महिला के गर्भवती की नहीं थी परिजनो को जानकारी, मानसिक रूप से अस्वस्थ्य थी महिला
अनूपपुर। स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा से पेट दर्द होने पर उपचार कि लिए जिला चिकित्सालय पहुंची २६ वर्षीय महिला ने १५ अक्टूबर रविवार की दोपहर शौचालय में नवजात को जन्म दिया, जहां महिला ने प्रसव पीडा पर आवाज लगाने पर दौड़े परिजनों ने शौचालय में महिला के साथ नवजात को जन्मा पाया। जिसके बाद पूरी जानकारी नर्स को दिया, जहां नर्स ने जच्चा-बच्चा दोनो को सुरक्षित निकाल एसएनसीयू कक्ष में नवजात तथा महिला को प्रसव कक्ष में भर्ती कर उपचार किया। जानकारी के अनुसार कोतमा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत निगवानी के ग्राम छुलहा में निवास करने वाली मीरा साहू को उसके बाबूलाल साहू ने पेट दर्द का उपचार कराने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने बिना जांच पड़ताल के महिला को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया था। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर महिला को भर्ती कराकर उपचार प्रारंभ किया गया। जानकारी के अनुसार महिला के पति बाबूलाल ने बताया कि उसके साथ ही परिवार के अन्य लोगो को मेरी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी नहीं थी और ना ही महिला ने इस संबंध में कुछ बताया था। पिछले कुछ दिनों से बार-बार पेट दर्द होने की बात कहती थी। वहीं परिजनों का कहना है कि महिला मानसिक अस्वस्थ्य है, जिसका इलाज मनेन्द्रगढ़ से किया जा रहा है।
इनका कहना है
शौचालय कक्ष में महिला ने नवजात को जन्म दिया है, जहां नर्स और आया ने जच्चे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल भर्ती कराया। फिलहाल दोनों जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं।
डॉ. एसआर परस्ते, सिविल सर्जन अनूपपुर
अनूपपुर। स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा से पेट दर्द होने पर उपचार कि लिए जिला चिकित्सालय पहुंची २६ वर्षीय महिला ने १५ अक्टूबर रविवार की दोपहर शौचालय में नवजात को जन्म दिया, जहां महिला ने प्रसव पीडा पर आवाज लगाने पर दौड़े परिजनों ने शौचालय में महिला के साथ नवजात को जन्मा पाया। जिसके बाद पूरी जानकारी नर्स को दिया, जहां नर्स ने जच्चा-बच्चा दोनो को सुरक्षित निकाल एसएनसीयू कक्ष में नवजात तथा महिला को प्रसव कक्ष में भर्ती कर उपचार किया। जानकारी के अनुसार कोतमा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत निगवानी के ग्राम छुलहा में निवास करने वाली मीरा साहू को उसके बाबूलाल साहू ने पेट दर्द का उपचार कराने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोतमा पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने बिना जांच पड़ताल के महिला को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया था। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर महिला को भर्ती कराकर उपचार प्रारंभ किया गया। जानकारी के अनुसार महिला के पति बाबूलाल ने बताया कि उसके साथ ही परिवार के अन्य लोगो को मेरी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी नहीं थी और ना ही महिला ने इस संबंध में कुछ बताया था। पिछले कुछ दिनों से बार-बार पेट दर्द होने की बात कहती थी। वहीं परिजनों का कहना है कि महिला मानसिक अस्वस्थ्य है, जिसका इलाज मनेन्द्रगढ़ से किया जा रहा है।
इनका कहना है
शौचालय कक्ष में महिला ने नवजात को जन्म दिया है, जहां नर्स और आया ने जच्चे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल भर्ती कराया। फिलहाल दोनों जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं।
डॉ. एसआर परस्ते, सिविल सर्जन अनूपपुर

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