जिला पंचायत ने की कार्यवाही, मामला पुष्पराजगढ के ग्राम पंचायत रनईकापा तथा देवरा का
अनूपपुर। जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत रनईकापा में सचिव अशोक कुमार वनवासी तथा ग्राम पंचायत देवरा के सचिव रामयतन यादव की पदस्थापना किए जाने के बाद से केवल ४ बार ग्राम पंचायत में उपस्थित होने तथा ग्राम पंचायत देवरा का प्रभारी ग्रहण नही किए जाने के साथ दोनो सचिवो द्वारा पंचायत के कार्यो में निरंतर लापरवाही बरतने तथा ग्राम पंचायत कार्यालय से हमेशा अनुपस्थित रह कर कार्य में रूचि न लेने के कारण शासन द्वारा संचालित हितग्राही मूलक कार्य एवं निर्माण प्रभावित होने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी केव्हीएस चौधरी ने दोनो सचिवो को मानमानी, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही, आदेश-निर्देशो की अवहेलना करने व अपने कार्य पर उपस्थित न रहने की पुष्टि पाए जाने पर म.प्र. पंचाायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम १९९९ व म.प्र. राजपत्र (असाधरण) को ९ अगस्त २०१७ के कंडिका ०३ (क) के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया गया। मामले की जानकारी के अनुसार ७ अगस्त २०१५ द्वारा ग्राम पंचायत देवरा में रामयतन यादव सचिव की पदस्थापना ग्राम पंचायत देवरा के लिए की गई, लेकिन सचिव रामयतन द्वारा देवरा का प्रभार ग्रहण नही किया जिसके बाद कार्यालयीन पत्र क्र/६७९६/जिपं/पंचा.प्रको./२०१७ अनूपपुर २७ फरवरी २०१७ द्वारा सचिव ग्राम पंचायत दवरा रामयतन को पर्याप्त अवसर प्रदान करते हुए दिनांक २० मार्च २०१७ को समझा में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखते हुए निर्देशित किया गया था, सचिव श्री यादव ने उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत किया किन्तु जवाब समाधान कारक न होने के कारण समझाईश देते हुए पुन: १ सप्ताह के अंदर ग्राम पंचायत देवरा का प्रभार ग्रहण कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके बाद सचिव की ग्राम पंचायत में उपस्थित तथा अनुपस्थिति की जानकारी ली गई जिस पर जांच प्रतिवेदन पर सचिव श्री यादव १० जनवरी २०१६ से १९ मार्च २०१६ तक चिकित्सा अवकाश पर रहे तथा दिनांक २१ मार्च २०१६ की उपस्थित होकर पुन: आज दिनांक तक अनुपस्थित रहे। जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुष्पराजगढके प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत ने कार्यवाही की, इसके साथ ही ग्राम पंचायत रनईकापा के सचिव अशोक कुमार वनवासी द्वारा संचालित सभी कार्य प्रभावित पाए जाने पर देव सिंह पंचायत समन्वयक अधिकारी जनपद पुष्पराजगढ़ को अग्रिम आदेश तक ग्राम पंचायत रनईकापा का सचिव प्रभार सौंपा गया है। वहीं २० सितम्बर २०१० को आशोक कुमार सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर ५ अक्टूबर २०१० को उपिस्थत होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए लेकिन जवाब संतोषप्रद नही होने पर २० सितम्बर २०१० के विरूद्ध न्यायालय कमिश्रर शहडोल संभाग में वर्ष २०१०-११ में अपील प्रस्तुत की गई। जहां पर अपील प्रकरण क्रमांक १५/२०११ दायर किए जाने पर न्यायालय द्वारा प्रकरण में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए। जिसके बाद ९ मार्च २०११ में अशोक कुमार बनवासी पंचायत कर्मी/सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा के द्वारा सचिवीय कार्यो में बरती जा रही स्वच्छाचारिता, लापरवाही तथा ग्राम पंचायत कार्यालय में निरंतर अनुपस्थिति रहने के कारण म.प्र. पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम १९९३ की धारा ६९ (१) के अंतर्गत सौपे गए सचिवीय अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया और जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ द्वारा जारी पत्र के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया श्री पन्ने सिंह द्वारा अपने प्रतिवेदन में अशोक कुमार पूर्व सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा वर्ष २००७-०८ से लगातार फरार व अनुपस्थित है इनके बारे में किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त नही है। जिस के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुष्पराजगढ़ प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर सचिव अशोक कुमार बनवासी पूर्व पंचायतकर्मी/सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा को पद से पृथक किया गया।
