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Anuppur: जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में दिनदहाड़े फायरिंग, कर्मचारी बाल-बाल बचा

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नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार

अनूपपुरकोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खांड़ा स्थित रामपुर बटुरा खदान क्षेत्र में संचालित जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में रविवार को हुए गोलीकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। कंपनी के एक कर्मचारी को निशाना बनाकर कथित तौर पर गोली चलाई गई, लेकिन सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और कर्मचारी की जान बच गई। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले में कोतवाली पुलिस ने पप्पू विश्वकर्मा पिता गोविंद प्रसाद विश्‍वकर्मा, मिथलेश चर्मकार उर्फ लक्की पिता रामनरेश विश्‍वकर्मा और श्रीराम विश्वकर्मा पिता गोविंद प्रसाद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

नौकरी दिलाने के दबाव से शुरू हुआ विवाद

पुलिस को दी गई शिकायत में कंपनी के टाइमकीपर अमन सिंह ने बताया कि कंपनी में कार्यरत हेल्पर पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार पिछले कई दिनों से अपने परिचित 8 से 10 लोगों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव बना रहे थे। कंपनी प्रबंधन द्वारा उनकी मांग पूरी न किए जाने पर दोनों कर्मचारियों और अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहे थे। शिकायत के अनुसार 7 जून की सुबह भी दोनों आरोपियों ने कार्यालय परिसर में अमन सिंह के साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आलोक त्रिपाठी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

कार्यालय में घुसकर किया हंगामा

दोपहर करीब 3 बजे जब कार्यालय में कर्मचारी लंच के बाद चर्चा कर रहे थे, तभी पप्पू विश्वकर्मा, मिथलेश चर्मकार और श्रीराम विश्वकर्मा वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए फिर से नौकरी देने की मांग दोहराई। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शिकायत के मुताबिक पप्पू विश्वकर्मा ने अमन सिंह को गोली मारने की बात कही, जबकि मिथलेश चर्मकार ने श्रीराम विश्वकर्मा को कट्टा निकालने के लिए उकसाया।

सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

आरोप है कि श्रीराम विश्वकर्मा ने देशी कट्टा निकालकर अमन सिंह पर तान दिया और फायर कर दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को धक्का दे दिया। गार्ड की इसी सतर्कता के कारण गोली अमन सिंह को नहीं लगी और कार्यालय के फर्श में जा धंसी। घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद तीनों आरोपी कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

पुलिस ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार्यालय के फर्श में धंसी गोली सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 296(बी), 351(2), 331(7), 333, 3(5), 25, 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।

Anuppur बस स्टैंड के सुलभ कॉम्प्लेक्स में मिला मृत नवजात

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अनूपपुर अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालय में शनिवार शाम एक अज्ञात नवजात शिशु (बालक) का शव मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सोन नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस अज्ञात महिला और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि इस घटना के संबंध में कोई जानकारी हो तो तुरंत कोतवाली अनूपपुर से संपर्क करें।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

कोतवाली पुलिस को शनिवार शाम सूचना मिली कि बस स्टैंड परिसर के सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालय में एक नवजात मृत अवस्था में पड़ा है। सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया। रविवार दोपहर डॉक्टर द्वारा शव परीक्षण कराया गया। इसके बाद सोन नदी किनारे स्थित मुक्तिधाम में दफनाने की व्यवस्था की गई। पुलिस ने बताया कि नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार खोजबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ और अन्य तकनीकी व मानवीय स्रोतों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

24 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा, प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

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पोखरी डैम में रेत भरी बोरी से बंधा मिला था युवक का शव, पुलिस ने बाइक व हत्या में प्रयुक्त रस्सी की जब्त

अनूपपुर भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की गला घोंटकर हत्या कर शव को पोखरी डैम में फेंकने वाले चार आरोपियों किशन चौधरी पिता कमलेश दास चौधरी उम्र 20 वर्ष, कृष्‍णा कुमार पिता अनुरूद्व चौधरी उम्र 30  वर्ष, राजकुमार रैदास पिता सुरेश दास उम्र 34 वर्ष एवं चंदन प्रसाद चौधरी पिता सुगन उम्र 22 वर्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बाइक, रस्सी सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार 2 जून 2026 को सूचना मिली थी कि पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात युवक का शव पानी में तैर रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस पिता रंजू सहीस उम्र 18 वर्ष के रूप में की गई। शव के कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी। मृतक के पिता रंजू सहीस की रिपोर्ट पर थाना भालूमाड़ा में धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस द्वारा संदेहियों से बारीकी से पूछताछ करने पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा निकला। जांच में सामने आया कि मृतक सनि सहीस का आरोपी की सगी भांजी के साथ पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी लड़की के परिवार वालों को होने पर उन्होंने कई बार सनि को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना।

इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने साथी, चचेरे भाई एवं पड़ोसी के साथ मिलकर सनि की हत्या की योजना बनाई। 29 मई की रात करीब 8.30 बजे चारों आरोपी सनि को मोटरसाइकिल से बड़ी पुलिया के पास ले गए, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल, दस्तावेज एवं हत्या में प्रयुक्त रस्सी जब्त कर ली है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उक्‍त कार्यवाही में थाना प्रभारी भालूमाड़ा उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, सहायक उप निरीक्षक चन्द्रहास बांधेकर, कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय एवं साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार तथा आरक्षक पंकज मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।

दहेज प्रताड़ना से नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और सास गिरफ्तार

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अनूपपुरदहेज प्रताड़ना के चलते नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने मृतका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 पुरानी बस्ती अनूपपुर निवासी 21 वर्षीय नवविवाहिता हेमा वंशकार की 13 मई 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका को फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाए जाने के बाद जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष के परिजनों एवं गवाहों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति राज वंशकार एवं सास ज्योति वंशकार द्वारा दहेज में दो लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर हेमा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई। पुलिस जांच में यह पाया गया कि विवाह के सात वर्ष के भीतर दहेज प्रताड़ना के कारण हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इसके आधार पर थाना कोतवाली अनूपपुर में आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 85, 80(2), 3(5) एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 एवं 4 के तहत अपराध दर्ज किया गया। बुधवार सुबह कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन तथा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

पत्नी के मायके जाने से नाराज पिता ने 4 वर्षीय बेटी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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अनूपपुरअनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेंदी में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। पत्नी के मायके से वापस नहीं लौटने से नाराज एक पिता ने अपनी ही चार वर्षीय मासूम बेटी की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम बेंदी निवासी अमरवती मरावी ने बताया कि उसका पति गोवर्धन सिंह मरावी शराब के नशे में अक्सर मारपीट और विवाद करता था। प्रताड़ना से परेशान होकर वह करीब आठ दिन पहले अपनी चार वर्षीय बेटी प्रीति मरावी और एक वर्षीय बेटे के साथ मायके ग्राम केशवानी चली गई थी। बताया गया कि 30 मई को गोवर्धन सिंह पत्नी के मायके पहुंचा और उसे वापस घर चलने के लिए कहा, लेकिन पत्नी ने उसके शराब छोड़ने तक साथ जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरोपी अपनी बेटी प्रीति को जबरन अपने साथ ग्राम बेंदी ले आया।

महिला ने पुलिस को बताया कि सोमवार-मंगलवार की रात उसकी बहन के मोबाइल पर गोवर्धन का फोन आया। उसने धमकी दी कि यदि पत्नी घर वापस नहीं आई तो वह बेटी को मार देगा। सूचना मिलते ही महिला अपने माता-पिता के साथ ससुराल पहुंची, जहां आरोपी घर पर नहीं मिला। परिजनों ने बच्ची की तलाश की तो घर के भीतर उसका खून से लथपथ शव मिला। बच्ची का गला कटा हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पंचनामा कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने बताया कि आरोपी शराब का आदी था और पत्नी से आए दिन मारपीट करता था। पत्नी के मायके चले जाने से वह नाराज था। उसने पहले फोन पर धमकी दी और बाद में घटना को अंजाम दे दिया।

डॉ. मोहन यादव देश के पहले सीएम, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV

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देश के पहले मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV

  • एक बार चार्ज करने पर चलेगी 500 किमी
  • विकसित भारत 2047 का संदेश देता है वाहन नंबर
  • पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पर्यावरण संरक्षण और मितव्ययता को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की है। वे देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को शामिल किया है। मुख्यमंत्री के काफिले में अब Mahindra & Mahindra की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है।

कंपनी के दावे के अनुसार यह इलेक्ट्रिक कार एक बार चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर तक चल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जून को इस नई ईवी कार से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर, भोपाल तक सफर किया।

मुख्यमंत्री की नई कार का नंबर MP-02-VB-2047 रखा गया है। इसमें ‘VB’ को ‘विकसित भारत और 2047 को प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। कार में 360 डिग्री कैमरा सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पहल के जरिए मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग का संदेश दिया है। वाहन के ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने विभिन्न स्थानों पर गिद्धों और मगरमच्छों को प्राकृतिक संरक्षण के उद्देश्य से छोड़ा था। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के बिना विकास अधूरा है और सौर ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का मजबूत विकल्प बन सकती है।

मुख्यमंत्री अपनी सादगी और मितव्ययता को लेकर भी लगातार चर्चा में रहते हैं। हाल ही में इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया था। इससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान भी वे टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी पहले की तुलना में कम की गई है।

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