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Anuppur: डीएम नॉन का प्रभार संभालते ही डीएसओ अनीता सोरते के आदेश पर उठे सवाल

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12 नवम्बर का आदेश निरस्त, 2021-22 ऑडिट समापन को लेकर गहराया संशय

अनूपपुरजिले में नागरिक आपूर्ति निगम की कार्यप्रणाली पर बुधवार को एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टर हर्षल पंचोली द्वारा 2 दिसम्बर 2025 को म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड अनूपपुर के प्रबंधन का अतिरिक्त प्रभार जिला आपूर्ति अधिकारी अनीता सोरते को सौंपे जाने के मात्र 24 घंटे बाद ही उन्होंने निगम का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश निरस्त कर दिया।

नवीन आदेश 3 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया, जिसमें 12 नवम्बर 2025 को जारी उस पूर्व आदेश को रद्द कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के ऑडिट समापन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। पुराने आदेश में कार्य दायित्व जिलास्तरीय स्टाफ को सौंपे गए थे, जबकि वर्तमान आदेश में इन्हें बदलते हुए पूरा दायित्व कोतमा कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया गया है।

पूर्व आदेश को निरस्त करने का कारण स्पष्ट नहीं

सूत्र बताते हैं कि यह निर्णय अचानक और बिना किसी स्पष्ट कारण के लिए लिया गया, जिसके कारण कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अधिकारी इसे तुगलकी कदम बताकर आलोचना कर रहे हैं, क्योंकि यह निर्णय उस समय लिया गया जब ऑडिट प्रक्रिया वर्षों से लंबित होकर अंतिम चरण में पहुंचने वाली थी।

ऑडिट प्रक्रिया बाधित होने का आरोप

12 नवम्बर को तत्कालीन प्रबंधक संतोष कचराम द्वारा जारी आदेश के अनुसार कनिष्ठ सहायक अच्छेलाल रैदास को जिला कार्यालय में संलग्न कर ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई थी, सहायक विजय सिंह को प्रदाय केंद्र कोतमा का प्रभार सौंपा गया था। इस आदेश को निरस्त करने से अब ऑडिट प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए ठहरती दिखाई दे रही है।

निगम में चर्चाओं का दौर तेज

कर्मचारी और विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय से यह संकेत मिल रहा है कि नए प्रभार संभालने के बाद डीएसओं अनीता सोरते किस प्रकार की प्रशासनिक नीति अपनाएंगी, इसको लेकर निगम में आशंका और चर्चा दोनों का माहौल है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी संस्था में ऑडिट न केवल वित्तीय अनुशासन का साधन है, बल्कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का आधार भी है। ऐसे में ऑडिट रोकना या दिशा बदलना भविष्य में अनियमितताओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

विक्रेन्द्रीकृत से केंद्रीकृत उपार्जन की ओर कदम?

प्रदेश स्तर पर भी उपार्जन प्रणाली को लेकर बड़ा बदलाव संभावित बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर यह प्रस्ताव दिया था कि विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के अंतर्गत वास्तविक लागत की प्रतिपूर्ति नहीं हो पा रही है, बैंकों से लिए गए 72,177 करोड़ के ऋण का भुगतान संकट में है, इसलिए प्रदेश में केंद्रीकृत उपार्जन प्रणाली लागू करने की अनुमति दी जाए। इस पर अब प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज होती दिखाई दे रही हैं और जिला स्तर के निर्णयों को उसी दिशा में जोड़ा जा रहा है।

अब निगाहें अगले आदेश पर

निगम और विभाग दोनों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ऑडिट प्रक्रिया के लिए नया आदेश जारी होगा? या निर्णय स्थगन की दिशा में आगे बढ़ेगा? यदि ऐसा होता है तो पिछले वर्षों की वित्तीय समीक्षा और जवाबदेही अधर में अटकना तय माना जा रहा है।

Anuppur: आयुष्मान आरोग्य मंदिर सकोला की छत का प्लास्टर गिरा — बड़ा हादसा टला

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ऑयरन सुक्रोज चढ़ाते समय टूटी छत, गर्भवती महिला सहित सीएचओ बाल-बाल बचे

