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सजहा वेयर हाउस में 4 करोड़ का 16 हजार क्विंटल गेहूं में लगा घुन, लगातार जाँच के बाद खपाने की चल रही तैयारी

सजहा वेयर हाउस में 4 करोड़ का 16 हजार क्विंटल गेहूं में लगा घुन, लगातार जाँच के बाद खपाने की चल रही तैयारी

Sunday, July 12, 2020

/ by News Anuppur



चौथी बार जांच करने पहुंचे अधिकारी, जांच में 3 से 10 प्रतिशत घुन, अमानक के ऑफर लिमिट को छू लिया प्रतिशत
इंट्रो -  सजहा वेयर हाउस में भंडारित खाद्यान्न के खराब हो जाने की जानकारी के बाद जहां कमिश्नर के निर्देशन में दो बार एसडीएम अनूपपुर द्वारा खाद्य विभाग की टीम के साथ पहुंचकर जांच की गई, जहां दोनो ही जांच में  टीम ने पंचनामा बनाते हुए प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा गया है। जिसमें 11 स्टैक के 32 हजार गेहूं की बोरियां वजन 16 हजार क्विंटल कीटग्रसित होकर डस्ट फार्मेशन में बदल चुका है। जिसकी इकोनाॅमिक काॅस्ट 4 करोड़ रूपए है। इसके साथ ही सजहा गोदाम में रखे 1 हजार 746 बोरी चावल वजन 873 क्विंटल खाने योग्य ही नही बचा, जिसकी इकोनाॅमिक काॅस्ट 26 लाख 19 हजार है। सजहा वेयर हाउस के संचालक पंकज तिवारी द्वारा समय पर उक्त भंडारित खाद्यान्न का समय पर उपचार नही किए जाने से उक्त परिस्थिति निर्मित हुई और 4 करोड़ 26 लाख 19 हजार का चावल व गेहूं खराब हो गया, जो वितरण योग्य ही नही बचा है।

अनूपपुर। विन्ध्या इरेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड गोदाम म.प्र. वेयरहाउस एंड लाॅजिस्टिक काॅर्पोरेशन अनूपपुर द्वारा संयुक्त भागीदारी योजना के तहत अनुबंधित है। जहां वर्ष 2019-20 का गोदाम में भंडारित गेहूं खराब हो जाने व पूर्व में की गई कीटोपचार के उपरांत भी उक्त 10 स्टैक का गेहूं पीडीएम में वितरण योग्य नही पाया गया। जिसके बाद 11 जुलाई को डी.के. श्रीवास्तव सहित प्रदाय केन्द्र प्रभारी सुनील कुमार गर्ग, वेयर हाउस अनूपपुर शाखा प्रबंधक प्रीति शर्मा, सहायक आपूर्ति अधिकारी वाॅय.एस. तिवारी जांच में पहुंचे और जांच में गोदाम में रखे 18 स्टैक गेहूं को गुणवत्ताविहीन पाया। जिसमें टीम ने पंचनामा बनाते हुए उक्त स्कंध में गेहूं के दाने 3 प्रतिशत से 9.5 प्रतिशत घुन लगा होना तथा कुछ गेहूं की बोरियां फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) के कारण छांट कर पुनः जांच कराते हुए पीडीएस में प्रदाय कराने की टीप दी गई है। जबकि गेहूं के आटा फाॅमेशन के साथ गेहूं के दाने में घुन लग जाने के बाद इन खराब गेहूं को खपाने की योजना है। इस पूरे मामले में गोदाम संचालक पंकज तिवारी तथा प्रदाय केन्द्र प्रभारी अनूपपुर सुनील कुमार गर्ग द्वारा मिलीभगत कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कीटग्रस्त स्कंध को भेजने पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जाना चाहिए।

4 करोड़ 26 लाख 19 हजार का खाद्यान्न हुआ खराब

पूरे मामले में 5 जुलाई को एसडीएम सहित खाद्य विभाग के निरीक्षण व पंचनामा के बाद बनाए गए प्रतिवेदन में 16 हजार क्विंटल गेहूं एवं 873 क्विंटल चावल खाने योग्य नही पाया गया, जहां हर स्टैक की इकोनाॅमिक काॅस्ट निकाली गई है। जिसमें गोदाम नंबर 15 बी में स्टैक नंबर 3 में 1828 बोरियों में 914 क्विंटल का इकोनाॅमिक कॉस्ट 22 लाख 85 हजार, स्टैक 4 में  2633 बोरी में वजन 1316.5 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 32 लाख 91 हजार 250, स्टैक 5 में 2630 बोरी वजन 1315 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 32 लाख 87 हजार 500, स्टैक 6 में 3240 बोरी वजन 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 40 लाख 50 हजार, स्टैक 7 में 3147 बोरी वजन 1573.5 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 39 लाख 33 हजार 750, स्टैक 8 में 2792 बोरी वजन 1396 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 34 लाख 90 हजार, स्टैक 9 में 3240 बोरी में 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 40 लाख 50 हजार, स्टैक 10 में 3240 बोरी में 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 40 लाख 50 हजार, स्टैक 11 में 3240 बोरी में 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 40 लाख 50 हजार, स्टैक 12 में 1560 बोरी में 1560 क्विंटल 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 39 लाख 50 हजार तथा गोदाम नंबर 15 सी के स्टैक नंबर 8 में रखे 2890 बोरियो में 1445 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 36 लाख 12 हजार 500 रूपए आई है। वहीं गोदाम नंबर 15ए के स्टैक 1 में 1746 बोरी में 873 क्विंटल चावल की 1620 क्विंटल की इकोनाॅमिक काॅस्ट 26 लाख 19 हजार कुल 40 करोड़ 26 लाख 19 हजार का चावल और गेहूं सजहा में पूरी तरह से खराब हो गया है।

