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मुख्यमंत्री नलजल योजना के कार्यो में साला-जीजा लगा रहे पलीता

मुख्यमंत्री नलजल योजना के कार्यो में साला-जीजा लगा रहे पलीता

शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

/ by News Anuppur

कार्यो की जांच के बाद भी पीएचई के अधिकारी भुगतान कराने का कर रहे प्रयास

पूर्व विधायक रामलाल ने संभागायुक्त से की मांग, जांच के दौरान न कराया जाए भुगतान

अनूपपुर। जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम हरद, पयारी एवं परासी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 2 करोड़ 75 लाख 51 हजार की लागत से मुख्यमंत्री नलजल योजना अंतर्गत उच्चस्तिरीय पानी टंकी एवं पाईप लाईन का विस्तार का कार्य किया जा रहा है, प्रारंभ से ही इस निर्माण कार्य में पीएचई विभाग के अधिकारी विवादित रहे, जिनकी शिकायत पूर्व विधायक रामलाल रौतेल द्वारा आयुक्त से शिकायत करते हुए नियम विरूद्ध कार्यादेश जारी करने एवं गुणवत्ता विहीन कार्य कराए जाने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी। पूरे मामले में ठेकेदार प्रकाशचंद्र मिश्रा एवं राजेश झा का अनुभव प्रमाण पत्र भी विवादित प्रतीत हो रहा है, वहीं उपयंत्री आर.पी. अहिरवार भी अपने दोनो चहेते ठेकेदार को बचाने का हर संभव प्रयास में जुटे हुए है और सात दिवस के अंदर संभागयुक्त द्वारा मांगे गए समस्त अभिलेख को न देने का कारण भी फजी तरीके से माप पुस्तिका बनाकर ठेकेदार को भुगतान कराने में शामिल है।

पूर्व विधायक ने अधिकारियों से ठेकेदार के मिली भगत का लगाया आरोप

पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने 16 जुलाई को आयुक्त शहडोल को पत्र लिख कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग अनूपपुर पर अपने चहेते ठेकेदार को एक अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर ग्राम परासी एवं पयारी का कार्य एक ही निविदाकार प्रकाश मिश्रा ने अपने जीजा राजेश झा को अनुभव प्रमाण पत्र देते हुए स्वयं भी उसी अनुभव में निविदा में भाग लिए। जबकि निविदा में लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्र ग्राम मेडिय़ारास अवर्धन नलजल योजना के कार्य का है, जबकि इस कार्य में शासन स्तर से गुणवत्ता विहीन कार्य की जांच चल रही है, वहीं मेडिय़ारास के कार्य का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी नही किया गया है, लेकिन कार्यपालन यंत्री द्वारा अपने दोनो चहेते ठेकेदार को लाभ दिलाने के उद्देश्य से जांच चल रहे कार्यो का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर लाभ दिया गया। इस मामले में अधीक्षण यंत्री की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। 

गुणवत्ता के संबंध में जांच करने आयुक्त ने दिए निर्देश

नियम विरूद्ध कार्यादेश जारी करने की उच्च स्तरीय जांच हेतु संभागायुक्त ने पत्र क्रमांक/पीए/शिकायत/2020/4489 के माध्यम से कलेक्टर को निर्देशित किया, जहां संभागायुक्त ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग शहडोल अधीक्षण यंत्री के प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर को ग्राम पयारी नंबर 1 में 97.24, ग्राम परासी में 85.25 एवं ग्राम हरद में 94.03 लाख की अनुमानित लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यो की गुणवत्ता के संबंध में समुचित जांच कराकर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उक्त मामले में डिप्टी कलेक्टर ने पत्र क्रमांक/3593/शिकायत/2020 दिनांक 22 सितम्बर के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत जारी निविदा में नियम विरूद्ध कार्यादेश जारी किए जाने एवं गुणवत्ता विहीन कार्य की जांच के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री को अधिकृत किया गया। 

