बतूल वेयर हाउस पहुंचे उप महाप्रबंधक गुणवत्ता, जांच में अपग्रेड हुए चावल के तीन स्टेक किए फेल
जिले के गोदामों में जमा अमानक चावल के वितरण पर रोक लगने के बाद भी जिले के तीन विकासखंडो जिनमें अनूपपुर, कोतमा एवं जैतहरी के उचित मूल्य दुकानो में अमानक चावल की खेप पहुंचाकर गरीब हितग्राहियों को वितरण किया जा रहा है, जिसकी लगातार शिकायत के बाद भी इस ओर किसी तरह का ध्यान नही दिया जा रहा है। इस मामले में वेयर हाउस शाखा प्रबंधक कोतमा सहित नॉन के क्वालिटी इंसपेक्टरो की भूमिका संदिग्ध है, जहां अपग्रेडेशन के नाम पर कागजो में खेल खेलने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में लगे हुए है। जहां प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजना का पलीता लगाते हुए अब तक 30 हजार क्विंटल चावल के अपग्रेडेशन में 6 हजार क्विंटल चावल फिर अमानक पाया गया।
आयशा एवं अब्दुल वाहिद राईस मिल के अपग्रेड हुए 4850 क्विंटल चावल फिर अमानक
अनूपपुर/कोतमा। जिले के 12 मिलरों द्वारा धान की मिलिंग के बाद जमा किए चावल की जांच में 94 हजार 982 क्विंटल चावल अमानक मिलने के बाद अपग्रेडेशन के निर्देश दिए गए थे। जिसमें कुछ मिलरों द्वारा 30 हजार क्विंटल अमानक चावल का अपग्रेड किए जाने का खेल वेयर हाउस शाखा प्रबंधक कोतमा अरविंद मिश्रा द्वारा मिलीभगत कर कागजो में किया गया और कागजो में हुए अपग्रेड चावल को खपाने के नाम पर उचित मूल्य की दुकानो एवं एलआरटी के माध्यम से कोतमा गोदाम से उठाकर सीधे राजेन्द्रग्राम वेयर हाउस के गोदाम में पहुंचा दिया गया है। जहां 10 नवम्बर को नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल के उप महाप्रबंधक गुणवत्ता जी.पी. बेथरिया, क्वालिटी इंसपेक्टर सुनील कुमार गर्ग एवं नत्थू बाबू ने मनेन्द्रग्रढ़ रोड स्थित बतूल वेयर हाउस के गोदाम में अपग्रेड कर जमा किए चावल के गुणवत्ता की जांच की गई, जहां जांच में उन्होने अपग्रेड चावल को अमानक पाते हुए तीन स्टेक चावल गुणवत्ता विहीन पाते हुए रिजेक्ट कर दिया है।
अपग्रेड हुए 4850 क्विंटल चावल फिर अमानक
पूरे मामले में नागरिक आपूर्ति विभाग के उप महाप्रबंधक ने बतूल वेयर हाउस के गोदाम में रखे अपग्रेड चावल की जांच की, जहां जांच में उन्होने अपग्रेड हुए चावल को अमानक पाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जहां अमानक चावल को बिना अपग्रेड कर सिर्फ कागजो में अपग्रेशन दिखाने के खेल को उजागर किया। वहीं अपग्रेड के नाम पर जमा चावल जिसमें आयशा राईस मिल के 5 लॉट वजन लगभग 1450 क्विंटल तथा अब्दुल वाहिद राईस मिल के दो स्टेक वजन लगभग 3400 क्विंटल चावल को रिजेक्ट कर दिया गया है। वहीं इसके पूर्व भी 9 नवम्बर को भोपाल से जेडी फूड सुकृति सिंह, आरएम सतना रवि सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी अंबोज श्रीवास्तव, जिला नागरिक आपूर्ति प्रबंधक हेमंत तालेगांवकर के साथ अन्य टीम ने वेयरहाउस कोतमा एवं राजेन्द्रग्राम में अमानक चावल के अपग्रेडेशन कर भंडारित किए गए चावल की जांच की गई थी, जिसमें राजेन्द्रग्राम वेयरहाउस में चावल के 2 स्टेक में अब्दुल वाहिद राईस मिल का एक स्टेक के 2722 बोरी तथा बतूल वेयर हाउस कोतमा में अब्दुल वाहिद राईस मिल का एक स्टेक लगभग 2800 बोरी चावल अमानक पाते रोक लगा दी गई थी।
विभाग की मिलीभगत से कागजो में चल रहा अपग्रेडेशन का खेल
पूरे मामले में जहां मिलरों द्वारा धान की मिलिंग कर जमा किए अमानक चावल पर निगम द्वारा मिलरों को पुन: चावल के अपग्रेडेशन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपग्रेडेशन के नाम पर जिले में अब तक मात्र 20 प्रतिशत चावल ही अपग्रेड किया गया, इस 20 प्रतिशत चावल के अपग्रेडेशन में मिलरों द्वारा विभाग से सांठगांठ कर कागजो में चावल का अपग्रेडेशन दिखाकर उसे उचित मूल्य की दुकानो तक पहुंचाने के साथ ही एलआरटी के माध्यम से राजेन्द्रग्राम भेजे जाने का खेल खेला गया है, जिसमें वेयर हाउस शाखा प्रबंधक कोतमा अरविंद मिश्रा द्वारा इस पूरे खेल को मिलरों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया, जिसकी पोल अपग्रेड चावल की जांच करने पहुंचे उप महाप्रबंधक गुणवत्ता जीपी जी.पी. बेथरिया एवं जेडी फूड सुकृति सिंह द्वारा खोला गया है।

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