कौन है डी. के. श्रीवास्तव

जब मामले में सजहा गोदाम में गेहूं के गुणवत्ता की जांच करने पहुंचे दीपक कुमार श्रीवास्तव के संबंध में पता किया, जहां पता चला गुणवत्ता निरीक्षक डी.के. श्रीवास्तव बीते तीन से चार वर्षो पूर्व रिटायर्ड हो चुके है। जिन्हे कई बार उन्हे अनूपपुर जिले में देखा गया है। वहीं रिटायर्ड कर्मचारी क्षेत्रीय प्रबंधक के मौखिक आदेश का हवाला देते हुए शाखा प्रबंधक डब्ल्यूएलसी, प्रदाय केन्द्र प्रभारी अनूपपुर, सहायक आपूर्ति अधिकारी के साथ खराब हो चुके गेहूं की जांच की गई। सवाल यहां पर यह खड़ा होता है कि डी.के. श्रीवास्तव नागरिक आपूर्ति के रिटायर्ड कर्मचारी है, जिन्हे बेसक क्षेत्रीय प्रबंधक खाद्यान्न के क्वालिटी की जांच के लिए एडवाईजरी व काॅसलटेंट के रूप में रख सकता है, लेकिन इसके लिए क्षेत्रीय प्रबंधक का सजहा वेयर हाउस में गेहूं जांच का कोई लिखित आदेश नही था, जिस पर अब सरकारी तंत्र पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। इसके साथ ही कई सवाल खड़े हो रहे है कि खाद्यान्न के जांच के लिए नाॅन अनूपपुर के क्वालिटी निरीक्षको से भरोसा उठ गया है। वहीं एसडीएम अनूपपुर एवं खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई जांच पर आखिर एैसा कौन सा कारण बना की गेहूं के घुन जाने के साथ डस्ट फाॅर्मेशन की रिर्पोट देने के बाद भी गेहूं के खपाने की नई-नई योजनों को अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा है।

गेहूं के आटा फारमेशन होने पर नाॅन के डीएम लगा चुका है प्रतिबंध

पूरे मामले की जानकारी के अनुसार सजहा वेयर हाउस में भंडारित गेहूं के आटा फारर्मेशन होने के कारण नाॅन अनूपपुर के डीएम ए.के. द्विवेदी ने म.प्र. वेयर हाउसिंग एंड लाॅजिस्टिक्स काॅर्पो. अनूपपुर के शाखा प्रबंधक को सजहा गोदाम नंबर 15 में भंडारित गेहूं को सार्वजनिक वितरण हेतु प्रतिबंधित किए जाने का आदेष दिया गया है। जहां अपने आदेश क्रमांक/भंडारण/2020-21/132, दिनांक 4 जुलाई 2020 को जारी किया गया। जहां आदेश के माध्यम से उपमहाप्रबंधक भोपाल द्वारा दिए गए निर्देश के तारतम्य में सजहा गोदाम क्रमांक 15 में भंडारित वर्ष 2019-20 का गेहूं कीटग्रस्त हो जाने के कारण उचित मूल्य की दुकानो से प्राप्त शिकायतो के आधार पर भंडारित गेहूं के गोदाम नंबर 15बी के स्टैक नंबर 3 से 12 तक एवं गोदाम नंबर 15 सी में स्टैक क्रमांक 7 एवं 8, गोदाम नंबर 15 डी में स्टैक क्रमांक 2, 3 एवं 9 तथा 15 ई में स्टैक नंबर 12 को आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है।

अब गेहूं को खपाने साॅलवेजिंग की तैयारी

सजहा वेयर हाउस में भंडारित 16 हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में खराब हुए गेहूं को खापाने के लिए संचालक पंकज तिवारी एवं प्रदाय केन्द्र प्रभारी अनूपपुर सुनील कुमार गर्ग ने मिलीभगत कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के विपरित जाकर गुणवत्ताविहीन व घुन चुके गेहूं की तैयारियों में जुट गए है। जहां अपने उच्च कार्यालयो व अधिकारियों को भ्रमित करते हुए प्रदय केन्द्र प्रभारी सुनील कुमार गर्ग पूरे मामले में घुने गेहूं में साॅलवेजिंग यानी अच्छा गेहूं मिलाकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानो में वितरण कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

इनका कहना है

मुझे सिर्फ सजहा वेयर हाउस में जांच के लिए फोन के माध्यम से सूचना मिली थी, जिसके बाद मै वहां पहुंची। नाॅन के रिटायर्ड कर्मचारी को सजहा गोदाम के जांच के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा कोई आदेश दिया गया है या नही मुझे नही मालूम।

प्रीति शर्मा, शाखा प्रबंधक अनूपपुर डब्ल्यूएलएलसी 


इनका कहना है

मेरे द्वारा नाॅन के रिटायर्ड कर्मचारी से जांच के आदेश व उनका परिचय पत्र मांगा गया था, जहां उन्होने मौखिक आदेश का हवाला दिया। जिसके बाद नागरिक आपूर्ति के डीएम के निर्देशन पर जांच में पहुंचे थे।

वाॅय.एस. तिवारी, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अनूपपुर


इनका कहना है

आरएम के आदेश में जांच करने पहुंचे थे, ये मै नही बता सकता की उनके पास कोई लिखित आदेश था या नही ये आरएम ही बता पाएंगे।

ए.के. द्विवेदी, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम अनूपपुर

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