बोल्डर कर अवैध परिवहन करते पुलिस ने जब्त किया था वाहन, जांच में फर्जी नंबर लगाये जाने का हुआ था खुलासा
अनूपपुर। थाना राजेन्द्रग्राम अंतर्गम ग्राम लांघाटोला के पास बोल्डर से लोड डंफर क्रमांक एमपी 18 जीए 1907 को पकड़कर वाहन मालिक व चालक के खिलाफ धारा 379, 414 एवं 4/21 खनिज अधिनियम सहित एमबी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जहां विवेचना के दौरान उक्त डंफर का नंबर फर्जी पाये जाने पर पुलिस ने आरोपी चालक मुकेश यादव निवासी गोलंदा थाना धनपुरी जिला शहडोल व ध्रुव पटेल पिता रामपाल पटेल निवासी ग्राम परसवार के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से धु्रव पटेल लगाकर फरार चल रहा था। जिसके बाद पुलिस ने 28 दिसम्बर बुधवार को आरोपी धु्रव पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
यह था मामला
मामले की जानकारी के अनुसार थाना राजेन्द्रग्राम क्षेत्र अंतर्गत बधार खदान से डंफर क्रमांक एमपी 18 जीए 19़07 में बोल्डर लोड कर अनूपपुर की ओर जाने की सूचना पर पुलिस ने 5 मई को ग्राम लांघाटोला होटल के पास उक्त डंफर को रूकवाते हुये चालक मुकेश पिता शिवचरण यादव उम्र 22 वर्ष को रोककर वाहन में लोड बोल्डर से संबंधित दस्तावेज की मांग की गई। जहां चालक ने मौके पर वाहन सहित वाहन में लोड़ पत्थर से संबंधित दस्तावेज नही दिखाया गया। चालक ने बताया कि उक्त डंफर जया छुगानी पिता प्रहलाद छुगानी का है तथा इसमे ंलोड बोल्डर धु्रव पटेल के क्रेशर ले जा रहा है। जिस पर पुलिस ने डंफर को जब्त करते हुये चालक व मालिक के खिलाफ धारा 379, 414 एवं 4/21 खनिज अधिनियम 130(3)/177, 3/181, 146/196 एमव्हीएक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
वाहन स्वामी ने थाने में उक्त डंफर उनके पास होने की दी सूचना
पूरे मामले में जब बोल्डर के अवैध परिवहन करते पकड़ी गई डंफर में वाहन स्वामी जया छुगानी ने आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होने बताया कि उक्त नंबर की डंफर उनके पास जबलपुर में खड़ी है। जिसके बाद पुलिस ने जप्तशुदा डंफर के इंजन नंबर व चेचिस नंबर को भेजकर जानकारी चाही गई। जिसमें डंफर क्रमांक एमपी 18 जीए 1907 का चेचिस नंबर व इंजन नंबर अलग पाया गया। जहां पुलिस ने बोल्डर परिवहन में पकड़े जाने के बाद जारी टीपी को पेश किया गया था। जिसकी जांच में टीपी में डंफर के स्वामी का नाम अंकित केशरवानी तथा बोल्डर खरीदी में ध्रुव पटेल का नाम अंकित था।
अंकित केशरवानी के पास पहुंची थी पुलिस
मामले की विवेचना के दौरान जब पुलिस ने टीपी में दर्ज वाहन मालिक अंकित केशरवानी से पूछताछ की गई। जहां पूछताछ में अंकित केशरवानी ने बताया कि उक्त डंफर क्रमांक एमपी 18 जीए 1907 को मेरे द्वारा वर्ष 2010 में जया छुगानी को बेच दिया गया था। जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में उक्त डंफर में फर्जी तरीके से दूसरे डंफर वाहन का नंबर लगाकर फर्जी तरीके से चलाये जाने तथा उक्त डंफर वाहन में धु्रव पटेल का नाम व नंबर अंकित होने पर पुलिस ने डंफर चालक मुकेश यादव व ध्रुव पटेल के खिलाफ दर्ज मामले मे धारा 420, 467, 468, 471 बढ़ाई गई थी, जिसके बाद से ध्रुव पटेल लगातार फरार चल रहा था। जहां पुलिस ने 28 दिसम्बर को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया।

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