अनूपपुर। जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत रनईकापा में सचिव अशोक कुमार वनवासी तथा ग्राम पंचायत देवरा के सचिव रामयतन यादव की पदस्थापना किए जाने के बाद से केवल ४ बार ग्राम पंचायत में उपस्थित होने तथा ग्राम पंचायत देवरा का प्रभारी ग्रहण नही किए जाने के साथ दोनो सचिवो द्वारा पंचायत के कार्यो में निरंतर लापरवाही बरतने तथा ग्राम पंचायत कार्यालय से हमेशा अनुपस्थित रह कर कार्य में रूचि न लेने के कारण शासन द्वारा संचालित हितग्राही मूलक कार्य एवं निर्माण प्रभावित होने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी केव्हीएस चौधरी ने दोनो सचिवो को मानमानी, स्वेच्छाचारिता, लापरवाही, आदेश-निर्देशो की अवहेलना करने व अपने कार्य पर उपस्थित न रहने की पुष्टि पाए जाने पर म.प्र. पंचाायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम १९९९ व म.प्र. राजपत्र (असाधरण) को ९ अगस्त २०१७ के कंडिका ०३ (क) के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया गया। मामले की जानकारी के अनुसार ७ अगस्त २०१५ द्वारा ग्राम पंचायत देवरा में रामयतन यादव सचिव की पदस्थापना ग्राम पंचायत देवरा के लिए की गई, लेकिन सचिव रामयतन द्वारा देवरा का प्रभार ग्रहण नही किया जिसके बाद कार्यालयीन पत्र क्र/६७९६/जिपं/पंचा.प्रको./२०१७ अनूपपुर २७ फरवरी २०१७ द्वारा सचिव ग्राम पंचायत दवरा रामयतन को पर्याप्त अवसर प्रदान करते हुए दिनांक २० मार्च २०१७ को समझा में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखते हुए निर्देशित किया गया था, सचिव श्री यादव ने उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत किया किन्तु जवाब समाधान कारक न होने के कारण समझाईश देते हुए पुन: १ सप्ताह के अंदर ग्राम पंचायत देवरा का प्रभार ग्रहण कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके बाद सचिव की ग्राम पंचायत में उपस्थित तथा अनुपस्थिति की जानकारी ली गई जिस पर जांच प्रतिवेदन पर सचिव श्री यादव १० जनवरी २०१६ से १९ मार्च २०१६ तक चिकित्सा अवकाश पर रहे तथा दिनांक २१ मार्च २०१६ की उपस्थित होकर पुन: आज दिनांक तक अनुपस्थित रहे। जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुष्पराजगढके प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत ने कार्यवाही की, इसके साथ ही ग्राम पंचायत रनईकापा के सचिव अशोक कुमार वनवासी द्वारा संचालित सभी कार्य प्रभावित पाए जाने पर देव सिंह पंचायत समन्वयक अधिकारी जनपद पुष्पराजगढ़ को अग्रिम आदेश तक ग्राम पंचायत रनईकापा का सचिव प्रभार सौंपा गया है। वहीं २० सितम्बर २०१० को आशोक कुमार सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर ५ अक्टूबर २०१० को उपिस्थत होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए लेकिन जवाब संतोषप्रद नही होने पर २० सितम्बर २०१० के विरूद्ध न्यायालय कमिश्रर शहडोल संभाग में वर्ष २०१०-११ में अपील प्रस्तुत की गई। जहां पर अपील प्रकरण क्रमांक १५/२०११ दायर किए जाने पर न्यायालय द्वारा प्रकरण में यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए। जिसके बाद ९ मार्च २०११ में अशोक कुमार बनवासी पंचायत कर्मी/सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा के द्वारा सचिवीय कार्यो में बरती जा रही स्वच्छाचारिता, लापरवाही तथा ग्राम पंचायत कार्यालय में निरंतर अनुपस्थिति रहने के कारण म.प्र. पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम १९९३ की धारा ६९ (१) के अंतर्गत सौपे गए सचिवीय अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया और जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ द्वारा जारी पत्र के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया श्री पन्ने सिंह द्वारा अपने प्रतिवेदन में अशोक कुमार पूर्व सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा वर्ष २००७-०८ से लगातार फरार व अनुपस्थित है इनके बारे में किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त नही है। जिस के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पुष्पराजगढ़ प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर सचिव अशोक कुमार बनवासी पूर्व पंचायतकर्मी/सचिव ग्राम पंचायत रनईकापा को पद से पृथक किया गया।

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