अनूपपुरआयुष्मान आरोग्य मंदिर सकोला से मंगलवार की दोपहर एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां अस्पताल के एएनसी कक्ष में गर्भवती महिला को आयरन सुक्रोज चढ़ाने की तैयारी के दौरान बेड के ऊपर छत का प्लास्टर अचानक से गिर गया। हादसा में  गर्भवती महिला सहित सीएचओ अंशु मिंज बाल-बाल बची।  सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 5 महीनों में यह दूसरी बार छत गिरने की घटना है। जानकारी के अनुसार विकासखंड कोतमा के कई उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का भवन जर्जर हालत में है। इस पहले भी अगस्‍त माह में आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिर बदरा में भी छत की प्‍लास्‍टर गिरने से एक बड़ा हादसा टला था।

कर्मचारियों के अनुसार फॉल्स सीलिंग के भीतर लंबे समय से पानी का रिसाव हो रहा था, जिस कारण छत अंदर से कमजोर होकर अचानक टूट गई। बरसात के दौरान पानी भरने और रिसाव की शिकायतें पहले भी उठ चुकी हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

सीएचओ अंशु मिंज ने बताया कि मैं मरीज को आयरन सुक्रोज लगाने ही वाली थी, तभी छत गिरने लगी। हम घबरा गए और भागकर बाहर आए। अधिकारियों को सूचना दे दी, लेकिन अभी तक कोई भी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा है। घटना पर सीएमएचओ अलका तिवारी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही कोतमा बीएमओ के.एल. दीवान को मौके पर भेजा जाएगा। लोगों का कहना है कि अगर बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होगी, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि अस्पताल की जानलेवा खामियों को जिम्मेदार कब गंभीरता से लेंगे?

घटना की जानकारी के अनुसार सूचना मिलते शाम  लगभग 5.30 बजे बीएमओं कोतमा के.एल. दिवान सहित बीपीएम अजय सोनी ने मौके पर पहुंच कर आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिर सकोला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सकोला की सरपंच राधा बाई कंवर भी मौके पर पहुंची। जहां उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का भवन जर्जर पाया गया। जिसके बाद सरपंच राधा बाई  कंवर से पंचायत की अन्‍य खाली पड़ी बिल्डिंग में शिफ्ट करने की बात कही गई।

Anuppur: नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं के समाधान की मांग, सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी

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कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नर्सिंग एसोसिएशन ने जताया रोष, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

अनुपपुरजिला चिकित्सालय अनुपपुर के नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन अनूपपुर ने गुरुवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली को ज्ञापन सौंपकर नर्सिंग स्टाफ से जुड़ी लंबित समस्याओं और मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे 6 नवम्बर से सामूहिक अवकाश पर जाने को विवश होंगे।

संघ ने अपने ज्ञापन में कहा कि नर्सिंग स्टाफ लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय समस्याओं से जूझ रहा है। कई बार आवेदन और पत्राचार करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कार्यस्थल पर असुविधा और असंतोष का माहौल बना हुआ है। संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक नर्सिंग कर्मियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, वे सामान्य कार्य नहीं करेंगे।

नर्सिंग स्टाफ की प्रमुख समस्याएँ

संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में बताया गया कि नर्सिंग स्टाफ को पदस्थापन में विलंब, विभागीय समन्वय की कमी, आवश्यक संसाधनों की अनुपलब्धता, तथा वेतन और जीपीएफ से जुड़ी अनियमितताओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण अस्पतालों में कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

लता बाई श्रीवास का मामला प्रमुख

ज्ञापन में नर्सिंग ऑफिसर लता बाई श्रीवास के जीपीएफ समायोजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि प्रधान महालेखाकार ग्वालियर (द्वितीय) मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2016 से 2022 तक के जीपीएफ विवरण, बिल वाउचर एवं ट्रेजरी डेटा मांगा गया है, लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय की लेखा शाखा द्वारा अब तक यह विवरण नहीं भेजा गया।

इस देरी के कारण उनका जीपीएफ समायोजन अब तक नहीं हो पाया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा कि लता बाई श्रीवास द्वारा जून 2025 और सितंबर 2025 में आवेदन देने के बावजूद विभागीय उदासीनता के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। संघ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्थापना विभाग प्रमुख को बदलने की अनुशंसा की है और यह भी मांग की है कि दोनों विभागों के कार्यों की उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाए ताकि कार्य समयावधि में पूर्ण हो सकें।

