लंबित भुगतान व अपडेशन राशि को लेकर एसोसिएशन का फैसला, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक
अनूपपुर। उपार्जित धान के भंडारण एवं परिवहन की
व्यवस्था तथा वर्ष 2025-26 की मिलिंग प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी कलेक्टर एवं
जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी ने की। बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी अनीता सोरते,
नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक प्रियंका पठारिया,
अरविंद सिंह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सहित अनूपपुर
राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रावेन्द्र कुमार गुप्ता,
उपाध्यक्ष रविन्द्र कुमार अग्रवाल, सचिव दीपेन्द्र केशरवानी,
कोषाध्यक्ष राहुल केशरवानी सहित जिले के समस्त राईस मिलर्स उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 के
लिए मिलिंग अनुबंध किए जाने को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर मिलर्स ने अपडेशन
राशि तथा वर्ष 2024-25 की मिलिंग राशि का भुगतान अब तक नहीं
होने की समस्या उठाई। प्रभारी कलेक्टर अर्चना कुमारी ने जिले में उपार्जित धान के
भंडारण की कमी को देखते हुए निर्देश दिए कि राइस मिलों में उपलब्ध रिक्त गोदामों
का उपयोग भंडारण के लिए किया जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अंतर-जिला परिवहन की
व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मिलर्स एसोसिएशन ने मिलिंग न करने का लिया निर्णय
बैठक में अनूपपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने राइस मिलों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के निराकरण तक धान मिलिंग कार्य प्रारंभ न करने का निर्णय लिया। इस संबंध में एसोसिएशन द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। एसोसिएशन ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2025-26 की धान मिलिंग नीति जारी किए जाने के बाद 3 दिसंबर 2025 को कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि शासन स्तर की लंबित समस्याओं के समाधान के बिना मिलिंग संभव नहीं है।मिलर्स ने बताया कि वर्ष 2024-25
की मिलिंग पर देय अपडेशन राशि के भुगतान आदेश अब तक जारी नहीं
हुए हैं, जिससे अधिकांश राइस मिलों की आर्थिक
स्थिति कमजोर हो चुकी है और कई मिलें बैंक डिफाल्टर होने की स्थिति में पहुंच गई
हैं। इसके अलावा वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की
मिलिंग के अंतर्गत धान-चावल की लोडिंग-अनलोडिंग सहित अन्य मदों के भुगतान आदेश भी
लंबित हैं। समितियों में जमा बोरियों पर राज्यांश उपयोगिता व्यय की राशि का भुगतान
भी अब तक नहीं हुआ है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि नई मिलिंग नीति में अपडेशन राशि को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं, जबकि बिना अपडेशन राशि के मिलिंग कर पाना संभव नहीं है। साथ ही रिजेक्शन एवं टूट-फूट से होने वाले नुकसान की भरपाई की भी मांग की गई। अनूपपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने शासन एवं प्रशासन से शीघ्र लंबित भुगतान आदेश जारी करने तथा मिलिंग नीति में आवश्यक संशोधन कर अपडेशन राशि की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जिले की राइस मिलें पुनः सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

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