विभागीय फेर में एक दूसरे से कर रहे पत्राचार

ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने पत्र क्रमांक/221/तक./ग्रायांसेवा/2020, दिनांक 20 अक्टूबर के माध्यम से पीएचई के कार्यपालन यंत्री संतोष साल्वे से जल जीवन मिशन अंतर्गत उक्त तीनो ग्रामो में बनाई जा रही उच्चस्तरीय  पानी टंकी एवं संपवेल, पाईपलाइन विस्तार के निर्माण कार्यो का प्रक्कलन, उपयोग में लाई गई माप पुस्तिका, सामग्री परीक्षण रिपोर्ट एवं अन्य अभिलेखों, अभिप्रमाणित छायाप्रति सात दिवस के अंदर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने जिससे संभागायुक्त को कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जांच कर, जांच प्रतिवेदन भेजने की बात कही गई। जिस पर पीएचई के कार्यपालन यंत्री ने पत्र क्रमांक/2162 दिनांक 24 अक्टूबर को पीएचई के सहायक यंत्री अविलंब खंड कार्यालय में प्रस्तुत करने तथा सहायक यंत्री ने पत्र क्रमांक/348 दिनांक 20 अक्टूबर के माध्यम से उपयंत्री से उक्त कार्यो के समस्त अभिलेख अविलंब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन अब तक उपयंत्री आर.पी. अहिरवार द्वारा इस संबंध में अपने चहेते ठेकेदार को बचाने के लिए किसी भी तरह का अभिलेख अपने उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत नही किए, जिससे पूरी जांच प्रभावित हो रही है।

भुगतान कराने किया जा रहा फर्जी माप पुस्तिका तैयार

जांच चल रहे निर्माण कार्यो का प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से पीएचई के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री हरिभजन सिंह धुर्वे अपने चहेते ठेकेदार प्रकाश चंद्र मिश्रा को देकर नियम विरूद्ध तरीके से निविदा में सम्मिलित कराकर पात्र करा दिया गया, वहीं लगातार शिकायत व शिकायत की जांच पर उच्चाधिकारियों द्वारा उक्त कार्यो की गुणवत्ता जांच व अभिलेख प्रस्तुत करने के फेर में अब पीएचई उपयंत्री आर.पी. अहिरवार द्वारा ठेकेदार प्रकाशचंद्र मिश्रा एवं राजेश झा का फर्जी मापपुस्तिका तैयार करने में लगे हुए है, जिसके कारण लगातार संबंधित विभाग द्वारा पत्राचार कर मांगे जा रहे माप पुस्तिका एवं सामग्री का परीक्षण रिपोर्ट व अन्य अभिलेख प्रस्तुत करने में पूरे मामले की जांच को विलंब करते हुए ठेकेदार का भुगतान कराने के प्रयास में जुटे हुए है। जानकारी के अनुसार ठेकेदार को भुगतान पश्चात ही अभिलेख देने की मंशा उपयंत्री द्वारा बना रखी है, ताकि भुगतान में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। 

ठेकेदार कर रहा मनमानी तरीके से गुणवत्ता विहीन कार्य

पीएचई के सहायक यंत्री एस.पी.द्विवेदी ने ठेकेदार प्रकाश चंद्र मिश्रा को ग्राम हरद के मुख्यमंत्री नलजल योजना के कार्यो की प्रगति एवं एसबीसी परीक्षण उपरांत पानी टंकी संपबेल की ड्राईंग डिजाइन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, जहां ठेकेदार प्रकाश चंद्र मिश्रा द्वारा 30 अगस्त को अपने पत्र के माध्यम से दिए गए जवाब में खुद ही उलझ गए। जहां ठेकेदार ने सहायक यंत्री को जवाब में कहा कि आपको ज्ञात होना चाहिए कि मेरे द्वारा एसबीसी रिपोर्ट एवं ड्राईंग डिजाइन प्रस्तुत किया जा चुका है, जिसका अनुमोदन अधीक्षण यंत्री एस.एल.चौधरी द्वारा पत्र क्रमांक/870, दिनांक 26 अगस्त को किया जा चुका है। लेकिन ठेकेदार द्वारा एसबीसी रिपोर्ट एवं ड्राईंग डिजाइन की दूसरी प्रति उपलब्ध कराना उचित नही समझा। उन्होने जवाब में सहायक यंत्री एस.पी. द्विवेदी को कहा कि आपके द्वारा साईड का निरीक्षण नही किया जा रहा है और न ही साईड आर्डर बुक में कोई निर्देश लिखा जाता है, मेरे द्वारा उपयंत्री आर.पी. अहिरवार को जानकारी अवगत कराया जाता है। इस जवाब में ठेकेदार उपयंत्री एवं सहायक यंत्री के दिशा-निर्देश की कोई आवश्यकता नही समझते हुए अपने मनमानी ढग़ से गुणवत्ता विहीन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।

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