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Anuppur News: शासकीय नौकरी पाने बनवाया गया फर्जी जाति प्रमाण-पत्र

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जाति प्रमाण पत्र में पति ही बन गया पिता, मामला उत्कृष्ट कोतमा के शिक्षिका का

इंट्रो- कोतमा विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका द्वारा फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर म.प्र. के अनुसूचित जाति के कोटे से शासकीय नौकरी व संविलियन का लाभ लिया गया। जिसकी शिकायत होने के बाद पूरे मामले की जांच सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग अनूपपुर द्वारा जांच जा रही है, जहां जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। जिसमें फर्जी तरीके से बनवाए गए अनुसूचित जाति के प्रमाण-पत्र में शिक्षिका द्वारा अपने ही पति को पिता बना लिया गया, जिसका शपथ पत्र स्वयं उनके पति प्रभारी बीडीओं अनूपपुर द्वारा दिया गया है। जो सुनियोजित षड्यंत्र व अपराधकारिता की श्रेणी में आता है।

अनूपपुर। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कोतमा की माध्यमिक शिक्षिका अनीता वर्मा द्वारा शासकीय नौकरी एवं संविलियन का लाभ लेने अपनी जाति ही को बदलते हुए एसडीएम कार्यालय अनूपपुर से ऑनलाईन फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी एवं संविलियन का लाभ लिया गया। इतना ही नही उन्होने जाति प्रमाण पत्र में अपने पति प्रभारी बीडीओं अनूपपुर लाल बहादुर वर्मा को ही अपना पिता बना लिया है। जिसकी शिकायत आदिम जाति कल्याण विभाग से की गई और उक्त प्रकरण की जांच सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग पी.एन. चतुर्वेदी द्वारा की जा रही है।

जाति प्रमाण पत्र में पति बन गया पिता

जानकारी के अनुसार अनिता प्रजापति मूलत: छत्तीसगढ़ निवासी है, जहां वे ओबीसी में आते है, जिनकी शादी जमुना निवासी लाल बाहदुर वर्मा के साथ हुई। जबकि म.प्र.में प्रजापति अनुसूचित जाति में आते है। जिसका फायदा उठाते हुए अनीता प्रजापति द्वारा फर्जी जाति प्रामण पत्र बनवाते हुए म.प्र. में अनुसूचित जाति कोटे से संविदा वर्ग-2 में भर्ती हुई, इतना ही नही उन्होने संविलियन में भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र का सहारा लिया गया तथा वर्ष 2018 में एसडीएम कार्यालय अनूपपुर से ऑनलाईन फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया और फर्जी जाति प्रमाण पत्र में शिक्षिका अनिता प्रजापति ने अपने ही पति लाल बहादुर वर्मा को अपना पिता दर्शा दिया।

पूरे खेल में पति भी शामिल

अनूपपुर प्रभारी बीईओं व मूल पद प्रधान अध्यापक लाल बहादुर वर्मा ने अपनी पत्नी अनीता वर्मा को म.प्र. के अनुसूचित जाति के कोटे से शासकीय नौकरी एवं संविलियन का लाभ दिलाने के लिए उनकी फर्जी जाति प्रमाण पत्र जारी करवाने में शपथ पत्र भी दिए है। जहां पत्नी की अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खुद ही अपनी पत्नी के पिता बन बैठे। जबकि जांच के दौरान अनीता वर्मा के आधार कार्ड में पिता का नाम बनवारी लाल प्रजापति है। लेकिन कुटरचित दस्तावेजों के माध्यम से प्रभारी बीईओं लाल बहादुर वर्मा ने अपनी पत्नी की जाति ओबीसी से बदलते हुए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र निकलवा कर शासकीय नौकरी में लाभ दिलाया गया है।

इनका कहना है

शिकायत मिली है, मामले की जांच की जा रही है, दस्तावेजों का परीक्षण कराया जाकर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

पी.एन. चतुर्वेदी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अनूपपुर

Anuppur News: गोविंदा कॉलोनी में रेस्क्यू किए गए बीमार भालू की उपचार के दौरान मौत

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अधिकारियों की उपस्थिति में पीएम कराकर किया गया दाह संस्कार