विभागीय लापरवाही से नाराज नर्सिंग स्टाफ

संघ ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक कई बार विभागीय स्तर पर पत्राचार किए जाने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। विभागीय उदासीनता के कारण संबंधित नर्सिंग अधिकारी को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि उनके दस्तावेज और वेतन अभिलेख (जैसे अक्टूबर-नवंबर 2022 के पे-स्लिप) पहले ही विभाग को भेजे जा चुके हैं।

संघ की चेतावनी, 6 नवम्बर से सामूहिक अवकाश

संघ ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नर्सिंग स्टाफ की लंबित समस्याओं और मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो जिले के सभी नर्सिंग अधिकारी 6 नवम्बर से सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर होंगे। संघ ने कहा कि नर्सिंग कर्मी सदैव जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी अब असहनीय होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सभी लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर बल दिया है। इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संघ ने एक स्वर में कहा कि जब तक नर्सिंग कर्मियों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Bijuri News: कोयलांचल नगरी बिजुरी में छठ घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब

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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने की मंगलकामना

कमलेश मिश्रा, बिजुरी। कोयलांचल नगरी बिजुरी में छठ पर्व के अवसर पर सोमवार को आस्था का अद्भुत नाजारा देखने को मिला। देवी तालाब स्थित छठ घाट पर हजारों श्रद्धालु सूर्य उपासना के लिए एकत्र हुए। दोपहर से ही व्रतियों की कतारें घाट की ओर बढ़ने लगीं और शाम होते-होते पूरा परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया।

सूर्य मंदिर देवी तालाब पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। भगवान सूर्य के अस्ताचल गमन के समय जब लाल गोला क्षितिज में विलीन होने लगा तो जय छठी मईया और सूर्य भगवान की जय के जयघोषों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दूध, जल और प्रसाद से अर्घ्य अर्पित कर लोक मंगल की कामना की।

छठ पर्व की तैयारियों में नगरपालिका परिषद बिजुरी की टीम ने विशेष भूमिका निभाई। अध्यक्ष सहबीन पनिका, उपाध्यक्ष प्रीति शर्मा, पार्षदगण एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी पवन साहू के निर्देशन में घाटों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य कई दिनों से चल रहा था। देवी तालाब अब पूरी तरह रोशनी, झालरों और पुष्प सजावट से निखर उठा है।

सायं चार बजे तक घाट का हर कोना श्रद्धालुओं से भर गया था। व्रतियों ने तीन वेदियों पर पूजन-अर्चन किया, दीपक जलाए और भगवान सूर्य के दर्शन की प्रतीक्षा की। जैसे ही सूर्य क्षितिज में समाया, वातावरण उल्लास और भक्ति से भर उठा।

इस अवसर पर सूर्य षष्ठी कमेटी के अध्यक्ष विक्रम सिंह, डी.डी. गिरी, रमाकांत गिरी, दारा सिंह, लखनलाल पनिका, डी.एन. मिश्रा, रिंकू शर्मा (मंडल अध्यक्ष, भाजपा), कैलाश कोल (महामंत्री) सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नगर पालिका के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा।

Anuppur: फर्जी दस्तावेज से सरकारी कर्मचारी का तबादला कराने की साजिश बेनकाब

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नंदू उर्फ नंदलाल सोनी 

जैतहरी के कंप्यूटर सेंटर से तैयार हुआ था फर्जी आवेदन, नंदू सोनी पर संदेह

अनूपपुरजिले में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्‍य निर्वाचन शाखा एवं विकास शाखा मे कार्यरत सरकारी कर्मचारी के फर्जी हस्ताक्षर कर उसके तबादले का आवेदन शहडोल कमिश्नर को भेज दिया गया। मामला तब उजागर हुआ जब कमिश्नर कार्यालय से 11 अगस्त 2025 को अनूपपुर कलेक्टर को एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें इस कथित तबादले संबंधी आवेदन का उल्लेख था।

यह है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलेश कुमार तिवारी कॉपिस्ट सहायक वर्ग 3 के नाम से यह आवेदन कमिश्‍नर कार्यालय भेजा गया था। पत्र में लिखा था कि कलेक्टर अनूपपुर के आदेश दिनांक 7 अक्टूबर 2015 के तहत कमलेश तिवारी को जिला निर्वाचन शाखा और विकास शाखा में प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया था तथा बाद में उन्हें लेखा शाखा का कार्य भी सौंपा गया। आवेदन में उल्लेख था कि अत्यधिक शाखाओं के प्रभार के कारण काम में देरी हो रही है, जिससे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इससे मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए फर्जी आवेदन में कमलेश तिवारी की ओर से संलग्नीकरण समाप्त कर मूल विभाग जल संसाधन के अंतर्गत पुष्पराजगढ़ या शहडोल के ब्यौहारी में स्वयं के व्यय पर तबादले का अनुरोध किया गया था।

