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डाकघर द्वारा संचालित अल्प बचत योजना की राशि हडपने पर 5 आरोपितों को 10-10 वर्ष का कारावास

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अनूपपुर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आर.पी.सेवेतिया अनूपपुर की न्यायालय से 1 अगस्त को हुए फैसले में थाना चचाई के धारा 420, 467, 468, 471, 472, 406, 120बी सहपठित धारा 34 भादवि आरोपित 38 वर्षीय मधु वर्मा पुत्री बनवारी लाल वर्मा, 38 वर्षीय मृगेन्द्र कुमार पुत्र शारदा प्रसाद वर्मन, 45 वर्षीय बनवारी लाल पुत्र स्वा.रामभरोसा वर्मन, 54 वर्षीय शारदा प्रसाद पुत्र स्व.रामभरोसा वर्मन सभी निवासी ग्राम उचेहरा थाना उचेहरा सतना एवं 57 वर्षीय धनीराम पुत्र गरीबा कुम्हार निवासी धनपुरी थाना शहडोल में प्रत्येक आरोपितों को अधिकतम 10-10 वर्ष के कारावास एवं 10-10 हजार रूपये का अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई हैं। पैरवी लोक अभियोजक दुर्गेन्द्र सिंह भदौरिया ने की।

अभियोजन मीडिया प्रभारी राकेश कुमार पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि में डाकघर द्वारा संचालित की जाने वाली अल्प बचत योजना के अंतर्गत आरोपित मधु वर्मन ने अभिकर्ता की हैसियत से कार्य आरंभ किया था। उसकी ओर से पति आरोपी बनवारी लाल, जेठ शारदा प्रसाद और भतीजा मृगेन्द्रं द्वारा मालती गुप्ता, माधव सोनी, दिलीप गुप्ता, चंद्रशेखर सोनी, सुरेश फ्रांसिस द्वारा वर्ष 2012 के माह अगस्त से नवम्बर 2012 के मध्य डाक घर के बचत खाते में जमा किए जाने वाली मासिक राशि अदायगी हेतु दिए जाने पर आरोपितों द्वारा ग्राहक के खाते में राशि जमा न करने की शिकायत पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर अनुसंधान समाप्ति पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुंत किया गया। जहां न्यायालय ने अपराध प्रमाणित पाते हुए सजा सुनाई।


खाद्य मंत्री बिसाहूलाल के गृह जिला में 2 करोड़ 30 लाख का सड़ गया चावल

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मामला शुभ वेयर हाउस बिजुरी का, तीन सदस्यीय जांच टीम ने गोदाम किया सील

मानव के खाने योग्य नही बचाव 6051.12 क्विंट चावल एवं 34 क्विंटल गेहूं

नाॅन के जिला प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी कोतमा ने शासन को पहुंचाई करोड़ो की क्षति, फीफो पद्यति का नही किया था पालन

अनूपपुर/कोतमा । वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में शुभ वेयर हाउस बिजुरी में भंडारित कराया गया 6 हजार 51 क्विंटल चावल पूरी तरह से खराब हो जाने के बाद म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन अनूपपुर के जिला प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी द्वारा उक्त चावल को गरीबो की थाली तक पहुंचाने का खेल खेले जाने का मामला  न्यूज़ अनूपपुर ने उजागर करते हुये 19 जुलाई को खबर प्रकाशित कर प्रशासन के संज्ञान में लाया। जिसके बाद कलेक्टर सोनिया मीना द्वारा शुभ वेयर हाउस बिजुरी में भंडारित चावल की जांच के लिये तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। जिसमें कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कोतमा सीमा सिन्हा, नायब तहसीलदार आदित्य कुमार द्विवेदी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी पेनेन्द्र मेश्राम को जांच के आदेश जारी किये। जहां 1 अगस्त को जांच तीन सदस्यीय टीम ने शुभ वेयर हाउस बिजुरी पहुंच कर चावल की जांच की गई। जिसमें गोदाम के अंदर भंडारित 12 हजार 50 बोरी चावल एवं 117 बोरी गेहॅू को मानव उपभोग के लायक नही पाते हुये आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 6 (क) के अनुसार तत्काल गोदाम सील कर दिया गया है। 

