अनूपपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सों आर.पी. सेवेतिया अनूपपुर के न्यायालय द्वारा थाना चचाई के अपराध क्रमांक 301/20 धारा 363, 366-ए, 376, 376(डी)ए, 506 भादवि 3, 4, 5, 6 पॉक्सों एक्ट में आरोपीगण सवाईलाल प्रजापति पिता मनफेर उम्र 32 वर्ष एवं अनिल प्रजापति पिता मनफेर उम्र 30 वर्ष दोनों निवासी ग्राम मडवा थाना सीधी म.प्र. की ओर से प्रस्तुत द्वितीय जमानत आवेदन निरस्त किया है। आरोपीगण द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन का विरोध करते हुए मामले में जिला अभियोजन अधिकारी रामनरेश गिरि द्वारा शासन की ओर से अपना पक्ष रखा।
सहायक अभियोजन मीडिया प्रभारी विशाल खरे ने बताया कि पीडिता 5 फरवरी 2020 को अपनी बहन के साथ शाम 6 बजे चचाई में दुकान सामान खरीदने गई हुई थी। वहां पर मोटरसाइकिल से सवाईलाल प्रजापति आया और उससे तुम्हारी मां सीधी से चचाई आई है और तुम्हे तुम्हारी मां बुला रही है कहने लगा। तब पीड़िता सवाईलाल के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर अपनी मां से मिलने जाने लगी। थोडी दूरी पर अनिल प्रजापति बाजार के किनारे मिल गया एवं वह भी उसी मोटरसाइकिल पर बैठ गया। तब दोनों आरोपीगण पीड़िता को जंगल तरफ ले गये तथा दोनों आरोपीगणों ने पीड़िता के साथ गलत काम किया एवं जान से मारने की धमकी देकर घटना से 3 दिन बाद 8 फरवरी 2020 को गायत्री मंदिर के पास छोडकर चले गए। पीड़िता को कुछ समझ नही आ रहा था कि कहा जाए, इसके बाद उसके बडे पापा अपनी डयूटी से आए और पीड़िता को उसके घर ले गए।
अभियोजन की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुए जिला अभियेाजन अधिकारी रामनरेश गिरि द्वारा कहा गया कि आरोपीगणो ने अभिरक्षा में रहते हुए विवेचना को प्रभावित किया है। यदि इन्हें वास्तव में जमानत का लाभ दिया जाता है तो वह विवेचना को अत्याधिक प्रभावित करेगे। आरोपीगणों के विरूद्व पॉक्सों एक्ट के अंतर्गत अपराध किया जाना दर्शित है ऐसी स्थिति में उन्हें जमानत का लाभ नही दिया जाना चाहिए। उभयपक्षों के तर्को को सुनने के पश्चात् न्यायालय ने जिला अभियेाजन अधिकारी रामनरेश गिरि के कथनों से सहमत होते हुए आरोपीगणों की जमानत याचिका निरस्त कर दी।

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