फर्जी हस्ताक्षर से हुआ पूरा खेल

पूरे मामले मे जब उक्‍त पत्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, तो कमलेश तिवारी हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत इस पर आपत्ति दर्ज कराई और बताया कि उन्होंने तबादले के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है और आवेदन पर किया गया हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी है। जिसके बाद कमलेश तिवारी ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को शिकायत सौंपी, जिसमें उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच की मांग की, जहां पुलिस अधीक्षक ने उक्‍त जांच थाना प्रभारी जैतहरी को दिया गया है। प्रार्थी कमलेश तिवारी ने शिकायत में बताया कि नंदू उर्फ नंदलाल सोनी पिता गोपीलाल सोनी द्वारा पूर्व मेंउसके विरूद्ध कई बेनामी शिकायत कर चुका है किन्‍तु साक्ष्‍य के अभाव में कार्यवाही से बचता आ रहा है। कमलेश तिवारी ने नंदू उर्फ नंदलाल सोनी पर फर्जी हस्‍ताक्षर कर झूठा अभिलेख तैयार करने पर दंडानात्‍मक कार्यवाही करने की मांग की गई है।

कमलेश तिवारी

जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

पूरा मामला सामने आने  के बाद कमलेश तिवारी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया गया, जिसमें बताया गया कि फर्जी आवेदन पत्र जैतहरी स्थित एक कंप्यूटर सेंटर से टाइप किया गया था। जांच में पाया गया कि उक्त पत्र मोहम्मद कासिफ नफीस के कंप्यूटर से तैयार हुआ था और इसे नंदू उर्फ नंदलाल सोनी पिता गोपीलाल सोनी निवासी वार्ड क्रमांक 01 लाइनपार जैतहरी ने टाइप कराया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले में कंप्यूटर संचालक और शिकायतकर्ता दोनों के बयान दर्ज कर लिए हैं।

फर्जीवाड़े से सरकारी सिस्टम में मचा हड़कंप

यह मामला न सिर्फ फर्जीवाड़े का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकारी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर किसी की सेवा स्थिति से खिलवाड़ किया जा सकता है। पुलिस ने पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की भी जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता कमलेश तिवारी ने कहा कि मैंने ऐसा कोई आवेदन नहीं दिया। किसी ने मेरे नाम से फर्जी आवेदन बनाकर भेजा है। यह मेरे खिलाफ साजिश है। मेरे हस्ताक्षर तक जाली बना दिए गए। सूत्रों का कहना है कि पुलिस जल्द ही इस पूरे प्रकरण में खुलासा कर सकती है। फिलहाल अनूपपुर जिला प्रशासन और पुलिस दोनों ही मामले की निगरानी कर रहे हैं।

इनका कहना है

पूरे मामले की जांच की जा रही है, इसमें संबंधितों के बयान लिये जा रहे है।

अमर वर्मा, थाना प्रभारी जैतहरी

मरवाही में पेट्रोल पंप कारोबारी से 1.59 करोड़ की ठगी, अनूपपुर में भी कर चुके थे ठगी

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संतोष सिंह

मोजर वेयर जैतहरी में कोयला और रेत का ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, एक गिरफ्तार

अनूपपुरमोजर वेयर जैतहरी में रेत सप्‍लाई का टेंडर दिलाने के नाम पर कुट रचित दस्‍तावेज के आधार पर धोखाधड़ी करते हुए चार आरोपियों नरेन्द्र कुमार शर्मा उर्फ कार्तिक पिता शिव नारायण शर्मा उर्फ प्रमोद, संतोष सिंह  निवासी जैतहरी, अरविंद विश्वकर्मा उर्फ चोगले, विकास सिंह वा अन्‍य ने अमित फ्यूल्स पेट्रोल पंप संचालक अमित कुमार गुप्ता निवासी मरवाही के वार्ड 11 से 1 करोड़ 59 लाख 60 हजार रूपयें की ठगी करने के मामले में मरवाही पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 328 (4), 338, 340(2), 336(4), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी नरेन्‍द्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर अन्‍य की तलाश जारी है। इसके पूर्व भी मोजर वेयर जैतहरी में कोयला सप्‍लाई का काम दिलाने के नाम पर कमलेश द्विवेदी निवासी अनूपपुर के साथ 55 लाख 97 हजार 530 रूपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कोतवाली पुलिस अनूपपुर ने 24 जुलाई 2019 को ेतह टक क 7658-264242, E-mail: eनरेन्‍द्र कुमार शर्मा, सिद्वार्थ सिंह एवं संतोष सिंह के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। 