2 करोड 30 लाख का चावल हुआ खराब

खाद्य मंत्री के गृह जिला अनूपपुर फिर एक बार सुर्खियों में छा गया है। जहां म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन अनूपपुर के जिला प्रबंधक एवं केन्द्र प्रभारी की गलती के कारण 2 करोड़ 29 लाख 94 हजार 256 रूपये का चावल मानव के खाने योग्य ही नही बचा है। जानकारी के अनुसार गोदाम में भंडारित 6051.12 क्विंटल चावल जिसकी बाजारू कीमत 2 करोड़ 29 लाख 94 हजार 256 रूपये की नाॅन अनूपपुर के जिला प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी द्वारा फीफो नियम का पालन न करते हुये शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। वहीं जिसके बाद नाॅन ने उक्त लूढ़ी व कीट युक्त चावल को गरीबो में वितरण करने की योजना बनाई गई। लेकिन गोदाम का ताला खुलते ही मामला का खुलासा हुआ और उक्त चावल के वितरण पर प्रशासन ने रोक लगा दी। अब इस पूरे मामले में फीफो पद्यति का पालन न करने पर 2 करोड़ 30 लाख के चावल का मानव के खाने योग्य न बचने पर म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन लिमिटेड अनूपपुर के जिला प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी विजय सिंह पर निगम की छवि धूमिल किये जाने पर क्या कार्यवाही होती है इस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो चुका है। 

चावल के साथ 117 बोरी गेहॅू भी खराब

मामले की जानकारी के अनुसार शुभ वेयर हाउस में बिजुरी के गोदाम क्रमांक 25 में म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन अनूपपुर द्वारा वर्ष 2018-19 में सीएमआर चावल 3593 बोरी वजन 1821.87 एवं वर्ष 2019-20 में 8457 बोरी वजन 4229.25 क्विंटल चावल अन्नपूर्णा राईस मिल, आयशा राईस मिल एवं गजानंद राईस मिल द्वारा मिलिंग कर जमा कराया गया था। जिसमें शासन के निर्देश अनुसार फीफो पद्यति का पालन करना अनिवार्य था। लेकिन नाॅन के जिला प्रबंधक व केन्द्र प्रभारी द्वारा फीफो पद्यति का पालन नही किया गया। जिसके कारण गोदाम के पांच स्टेक व 3 अधूरे स्टेक में रखे चावल व गेहूं की 117 बोरी खराब हो गई, जो मानव के खाने योग्य ही नही बची है।

अब एक दूसरे पर लगा रहे आरोप

पूरे मामले में 6051.12 क्विंटल चावल के खराब हो जाने पर म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन अनूपपुर (नाॅन) एवं म.प्र. वेयर हाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पोरेशन शाखा कोतमा द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है। जिसमें नाॅन द्वारा शुभ वेयर हाउस बिजुरी में भंडारित उक्त खाद्यान्न के खराब हो जाने पर भंडार ग्रह निगम द्वारा समुचित रख रखाव न किये जाने, गोदाम न खुलने के कारण चावल में लूढी एवं कीट युक्त हो जाने का आरोप लगाया गया। जबकि वेयर हाउस शाखा कोतमा द्वारा उक्त चावल को फीफो पद्यति (पहले आये, पहले जाये) के अनुसार वितरित नही किये जाने सहित कई आरोप है।

एक वर्ष पूर्व ही चावल हो चुका था खराब 

पूरे मामले की जानकारी के अनुसार म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन लिमिटेड प्रदाय केन्द्र कोतमा द्वारा शुभ वेयर हाउस बिजुरी के गोदाम क्रमांक 25 में भंडारित चावल वर्ष 2021 में ही खराब हो गया था। जिस पर क्षेत्रीय प्रबंधक सतना की संयुक्त टीम द्वारा उक्त गोदाम एवं चावल का निरीक्षण करते हुये जिला प्रबंधक अनूपपुर द्वारा चावल की सप्लाई हेतु आदेश दिये गये थे। जिस पर 700 बोरी चावल को छन्ना कराया गया। लेकिन नाॅन के तत्कालीन जिला प्रबंधक एस.डी. बिरहा द्वारा हम्माली की दर स्वीकृत नही होने पर कार्य रूकवा दिया था। इतना ही नही वेयर हाउस कोतमा के शाखा प्रबंधक द्वारा भी 3 जनवरी 2021 को क्षेत्रीय प्रबंधक डब्ल्यूएलसी रीवा को पत्र के माध्यम से चावल की गुणवत्ता के संबंध में एवं 34 क्विंटल गेहूं का आटा फारमेशन हो जाने की सूचना दी गई। लेकिन क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों द्वारा भी उक्त चावल का बीआरएल नही किया गया।

