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अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पर करोड़ों के चावल परिवहन में बड़ा खेल?

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5 से 10 टन तक अतिरिक्त भार लादने के आरोप, निगम के अनुबंध की शर्तों पर उठे सवाल

खुले आसमान के नीचे हजारों बोरी चावल, बारिश में खराब होने का खतरा

अनूपपुर मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के लिए किए जा रहे चावल परिवहन कार्य में कथित रूप से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट से मुरैना जिले के लिए भेजे जा रहे हजारों क्विंटल चावल के परिवहन में वाहनों की निर्धारित क्षमता से अधिक भार लादने, खाद्यान्न सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किए जाने के आरोप लगे हैं। यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है और तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल परिवहन नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े खाद्यान्न की सुरक्षा और सरकारी संसाधनों के संरक्षण पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।

26 हजार क्विंटल चावल परिवहन में कथित गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले के विभिन्न बीओटी गोदाम दारसागर, अन्नपूर्णा वेयरहाउस कोतमा, रामजानकी वेयरहाउस वेंकटनगर तथा श्री शिवाय वेयरहाउस से लगभग 26 हजार क्विंटल चावल ट्रकों के माध्यम से अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पहुंचाया जा रहा है। यह परिवहन कार्य निगम के परिवहनकर्ता गायत्री ट्रांसपोर्ट कटनी द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि परिवहन कार्य में लगाए गए अधिकांश ट्रकों में उनकी स्वीकृत वहन क्षमता से 5 से 10 टन तक अतिरिक्त भार लादा जा रहा है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह न केवल मोटर वाहन कानूनों का उल्लंघन है बल्कि निगम और परिवहनकर्ता के बीच हुए अनुबंध की शर्तों के भी प्रतिकूल है।

अनुबंध की शर्तों की अनदेखी?

सूत्रों के अनुसार खाद्यान्न परिवहन से संबंधित अनुबंध में स्पष्ट प्रावधान है कि परिवहन में लगाए जाने वाले वाहनों पर निर्धारित क्षमता से अधिक भार नहीं लादा जाएगा। ओवरलोडिंग की स्थिति में दुर्घटना, माल क्षति तथा राजस्व हानि की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। इसके बावजूद कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर वाहनों में अतिरिक्त भार भरकर उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि वाहनों का नियमित सत्यापन और वजन परीक्षण किया जा रहा है तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में ओवरलोडिंग कैसे संभव हो रही है?

मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा उससे संबंधित नियमों के तहत किसी भी मालवाहक वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलना दंडनीय अपराध है। ओवरलोडिंग पाए जाने पर वाहन स्वामी, परिवहनकर्ता और चालक के विरुद्ध जुर्माना, वाहन जब्ती तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ब्रेकिंग सिस्टम और वाहन नियंत्रण प्रभावित होता है, पुल-पुलियों एवं सड़कों को भारी नुकसान पहुंचने के साथ सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ती है।

रेलवे रैक प्वाइंट पर खाद्यान्न सुरक्षा भी सवालों के घेरे में

मामले का दूसरा गंभीर पहलू खाद्यान्न सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पर चावल की बोरियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के खुले स्थान पर उतारा जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार रैक प्वाइंट पर एडवांस लोडिंग के लिए पर्याप्त प्लेटफॉर्म या संरक्षित भंडारण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद हजारों बोरी चावल खुले आसमान के नीचे रखे जाने की बात सामने आई है। वर्तमान समय में मानसून की सक्रियता और लगातार बदलते मौसम को देखते हुए खाद्यान्न के भीगने, खराब होने तथा गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। जहां बाद में चावल की गुणवत्‍ता प्रभावित होने की प्रबल संभावना है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाद्यान्न परिवहन और भंडारण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता तो इसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर पड़ सकता है। बारिश या अनुचित रखरखाव के कारण चावल की गुणवत्ता प्रभावित होने पर सरकारी खजाने को नुकसान होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं तक निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न पहुंचने का खतरा भी बढ़ जाता है। मामले में यदि वाहनों में क्षमता से अधिक भार लादा जा रहा था तो परिवहन कार्य की निगरानी करने वाले, वाहनों का वजन परीक्षण करने वाले,  निगम के जिम्मेदार अधिकारी, खाद्यान्न सुरक्षा के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्‍मेदारी, खुले में रखी गई चावल की बोरियों की जिम्मेदारी किसकी होगी?

