आमीन वारसी / कोतमा। बिजुरी रेंज मे बीते मंगलवार को एक भालू की करेंट से शिकार किए जाने का मामला सामने आया। जिसके बाद बुधवार को वन डिपो कोतमा मे भालू के शव का पीएम उपरांत डीएफओ के समक्ष उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं पूरे मामले मे वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी जानकारी देने से कतराते रहे। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार बिजुरी रेंज के डोला बीट मे छ.ग. से लगे आमानाला में मंगलवार की रात को भालू की करेंट लगाकर शिकार करने से हुई मौत के बाद सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जानकारी होने पर षव का घटनास्थल पंचनामा तैयार किया गया। मृत भालू नर प्रजाति का था जिसकी उम्र लगभग 4 वर्ष की बताई जा रही है। वहीं मृत भालू के नाखून और लिंग गायब थे।
क्षेत्र मे शिकारियो का फैला नेटवर्क
बताया जाता है कि कोतमा और बिजुरी क्षेत्र भालू के लिए जाना जाता है, जहां उदासीन हो चले वन अमले का फायदा उठाते हुए शिकारियो के गिरोह ने भालू का शिकार कर उनके कीमती अंगो को निकाल कर उसकी तस्करी करने में लगे है। जिसमे विभाग की मिलीभगत को लेकर भी चर्चाएं सामने आई है। मामले की जानकारी लगते हुए डीएफओ ने स्वंय क्षेत्र मे पहुंच जानकारी लेते हुए शिकारियो की गिरफ्तारी के निर्देश के दिए है।
इनका कहना है
भालू के शिकार होने की जानकारी लगने पर मै स्वंय घटना स्थल गई थी, वन अपराध दर्ज कर शिकारियो की तलाश की जा रही है।
प्रियांशी सिंह राठौर, वन मंडलाधिकारी अनूपपुर


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