इनका कहना है

कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम द्वाररा शुभ वेयर हाउस बिजुरी में भंडारित चावल एवं गेहॅू के गुणवत्ता की जांच की गई है। जहां 6051.12 क्विंट चावल एवं 34 क्विंटल गेहॅू मानव के खाने के योग्य नही बचा है। जांच के बाद उक्त खाद्यान्न के वितरण को रोकने हेतु गोदाम को सील कर दिया गया है।

सीमा सिन्हा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी कोतमा


7 स्कूली वाहनों सहित दो ऑटो पर परिवहन एवं यातायात ने की कार्यवाही

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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिये निर्देश 

अनूपपुर। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशन पर परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस ने 28 जुलाई को सड़क दुर्घटनाओं को कम करने तथा सुप्रिम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुरूप स्कूली वाहनों के संचालन नही किये जाने पर 7 स्कूली वाहनों एवं दो  ऑटो को जब्त करते हुये कार्यवाही की गई है। जहां जिला परिवहन अधिकारी राम सिया चिकवा ने राजेन्द्रग्राम में एक स्कूली बस क्रमांक एमपी 65 टी 160 को बिना परमिट के संचालन किये जाने तथा दो ऑटो जिनमें एमपी 65 आर 0299 एवं सीजी 10 एडब्ल्यू 7011 को जब्त करते हुये थाना राजेन्द्रग्राम में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। वहीं जिला यातायात प्रभारी वीरेन्द्र कुमरे ने जिला मुख्यालय में 6 स्कूली वाहनो जिनमें दो स्कूली बस क्रमांक केएल 03 यू 6784, तीन स्कूली वेन क्रमांक एमपी 65 टी 0219, एमपी 65 बीबी 1071, एमपी सीजी 04 एच 9176 तथा एक मैजिक वाहन एमपी 18 टी 3183 को जब्त करते हुये कार्यवाही की गई है। 

जिला परिवहन अधिकारी रामसिया चिकवा ने बताया कि 28 जुलाई को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं मे कमी लाने व सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशन पर स्कूली वाहन के संचालन नही किये जाने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है। जिनमें सभी स्कूली वाहनों को पीले रंग से पेंट किया जाने, वाहनो के बीचो बीच नीले रंग की पट्टी पर स्कूल का नाम व फोन नंबर, बस के आगे पीछे स्कूल बस, स्कूल वैन बड़े अक्षरों से लिखा होने, बस में आकस्मिक हेल्प लाईन नंबर 108, 100, 101 लिखा होने, बस की खिड़कियों पर लगे ग्रिल क्षैतिज आकार में होने, सभी स्कूल बसों को गति नियंत्रक मशीन (स्पीड गर्वनर) के साथ फिक्सड किया जाना, अग्नि शामक यंत्र लगा होना, जीपीएस होना, स्कूली बसों में रहने वाले कर्मचारियों का पुलिस के द्वारा सत्यापन के पश्चात ही नियुक्त किया जाना, बस में एक प्रशिक्षित महिला कर्मी का होना, स्कूल के द्वारा कंडेक्टर के अलावा कम से कम एक शिक्षक का बस में होना, बस के चालक एवं परिचालक की चिकित्सकीय परीक्षण, स्कूली वाहन में प्राथमिक उपचार के लिये उचित व्यवस्था, सभी स्कूली वाहनों में विद्यार्थियों के बैग रखने के लिये सीट के नीचे व अन्य सुविधाजनक स्थान पर उचित व्यवस्था, स्कूली वाहनों में अलार्म, घंटी या सायरन लगा होना जो आपतकालीन के समय चेतावनी दे सके, स्कूली वाहन चालक के पास लायसेंस होना तथा उसको कम से कम 5 साल भारी वाहन चलाने का अनुभव हो, स्कूली वाहनों चालक कर निर्धारित यूनिफार्म में होना, स्कूली वाहनों का फिटनेस वैद्य होना, स्कूली वाहन में बैठे बच्चो की सूची बस में चस्पा होना, ऐसे वाहन चालक जिनका साल में दो या अधिक बार रेड लाईट जपिंग, गलत लेन में वाहन चलाने में चालान काटा गया हो ऐसे चालक को स्कूली वाहनो में चालक के रूप में नही रखने, ऐसे वाहन चालक जिनमा तेज गति से वाहन चलाने, खतरनाक तरीके वाहन चलाने के लिये आईपीसी की धारा 279, 337, 3368 पर काटा गया हो को स्कूली वाहनो के चालक के रूप में नियुक्ति नही होना चाहिये। 

