कुलपति ने राष्ट्रपति को तीन पुस्तकें की भेंट
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्विविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा के माध्यम से आदिवासी छात्रो के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सराहना की। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में कुलपति प्रो. टी.वी. कट्टीमनी से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने उन्हें इन प्रयासों को गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री कोविंद ने विश्वविद्यालय परिसर की यात्रा में भी रूचि दिखाई। इस अवसर पर प्रो. कट्टीमनी ने उन्हें स्वयं की लिखी तीन पुस्तकें जिनमें मेक इन इंडिया, एक भारत श्रेष्ठ भारत और स्वच्छ भारत भेंट की। मुलाकात के दौरान श्री कोविंद ने विश्वविद्यालय की छात्र संख्या और यहां संचालित विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनजातीय अध्ययन, समाज शास्त्र एवं नृविज्ञान और फार्मेसी विभागों में विशेष रूचि प्रदर्शित की। इस अवसर पर प्रो. कट्टीमनी ने राष्ट्रपति को पिछले चार वर्षा में विश्वविद्यालय में उठाए गए प्रगतिशील कदमों की जानकारी भी प्रदान की और उन्हें कैंपस आने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ प्रो. कट्टीमनी की इससे पूर्व चार अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने १८ विभिन्न परियोजनाओं को संचालित करने का श्रेय प्राप्त है। प्रो. कट्टीमनी का मौलाना आजाद नेशनल उर्दू केन्द्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग स्थापित करने में अहम योगदान रहा।
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्विविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा के माध्यम से आदिवासी छात्रो के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सराहना की। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में कुलपति प्रो. टी.वी. कट्टीमनी से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने उन्हें इन प्रयासों को गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री कोविंद ने विश्वविद्यालय परिसर की यात्रा में भी रूचि दिखाई। इस अवसर पर प्रो. कट्टीमनी ने उन्हें स्वयं की लिखी तीन पुस्तकें जिनमें मेक इन इंडिया, एक भारत श्रेष्ठ भारत और स्वच्छ भारत भेंट की। मुलाकात के दौरान श्री कोविंद ने विश्वविद्यालय की छात्र संख्या और यहां संचालित विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनजातीय अध्ययन, समाज शास्त्र एवं नृविज्ञान और फार्मेसी विभागों में विशेष रूचि प्रदर्शित की। इस अवसर पर प्रो. कट्टीमनी ने राष्ट्रपति को पिछले चार वर्षा में विश्वविद्यालय में उठाए गए प्रगतिशील कदमों की जानकारी भी प्रदान की और उन्हें कैंपस आने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ प्रो. कट्टीमनी की इससे पूर्व चार अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने १८ विभिन्न परियोजनाओं को संचालित करने का श्रेय प्राप्त है। प्रो. कट्टीमनी का मौलाना आजाद नेशनल उर्दू केन्द्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग स्थापित करने में अहम योगदान रहा।

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