कोतमा। वन मंडल अनूपपुर के कोतमा वन क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर बीट में गोविंदा कॉलोनी के पास पुराने खंडहर पर 25 जुलाई की सुबह एक वयस्क नर भालू उम्र लगभग 10 से 12 वर्ष को देखे जाने की सूचना लोगो द्वारा वन विभाग कोतमा को सूचित किया गया। जिस पर वन विभाग की टीम ने परीक्षण पर भालू के बीमार होने की आशंका व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को बताने पर सोमवार की शाम बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू दल डॉ. नितिन गुप्ता एवं दो अन्य पशु चिकित्सकों व कर्मचारियों के साथ मौके में पहुंचकर गंभीर रूप से बीमार भालू का रेस्क्यू कर पिंजड़े में रखकर वन परिक्षेत्र कार्यालय कोतमा ले जाकर उपचार किया गया। जहां देर रात तक चले उपचार के दौरान भालू की मौत हो गई। जिस पर 27 जुलाई मंगलवार की सुबह पशु चिकित्सकों द्वारा मृत भालू के शव का परीक्षण कर कुछ अंश के परीक्षण हेतु बाहर भेजे जाने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भालू का दाह संस्कार किया गया। भालू डिहाइड्रेशन से पीडि़त होना बताया गया है, इस दौरान उप वन मंडलाधिकारी अनूपपुर मान सिंह मरावी, वन परिक्षेत्राधिकारी कोतमा परिवेश सिंह भदौरिया, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता, डॉ. जोशी, डॉक्टर पांडेय, कोतमा के पशु चिकित्सक डॉ. बीवी चौधरी, जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल, कोतमा सपपहरी हरिवंश प्रसाद पटेल, परिक्षेत्र सहायक जे.एल. धार्वे, दिलीप मोगरे सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी रेस्क्यू तथा शव परीक्षण दाह संस्कार आदि में सम्मिलित रहे।

Anuppur: आरोपिया की जमानत याचिका न्यायालय ने की निरस्त

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आरोपिया ने पति के साथ मिलकर अपनी सगी भांजियों का व्यपहरण किया

अनूपपुर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश शर्मा राजेन्द्रग्राम के न्यायालय ने थाना राजेन्द्रग्राम के अपराध क्रमांक 116/16 धारा 363, 365 भादवि के आरोपिया सेमबती बाई पति राजकुमार गोंड उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम बांधामार थाना राजेन्द्रग्राम म.प्र. की जमानत याचिका निरस्त की गई। राज्य की ओर से जमानत याचिका का विरोध सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शशि धुर्वे ने किया।

अभियोजन मीडिया प्रभारी अनूपपुर राकेश पांडेय ने बताया कि आरोपिया और उसके पति ने मिलकर अपने ही घर से अपनी बहन की दो नाबालिग लड़कियों को नहाने के बहाने बहला-फुसलाकर अनूपपुर होते हुए भोपाल ले गये थे और लगभग ढाई वर्ष तक भोपाल में दोनो भांजियों को अपने कब्जे में रखे रखा। भोपाल से ही उसकी एक भांजी मुसाफिर खाना भोपाल से किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ चली गई तब आरोपिया और उसके पति ने दूसरी भांजी को लेकर कटनी मुडवारा स्टेशन आ गये थे। कुछ दिन बाद उसकी दूसरी भांजी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ कही चली गई, जिसका आज तक पता नही चला आरोपिया की दोनों भाजियों का आज तक पता नही चला।

आरोपिया द्वारा जमानत आवेदन में यह आधार लिया गया कि वह निर्दोष है उसके द्वारा किसी भी गुमराह कर नही ले जाया गया है और वह गुमशुदगी बच्चों को पहचानती तक नही है बल्कि वह गांव में रहकर मजदूरी करके अपने बच्चों की परवरिश करती है उसे रंजिशन झूठा फंसाया गया है। वह अनूपपुर जिले का मूल निवासी है वही उसकी संपत्ति स्थित हैं, आवेदिका के छोटे-छोटे बच्चे है जो अपनी मां पर आश्रित है जमानत का लाभ मिलने पर वह साक्ष्य को प्रभावित नही करेगा एवं न्यायालय की सभी शर्तो का पालन करेगा।

उक्त आवेदन पर सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शशि घुर्वे द्वारा इस आधार पर जमानत आवेदन का विरोध किया गया कि आरोपिया और उसका पति दो नाबालिग लडकियों को नहाने के बाद अपने साथ कही ले जाने का आरोप है, जिनका आज तक पता नही चला है यदि आरोपिया को जमानत का लाभ दिया जाता है तो उन दोनों नाबालिग लड़कियों के साथ अनहोनी होने की संभावना है।

उभयपक्षों के तर्को को सुनने के पश्चात न्यायालय द्वारा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी शशि धुर्वे के तर्को से सहमत होते हुए आरोपिया के जमानत याचिका अंतर्गत धारा 439 निरस्त कर दिया गया।

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