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर सोनिया मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल, अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन, एसडीएम पुष्पराजगढ़ अभिषेक चैधरी सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, एमपीआरआरडीए, एमपीआरडीसी, स्वास्थ्य, शिक्षा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी तथा यातायात प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में यातायात प्रभारी वीरेन्द्र कुमरे ने पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021 में जनवरी से जून तक कुल 178 दुर्घटना घटित हुई, जिनमें 68 लोगों की मृत्यु हुई है। उन्होंने वर्ष 2022 के माह जनवरी से जून तक की जानकारी देते हुए बताया कि 146 दुर्घटनाएं इस दौरान घटित हुईं, जिनमें 61 लोगों की मृत्यु हुई है। इस तरह वर्तमान वर्ष में दुर्घटना और मृत्यु दर में आंशिक कमी परिलक्षित हुई है। कलेक्टर सोनिया मीना ने सड़क दुर्घटना और मृत्यु में कमी लाने की आवश्यकता पर बल लिया तथा पुलिस एवं यातायात विभाग द्वारा सार्थक कार्यवाही किए जाने की बात कही। 

बैठक में सड़क सुरक्षा नीति के तहत सड़क दुर्घटनाओं के आकड़ों का प्रकाशन माह में एक बार जिले की वेबसाईट में सड़क परिवहन एवं राज्य मार्ग मंत्रालय के पोर्टल पर प्रकाशित किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल द्वारा मेजर एक्सीडेंट वाले स्थानों को चिन्हित किए जाने व उस स्थान का परीक्षण करने एवं दुर्घटना को रोकने के उपाय किए जाने के साथ ही ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर सुरक्षा के उपाय के संबंध में कहा गया। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेन्सियों द्वारा कभी-कभी निर्माण कार्य का रॉ मटेरियल रोड पर ही फैलाकर रखा जाता है, जो दुर्घटना का कारण व संभावना बनता है, जिसे तात्कालिक रूप से हटाने व व्यवस्थित करने के संबंध में कहा गया। बैठक में स्कूली वाहनों के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने एवं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से बैठक में निर्णय लिया गया। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि संबंधित दिशानिर्देश स्कूल प्रबंधन एवं सर्व संबंधितों को आदेश पत्र जारी किया जाए। बैठक में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुड सेमेरिटन योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की मदद करने वाले व्यक्ति को 5 हजार पारितोषिक राशि देने की घोषणा की गई है। इस संबंध में जिला स्तर पर अप्रेजल कमेटी का गठन किया जा चुका है, जिसके प्रचार-प्रसार के संबंध में बैठक में निर्णय लिया गया।


दो घंटे के सफल ऑपरेशन के बाद महिला के पेट से निकाला 4 किलो से अधिक वजन का ट्यूमर

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एक माह से तड़प रही महिला को डॉक्टर दंपत्ति ने दर्द से दिलाई निजात 

