वर्ष २०१४ के दौरान किए गए फर्जी खरीदी के बिल बाउचर किए जप्त
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में बहुचर्चित पीएचई घोटाला खुलने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने विभाग द्वारा फर्जी तरीके से किए भुगतान पर १३ लोगो के खिलाफ धारा 420,120 बी और भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (१)डी, 13 (२) १९८८ के तहत मामला दर्ज किया था। जिसके बाद १३ सितम्बर को ईओब्ल्यू रीवा की १० सदस्यीय टीम जिले में पहुंच स्थानीय पुलिस के सहयोग लेकर अचानक पीएचई कार्यालय जांच के लिए पहुंची, जिसके बाद पीएचई विभाग के अधिकारियो एवं कर्मचारियो में हडकंप मच गया। जिसके बाद १० सदस्यीय टीम ने कार्यालय में वर्ष २०१४ से संबंधित सभी दस्तावेज की जांच पड़ताल करते हुए उन्हे अपने कब्जे में लिया।
अनूपपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अनूपपुर में वर्ष २०१४ में बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए सामग्री की खरीदी मामले मे शासन को ५ करोड़ के नुकसान पहुंचाने तथा फर्मो को ३० लाख का लाभ पहुंचाने सहित पंप के मरम्मत एवं मोटर रिपेयरिंग में अतिरिक्त ३० लाख रूपए फर्जी भुगतान में १ और २ सितम्बर को ईओडब्ल्यू भोपाल में २५ लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया था। मामले के बाद १४ सितम्बर को ईओडब्ल्यू की १० सदस्यीय जांच टीम सुबह लगभग ११ स्थानीय पुलिस बल के साथ पीएचई कार्यालय पहुंची। जिसके बाद ईओडब्ल्यू की जांच टीम पहुंचते ही पीएचई विभाग के अधिकारियो एवं कर्मचारियो में खलबली मच गई।
वर्ष २०१४ में घोटाले से संबंधित फाइले की जप्त
हालांकि जांच टीम ने स्थापना शाखा और एकाउंट शाखा के दस्तावेजों को खंगालने तथा अनुविभागीय कार्यालय में दबिश देकर कुछ दस्तावेज जप्त किए। जांच टीम के अधिकारियों का कहना था कि जब्त दस्तावेजों को पुलिस अधीक्षक अपराध प्रकोष्ठ रीवा को सौंपा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। जहां वर्ष २०१४ के दौरान किए गए घोटाले से सम्बंधित फाईलों की बारियों से जांच कर ५०० से अधिक बिल बाउचर, ४ संधाररण पुस्तिका, वर्ष २०१४ का कैशबुक, मासिक खरीदी रजिस्टर, अधिकारियों द्वारा जारी नोटशीट फाईले, फर्जी विक्रय से सम्बंधी कुछ अन्य दस्तावेज को जप्त किया है।
हालांकि कार्यवाही देर रात संचालित रही।
स्थानीय फार्मो में भी की जा रही पूछताछ
पुलिस अपराध प्रकोष्ठ के पुलिस अधीक्षक राजेश दंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच टीम कुछ दिनों तक अनूपपुर पीएचई कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर जांच की कार्यवाही करेगी। इसमें दो फर्म मे. महालक्ष्मी ट्रेडर्स तथा मे. राज कृषि मशीनरी के खिलाफ भी ईओडब्ल्यू की टीम सीआरपीसी ९१ के तहत कार्रवाई करेगी। फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम विभागीय दस्तावेजों को खंगालकर अन्य जानकारियां जुटने में लगी हुई है।


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