स्थानीय लोगों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी खाद्यान्न के परिवहन में नियमों की अनदेखी हो रही है तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि परिवहन कार्य में लगे वाहनों का रिकॉर्ड, वजन पर्चियां, परिवहन अनुबंध की शर्तें तथा रेलवे रैक प्वाइंट पर की गई व्यवस्थाओं की जांच की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले परिवहनकर्ता एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इनका कहना है

मुझे इस संबंध में कोई  जानकारी नही है, अगर परिहवन कार्य में लगे ट्रक में ओव्‍हर लोडिंग की जा रही है, तो इस संबंध में मै ठेकेदार से जानकारी लेती हॅू।

सीमा सिन्‍हा, प्रभारी प्रबंधक

नागरिक आपूर्ति निगम अनूपपुर

 

इनका कहना है

जानकारी मिली है, मेरे द्वारा कोतवाली पुलिस एवं यातायात विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिये गये है।

विक्रांत मुराब, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर

बिल में छुपे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है हमारी पुलिस : सीएम डॉ. मोहन यादव

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आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने पुलिस की सराहना की, कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर दिया जोर

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यशैली और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के इस महापर्व में मध्यप्रदेश पुलिस संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव के साथ आदर्श व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है।

साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने साइबर अपराधों की रोकथाम, जन-जागरूकता, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, मानव तस्करी पर नियंत्रण तथा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी न्यायालय के निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

नक्सलवाद के खात्मे को बताया बड़ी उपलब्धि

कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल में पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है जिसने अपने यहां नक्सलवाद के दंश को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पुलिस ने नक्सलवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर उत्कृष्ट कार्य का परिचय दिया है।

आतंकियों के सहयोगियों पर भी कसा शिकंजा

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आतंकवादियों के सहयोगी की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। उन्होंने कहा, "हमारी पुलिस बिल में छुपे ऐसे सपोलों को पकड़ने में समर्थ है।" उनके अनुसार कार्रवाई के दौरान जिहादी मानसिकता से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया गया है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पुलिस भर्ती अभियान जारी

डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल को और मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार भर्ती अभियान चला रही है। सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती के साथ पिछले वर्ष से 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि पुलिस विभाग में कोई भी पद रिक्त न रहे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर प्रशिक्षण के साथ मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य की हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करेगी और प्रदेश में सुशासन को और मजबूत बनाएगी। 

Anuppur: जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में दिनदहाड़े फायरिंग, कर्मचारी बाल-बाल बचा

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नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार

अनूपपुरकोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खांड़ा स्थित रामपुर बटुरा खदान क्षेत्र में संचालित जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में रविवार को हुए गोलीकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। कंपनी के एक कर्मचारी को निशाना बनाकर कथित तौर पर गोली चलाई गई, लेकिन सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और कर्मचारी की जान बच गई। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले में कोतवाली पुलिस ने पप्पू विश्वकर्मा पिता गोविंद प्रसाद विश्‍वकर्मा, मिथलेश चर्मकार उर्फ लक्की पिता रामनरेश विश्‍वकर्मा और श्रीराम विश्वकर्मा पिता गोविंद प्रसाद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

नौकरी दिलाने के दबाव से शुरू हुआ विवाद

पुलिस को दी गई शिकायत में कंपनी के टाइमकीपर अमन सिंह ने बताया कि कंपनी में कार्यरत हेल्पर पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार पिछले कई दिनों से अपने परिचित 8 से 10 लोगों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव बना रहे थे। कंपनी प्रबंधन द्वारा उनकी मांग पूरी न किए जाने पर दोनों कर्मचारियों और अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहे थे। शिकायत के अनुसार 7 जून की सुबह भी दोनों आरोपियों ने कार्यालय परिसर में अमन सिंह के साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आलोक त्रिपाठी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

कार्यालय में घुसकर किया हंगामा

दोपहर करीब 3 बजे जब कार्यालय में कर्मचारी लंच के बाद चर्चा कर रहे थे, तभी पप्पू विश्वकर्मा, मिथलेश चर्मकार और श्रीराम विश्वकर्मा वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए फिर से नौकरी देने की मांग दोहराई। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शिकायत के मुताबिक पप्पू विश्वकर्मा ने अमन सिंह को गोली मारने की बात कही, जबकि मिथलेश चर्मकार ने श्रीराम विश्वकर्मा को कट्टा निकालने के लिए उकसाया।

सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

आरोप है कि श्रीराम विश्वकर्मा ने देशी कट्टा निकालकर अमन सिंह पर तान दिया और फायर कर दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को धक्का दे दिया। गार्ड की इसी सतर्कता के कारण गोली अमन सिंह को नहीं लगी और कार्यालय के फर्श में जा धंसी। घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद तीनों आरोपी कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

पुलिस ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार्यालय के फर्श में धंसी गोली सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 296(बी), 351(2), 331(7), 333, 3(5), 25, 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।

Anuppur बस स्टैंड के सुलभ कॉम्प्लेक्स में मिला मृत नवजात

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अनूपपुर अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालय में शनिवार शाम एक अज्ञात नवजात शिशु (बालक) का शव मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सोन नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अज्ञात महिला और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि इस घटना के संबंध में कोई जानकारी हो तो तुरंत कोतवाली अनूपपुर से संपर्क करें।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

कोतवाली पुलिस को शनिवार शाम सूचना मिली कि बस स्टैंड परिसर के सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालय में एक नवजात मृत अवस्था में पड़ा है। सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया। रविवार दोपहर डॉक्टर द्वारा शव परीक्षण कराया गया। इसके बाद सोन नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में दफनाने की व्यवस्था की गई। पुलिस ने बताया कि नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार खोजबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ और अन्य तकनीकी व मानवीय स्रोतों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

24 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा, प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

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पोखरी डैम में रेत भरी बोरी से बंधा मिला था युवक का शव, पुलिस ने बाइक व हत्या में प्रयुक्त रस्सी की जब्त

अनूपपुर भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की गला घोंटकर हत्या कर शव को पोखरी डैम में फेंकने वाले चार आरोपियों किशन चौधरी पिता कमलेश दास चौधरी उम्र 20 वर्ष, कृष्‍णा कुमार पिता अनुरूद्व चौधरी उम्र 30  वर्ष, राजकुमार रैदास पिता सुरेश दास उम्र 34 वर्ष एवं चंदन प्रसाद चौधरी पिता सुगन उम्र 22 वर्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक, रस्सी सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार 2 जून 2026 को सूचना मिली थी कि पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात युवक का शव पानी में तैर रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस पिता रंजू सहीस उम्र 18 वर्ष के रूप में की गई। शव के कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी। मृतक के पिता रंजू सहीस की रिपोर्ट पर थाना भालूमाड़ा में धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस द्वारा संदेहियों से बारीकी से पूछताछ करने पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। जांच में सामने आया कि मृतक सनि सहीस का आरोपी की सगी भांजी के साथ पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी लड़की के परिवार वालों को होने पर उन्होंने कई बार सनि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना।

इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने साथी, चचेरे भाई एवं पड़ोसी के साथ मिलकर सनि की हत्या की योजना बनाई। 29 मई की रात करीब 8.30 बजे चारों आरोपी सनि को मोटरसाइकिल से बड़ी पुलिया के पास ले गए, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल, दस्तावेज एवं हत्या में प्रयुक्त रस्सी जब्त कर ली है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उक्‍त कार्यवाही में थाना प्रभारी भालूमाड़ा उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर, कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय एवं साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार तथा आरक्षक पंकज मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।

दहेज प्रताड़ना से नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और सास गिरफ्तार

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अनूपपुरदहेज प्रताड़ना के चलते नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने मृतका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 पुरानी बस्ती अनूपपुर निवासी 21 वर्षीय नवविवाहिता हेमा वंशकार की 13 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका को फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाए जाने के बाद जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष के परिजनों एवं गवाहों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति राज वंशकार एवं सास ज्योति वंशकार द्वारा दहेज में दो लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर हेमा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई। पुलिस जांच में यह पाया गया कि विवाह के सात वर्ष के भीतर दहेज प्रताड़ना के कारण हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इसके आधार पर थाना कोतवाली अनूपपुर में आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 85, 80(2), 3(5) एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 एवं 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया। बुधवार सुबह कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन तथा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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