अनूपपुर। एक माह से दर्द से तड़प रही महिला को जिला चिकित्सालय अनूपपुर में पदस्थ डॉक्टर दंपत्ति ने 23 जुलाई शनिवार की दोपहर महिला के पेट से ओवेरियन टयूमर को निकालने के लिये दो घंटे से अधिक समय चले ऑपरेशन में 4 किलो 415 ग्राम वजन का ट्यूमर निकाला गया। इस सफल ऑपरेशन के बाद महिला ने राहत की सांस ली, वहीं परिजनों ने चिकित्सक दंपत्ति सर्जन डॉ. साकेत कौशिक एवं एनेस्थीसिया प्रभारी डॉ. उषा किरण कौशिक सहित पूरे स्टाॅफ के सहयोग की सराहना की। जानकारी अनुसार जैतहरी नगर के फाटकटोला निवासी राजकुमार कोल की पत्नी चंदा कोल 40 वर्षीय जो अपने पेट में दर्द होने पर विगत एक माह से परेशान थी, जिला चिकित्सालय में परीक्षण कराने पर पेट में ट्यूमर होने की जानकारी मिलने पर पीड़ित महिला का शनिवार की दोपहर चिकित्सक दंपत्ति सर्जन डॉ. साकेत कौशिक एवं एनेस्थीसिया प्रभारी डॉ. उषा किरण कौशिक, वरिष्ठ नर्सिंग ऑफिसर लिलि टेरेसा, ओटी स्टाॅफ के साथ दो घंटे से अधिक समय में सफलता पूर्वक ऑपरेशन कर मरीज के पेट से 4 किलो 415 ग्राम वजन का ओवेरियन टयूमर निकाला गया। डॉ. साकेत कौशिक ने बताया कि महिला कुछ दिन पूर्व जिला चिकित्सालय में पेट दर्द से परेशान होकर आई, जिसका परीक्षण कराने पर पेट में ट्यूमर होना पाया गया। जिस पर पीड़ित महिला का आज ऑपरेशन किया गया। मरीज के परिवारजन पेट की बीमारी के कारण उपचार हेतु निरंतर चिकित्सकों से संपर्क बनाए रखकर सफलता पूर्वक ऑपरेशन करवाने में सफल हो सके हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज चंदा कोल को जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती रखा गया है।


किरर घाट मार्ग में फिर गिरे पत्थर, पत्थरो को हटाने एमपीआरडीसी सक्रिय

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कार्य के दौरान यातायात पूरी तरह से रहेगा प्रतिबंधित

अनूपपुर। मध्यप्रदेश में लगातार बरसात हो रही है, ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। जिसमें अनूपपुर-अमरकंटक किरर मार्ग भी शामिल है।  जहां लगातार भूस्खलन की वजह से इसे बंद कर दिया गया है। राजेंद्रग्राम राजमार्ग स्थित किरर घाट में 22 व 23 जुलाई की मध्य रात्रि वर्षा से भूस्खलन से चट्टान टूटकर गिरने से बीच सड़क में बड़े-बड़े पत्थर फैल गयें। जिससे दुर्घटना की संभावना के दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर सोनिया मीना के दिशा निर्देश के बाद एमपीआरडीसी द्वारा सक्रियता से कार्य प्रारंभ कर दिया गया हैं। अनूपपुर-राजेन्द्रग्राम के बीच किररघाट बहुत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां के हनुमान मंदिर क्षेत्र के आसपास तेज बारिश में 6 जुलाई को भूस्खलन हुआ और चट्टानों टूटकर सड़क में गिरने से किररघाट से अनूपपुर और राजेन्द्रग्राम की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। चट्टानों के खिसकने से सडक पर करीब 100 मीटर क्षेत्र में जगह-जगह पत्थरों के टुकड़े बिखर गए थे। चट्टानों के लगातार खिसकने के बाद सुरक्षा के नजरिए से यहां से जिला प्रशासन ने यातायात बंद कर दिया। बताया जाता है कि करीब 600 मीटर का दायरा बहुत खतरनाक हो चुका है। यहां कभी भी भूस्खलन जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है। बारिश के कारण चट्टानें खिसक सकती हैं। एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के बाद कहा कि इस इलाके में तेज बारिश से चट्टानों के नीचे से मिट्टी का कटाव हो सकता है,  जोकि बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। चट्टानों के खतरनाक मोड पर होने के कारण अब विभाग इस मार्ग को पुनः चालू करने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं पुप्परराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह ने पुष्पराजगढ़ के ट्रांसपोर्टरों से मिलकर कलेक्ट पर दबाब बनाते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना देकर इस मार्ग को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की थी। विधायक ने ट्रांसपोर्टरों से मिलकर उनकी कमाई के लिए रास्ता खोलन का जायज बताया, किन्तुु प्रशासन की माने तो उक्त मार्ग अभी सुरक्षित नहीं हैं। कलेक्टर सोनिया मीना ने बताया कि तकनीकी मापदंडों के अनुरूप मार्ग को साफ करने के लिए एमपीआरडीसी के अधिकारियों के देखरेख में कार्य किया जा रहा है। कार्य लगभग एक सप्ताह में होने की संभावना हैं। सुरक्षा एवं जानमाल को दृष्टिगत रखते हुए अनूपपुर से किरर घाट सड़क मार्ग यातायात के लिए पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया हैं।


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