तार के फांसी के फंदे में फंसकर मौंत हुई, जिससे टाईगर रिजर्व में के गश्ती पर सवाल खड़ा हो गया है।इसी का परिणाम हैं कि बाघ के फांसी के फंदे में मौंत के पांच दिन बाद देखा जा सका। एक वर्ष के दौरान चार बाघों की मौंत हो चुकी है। इसी कडी में एक आज आश्चर्यजनक घटना घटी है, जिसमें उत्तर वन मंडल के तिलगुंवा बीट में पेड़ में फांसी लगने से एक वयस्क टाइगर की मौत हो गई स्वस्थ्य शरीर के इस बाघ की क्लच वायर से एक पेड़ से लाश लटकी हुई मिली है। जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जिले उत्तर वन मंडल क्षेत्र के विक्रमपुर में नर्सरी के पास एक पेड़ से टाइगर पेड़ में लटका हुआ मिला है आखिर टाइगर की फांसी लगने से कैसे मौत हुई यह सब लोग देखकर आश्चर्यचकित हैं वन विभाग और पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंचकर टाइगर के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई एवं पीएम किया गया। जानकारी के अनुसार कि यह लाश 4 से 5 दिन पुरानी बताई जा रही है हालांकि घटना की सूचना वन विभाग को 6 दिसंबर की शाम मिल गई थी। वन विभाग की टीम रात भर जंगल में सर्चिंग करती रही पर अभी तक कुछ पता नहीं चला इस संदिग्ध बेहद संगीन मामले की वन विभाग जांच करने में लग गया है उत्तर वन मंडल के पन्ना रेंज अंतर्गत विक्रमपुर की तिलगवा बीट फांसी के फंदे से लटका मिला। मौके पर मुख्य वन संरक्षकए छतरपुर की उपस्थिति में घटना स्थल पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरणए नई दिल्ली द्वारा जारी गाइडलाइन अनुसार डॉग स्क्वाड की सहायता से छानबीन एवं एसओपी अनुसार शव परीक्षण एवं अनुसंधान की कार्यवाही की जा रही है। मौके पर टाइगर स्ट्राइक फोर्स शिवपुरी का दल भी घटनास्थल पर उपस्थित होकर शिकार में संलिप्त शिकारियों की छानबीन कर रहा है। डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल की छानबीन करने पर लगभग 2 किण्मीण् दूर कृषक इन्दल सिंह पिता नत्थू सिंहए साकिन विक्रमपुर एवं नेपाल सिंह पिता अर्जुन सिंहए साकिन विक्रमपुर की कृषि भूमि पर शिकार में उपयोग किये गये लकड़ी के खूंटे एवं क्लच वायर जप्त कर संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए सीसीएफ छतरपुर संजीव झा ने बताया कि यह प्रारंभिक रूप से शिकार का मामला लग रहा है हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं उन्होंने कहा कि एसटीएफ को यह मामला सौंप रहे हैं जब उनसे पूंछा गया कि कौन से टाइगर की मौंत हुई है यह जांच उपरांत पता चल सकेगा कि यह कौन सा टाइगर था। डॉक्टर संजीव गुप्ता सुबह मौके पर पहुंचे और पूरे पहलुओं की जांच करते हुए उन्होंने पोस्टमार्टम किया और मौत के कारणों को जानने का प्रयास किया आखिर बाघ की मौत कैसे हुई है और शिकार किया गया है तो किस तरह से हुई।
टाइगर रिजर्व से बाहर जाने के बाद मौंत का सिलसिला जारीः. कुछ समय पूर्व सतना जिले में पन्ना जिले के टाइगर हीरा की मौंत भी शिकार हुई थी जिसकी जांच में लीपापोती करते हुए उस मामले में रफा दफा कर दिया। ऐसा ही इस 2 वर्ष के युवा बाघ के साथ हुआ जो पन्ना के ही उत्तर बन मंडल में मारा गया इससे पहले एक बाघ की चित्रकूट में मझगवां में शिकार कर गायब करने की कोशिश की गई थी। वर्ष 2009 में बाघ विहीन होने के बाद बाघ पुनर्स्थापना के बाद लगातार बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है आज लगभग बाघों की कुल संख्या 75 पहुंच चुकी है।
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