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वेंकटनगर खरीदी केन्द्र में फैली अव्यवस्थओ के कारण पानी में पड़ी किसानो की धान

Friday, January 3, 2020

/ by News Anuppur

संबंधित अधिकारी ने धारण किया मौन, सुरक्षा के नही कोई इंतजाम
वेंकटनगर। जिले में धान उपार्जन के लिए बनाए गए 20 धान खरीदी केन्द्रो में जहां पंजीकृत 10 हजार 704 किसानो में से अब तक 4 हजार 210 किसानो ने अपनी 1 लाख 92 हजार 740 क्विंटल धान बेची है। जबकि इस वर्ष विभाग ने 35 हजार मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जहां जिले के समस्त धान खरीदी केन्द्र में फैली अव्यवस्थाओं के कारण अपने इस लक्ष्य से कोसो दूर है। वहीं नागरिक आपूर्ति विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग एवं सहकारिता विभाग ने बारिश के पूर्व ही धान की सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किए गए। जिसके कारण परिवहन कर भंडारित धान एवं खरीदी केन्द्रो मे रखी धान खुले असमान में होने के कारण पूरी तरह भींग चुकी है। जिसमें सबसे ज्यादा हालत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति वेंकटनगर की बनी हुई है। जहां किसान लगातार परेशान हो रहे है।
कुर्सियो मे बैठे पूरे होगे निर्देश
जानकारी के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी विपिन पटेल की उदासीनता के कारण जहां किसान खरीदी केन्द्रो अव्यवस्थाओं के बीच अपनी धान बेचे जाने की कई शिकायते की जा चुकी है। बावजूद इसके इनके द्वारा किसी भी खरीदी केन्द्रो में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नही किए गए। जिसके कारण जिले भर की 80 हजार क्विंटल से अधिक धान भींग चुकी है। जो बीते कई वर्षो के रिकार्ड इनकी मेहरबानी से टूटते हुए इतनी अधिक मात्रा में बारिश के पानी में भींग गई।
धान की सुरक्षा व अव्यवस्थाओं पर नही कोई ध्यान
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति वेंकटनगर में फैली अव्यवस्थाओं के बाद अब किसानो की धान की सुरक्षा पर संबंधित विभाग चुप्पी साधे हुए है। जहां समय पर परिवहन नही होने, खरीदी केन्द्रो में मची भर्रेशाही एवं परिवहन के बाद खुले में भंडारित की गई धान की स्थिति से उसका जायजा लिया जा सकता है। जो विभागीय अधिकारियों की पोल खोल कर रख दी है। जिसका खमियाजा हजारो क्विंटल धान खुले आसमान में नीचे भींग रहे है। जिसकी व्यवस्था बनाने के लिए कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जिसके कारण वेंकटनगर के खरीदी प्रबंधक एवं प्रभारी की मनमानी के किसान परेशान है।
इन किसानो की पानी में पड़ी धान
जानकारी के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति वेंकटनगर में बारिश के बाद परिसर में भरे पानी पर रखी गई है। किसान दीलिप सिंह राठौर बीड, गुलाब सिंह राठौर चोरभठी, धर्मदास चौधरी मनोरा, राजकुमार राठौर बीड, नत्थू लाल प्रजापति मनोरा, तेरसू प्रजापति मनोरा, राजेश सिंह राठौर गोरसी, वीरेंद्र सिंह राठौर गोरसी, गजेंद्र सिंह राठौर गोरसी, गणेश सिंह राठौर मानिकपुर, मनोज राठौर बीड, राम सहाय राठौर मानिकपुर सहित अन्य किसानो की धान पूरी तरह से भींग गई है। जिसके कारण किसान सहित प्रदेश शासन को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानो ने लगाया आरोप
धान बचने के लिए खरीदी केन्द्र में पहुंचे किसान जहां 10 दिनो से अपनी धान को लेकर केन्द्र में बैठे हुए है, जहां 25 दिसम्बर की शाम से हुई बारिश में उनकी धान पानी में भिंग गई है। वहीं किसानो का आरोप है की धान खरीदी प्रबंधक एवं खरीदी प्रभारी द्वारा किसानो के स्थान पर व्यापारी बने किसानो की धान पहले खरीदी की जा रही है। किसानो का आरोप है की यहां पर रूपए देने वाली की धान पहले खरीदी की जाती है। किसानो ने बताया की धान खरीदी केन्द्र वेंकटनगर में धान लेकर आने के बाद न तो रूकने की व्यवस्था है और न ही उनके रात में अपनी धान की सुरक्षा के इंतजाम के साथ ही ठंड से बचने के लिए किसी तरह के उपाय नही किए गए है।

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