शिफ्टिंग और मौके पर भौतिक सत्यापन ना करना प्रशासन की सबसे बड़ी रही
लापरवाही
अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित पुराने तहसील
कार्यालय अनूपपुर के पीछे बने ईव्हीएम वेयरहाउस से 24 ईव्हीएम मशीनें गायब मिलने
के मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में 30 सितम्बर को
शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार
पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) के
तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 24 ईवीएम मशीनों के गायब होने के बाद जिला
प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों के अनुसार गायब
बताई जा रही 24 ईवीएम मशीनों को वर्ष 2021 में नॉनवर्किंग होने के कारण उन्हे नोडल
मुख्यालय भोपाल भेजे जाने संबंधी पत्र मिला और गायब ईव्हीएम मशीन का पता चल सका।
नॉनवर्किंग 24 ईव्ही एम को भेजा गया था भोपाल
जांच में मिले रिकॉर्ड के अनुसार राज्य
निर्वाचन आयोग भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक 82-11/2021021/8/156, दिनांक 6 अक्टूबर 2021 के माध्यम से जिले
में संधारित नॉनवर्किंग ईव्ही एम मशीनों एवं डीकोड प्रिंटर्स को नोडल मुख्यालय
भोपाल में संग्रहित कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कार्यालय कलेक्टर एवं
जिला निर्वाचन अधिकारी अनूपपुर द्वारा 11 अक्टूबर 2021 को पत्र क्रमांक
347/347/स्था./निर्वा. ईवीएम/2021 जारी किया गया। इसके तहत 24 नॉनवर्किंग ईवीएम
मशीनें, जिनमें 8
बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट तथा एक डीकोड प्रिंटर भोपाल के उपसंग्रहण केंद्र
में जमा कराया गया था, उक्तन पत्र
के माध्यंम से भेजे गये ईव्हीएम मशीन के सीरियल नंबर का मिलान किया गया, जो एफआईआर में दर्ज सीरियल नंबर से मेल खा
चुके है।
मरम्मत के लिए हैदराबाद भेजी जानी थीं मशीनें
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार
नॉनवर्किंग ईव्हीएम मशीनों को मरम्मत के लिए ईसीआईएल हैदराबाद भेजे जाने की
प्रक्रिया प्रस्तावित थी। रिकॉर्ड में जिले की नॉनवर्किंग मशीनों में 16 कंट्रोल
यूनिट, 8 बैलेट यूनिट, 2 एडी यूनिट
और एक डिकोड प्रिंटर का उल्लेख है। इन मशीनों को भोपाल स्थित चयनित शासकीय उवेदिया
हाई स्कूल, रॉयल
मार्केट, हमीदिया
अस्पताल के सामने बनाए गए उपसंग्रहण केंद्र में जमा कराया गया था। रिकॉर्ड के
मुताबिक राजस्व निरीक्षक गनीशाय पैकरा एवं कंप्यूटर ऑपरेटर राम सेवक चौधरी द्वारा
भोपाल ले जाकर जमा कराया गया था।
प्रशासन की लापरवाही और भौतिक सत्यापन पर सवाल
पुराने तहसील कार्यालय को पॉलीटेक्निक
महाविद्यालय अनूपपुर में शिफ्ट करने के दौरान ईव्हीएम वेयरहाउस में रखी मशीनों को
समय पर नए स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाना प्रशासनिक लापरवाही माना जा रहा है।
पुराने तहसील कार्यालय के डिसमेंटल के दौरान दीवार गिराए जाने पर ईव्हीनएम के
बड़े-बड़े बॉक्स मिले, जिसकी सूचना
ठेकेदार ने प्रशासन को दी। लेकिन जब तहसील कार्यालय शिफ्ट हो चुका था, तो प्रशासन
ईव्हीएम मशीन को शिफ्ट करना कैसे भूल गई। इसके बाद 21 सितंबर 2026 को मशीनों को
नए स्थान पर शिफ्ट किया गया, लेकिन
शिफ्टिंग के दौरान मौके पर मशीनों का तत्काल भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। जिसके
कारण प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल खड़े हो गये हैं।






