मामला प्राथमिक विद्यालय पचखुरा का
अनूपपुर। कोतमा जनपद पंचायत के जनशिक्षा केन्द्र निगवानी अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय पचखुरा में छात्र-छात्राओ को बदहाली व अव्यवस्थाओ के बीच अध्ययन कर संचालित किया जा रहा है। जहां विद्यालय का भवन तो उपलब्ध है, लेकिन कमरों में फैली गंदगी व अव्यवस्थाओ के कारण छात्र-छात्राओ की पढ़ाई विद्यालय बरामदे में कराई जा रही है। साथ ही शौचालय कक्ष पर ताले लगे हैं। बताया जाता है की गंदगी के कारण शिक्षकों पर उसपर ताला लगा दिया है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष २००८-०९ में शिक्षा विभाग द्वारा नए भवन उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन जनशिक्षा केन्द्र की लापरवाही में नए भवन के बाद भी स्कूल की कक्षाएं बरामदे पर संचालित हो रही है। जिसमें स्कूल शिक्षकों द्वारा न तो कक्षाओं की सफाई कराई जा रही है और ना ही कक्षाओं का संचालन कर छात्र-छात्राओ को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में प्राथमिक स्कूल में कुल ६० बच्चे अध्ययनरत है, जहां तीन शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन का कार्य कराया जाता है। लेकिन विद्यालय की बदहाली को देखते हुए इसे सिर्फ शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। बच्चो ने आरोप भी लगाया है कि माध्यान्ह योजना के तहत उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन भी गुणवत्ता विहीन है। जिसमें शिक्षकों और छात्रो के अलग-अलग भाोजन बनाया जाता है। वहीं विद्यालय की दीवालों पर सिर्फ मीनू चार्ट तो टांग दी गई है। लेकिन समूह मनमर्जी के हिसाब से बच्चो को गुणवत्ता विहीन भोजन उपलब्ध कराते है। वहीं छात्र-छात्राओ का कहना है कि हमें भोजन में कीड़ायुक्त भोजन दिया जाता है तथा शिकायत करने पर विद्यालय के शिक्षक ही छात्र-छात्राओ को डराने व चमकाते का कार्य करते है।
इनका कहना है
अगर शिक्षकों की लापरवाही में बच्चों को बरामदे पर पढ़ाया जा रहा है। और भोजन मीनू के तहत उपलब्ध नहीं कराए जा रहे है तो मैं जांच करवाता हूं।
डीएस राव, जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान अनूपपुर


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