नरेंद्र शर्मा

यह है मामला

जानकारी के अनुसार नरेन्‍द्र सिंह एवं संतोष सिंह द्वारा मिलकर मोजर वेयर में रेत वा कोयला का टेंडर दिलाने के नाम पर पहले लोगो को अपने  झांसे में फंसा कर उनके साथ करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी की जाती है। नये  मामले में उक्‍त दोनो आरोपी द्वारा जुलाई 2024 में नरेन्द्र शर्मा पीड़ित के पेट्रोल पंप पर नियमित आने-जाने लगा और पहचान बढ़ाई। इसके बाद उसने संतोष सिंह (गंगा पेट्रोल पंप संचालक जैतहरी) और अरविंद विश्वकर्मा उर्फ चोगले से मिलवाया। सभी आरोपियों ने अमित गुप्ता को भरोसा दिलाया कि मोजरवियर पावर प्लांट जैतहरी में रेत सप्लाई का बड़ा ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) है, जिसे दिलाने में वे मदद करेंगे। जिसके बाद सभी  आरोपियों ने फरियादी अमित कुमार गुप्‍ता से आधार, पैन, बैंक डिटेल्स और फोटो लेकर उनके नाम पर फर्जी पर्चेस ऑर्डर तैयार किया गया। इसके बाद रेत सप्लाई, रॉयल्टी और ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर अलग-अलग तारीखों में पीड़ित से 1.59 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूली गई।

विकास सिंह 

फर्जी चेक और नकली टीपी भी दिए

फरियादी अमित कुमार गुप्‍ता के अनुसार भुगतान के दबाव पर आरोपियों ने गारंटी के रूप में करोड़ों रुपये के कई चेक दिए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने झूठे ट्रांस्‍पोर्ट परमिट और रॉयल्टी पर्चियां व्हाट्सएप पर भेजकर यह दिखाया कि रेत की सप्लाई शुरू हो गई है। इसी तरह से वर्ष 20219 नरेन्‍द्र कुमार शर्मा  एवं संतोष सिंह ने अनूपपुर निवासी कमलेश द्विवेदी के साथ परसा कोल कोल माइंस अडानी उदयपुर अंबिकापुर से एक हजार रूपये टन के हिसाब से कोयला के डीलर के रूप में चार हजार टन कोयला देना जिसमें कुल 40 लाख तथा कोयला ट्रांस्‍पोर्ट का भाड़ा 910 रूपये प्रति टन के हिसाब से 36 लाख 40 हजार रूपये बताकर डीओं लेटर एवं कोयला उपलब्‍ध कराये जाने का झांसा देकर बैंक एवं नगदी के माध्‍यम से लगभग 56 लाख रूपये हड़पकर धोखाधड़ी की गई थी।

सच्चाई का खुलासा

जब लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ, तब अमित गुप्ता ने खुद कंपनी कार्यालय में जाकर जानकारी ली। वहाँ से पता चला कि उनके नाम से कभी भी कोई टेंडर या पर्चेस ऑर्डर जारी ही नहीं हुआ था और न ही उनके नाम से किसी भी तरह की रेत सप्लाई की गई। जिसके बाद पीड़ित ने थाना मरवाही में अपने साथ हुए धोखाधड़ी की रिर्पोट दर्ज कराई गई। जिस पर मरवाही पुलिस ने सभी आरोपियों जिनमें नरेन्‍द्र कुमार शर्मा पिता शिवनारायण शर्मानिवासी लालपुर छ.ग.,  संतोष सिंह निवासी जैतहरी, अरविंद विश्‍वकर्मा पिता रामकेश विश्‍वकर्मा एवं  विकास सिंह व अन्‍य के खिलाफ छल, कूटरचना, धोखाधड़ी और आर्थिक अपराध के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ऐसे अपराधियों से सावधान रहे तथा तीनों के कहीं देखने पर पुलिस को सूचना तत्‍काल दे।


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