अनूपपुर। सम्पूर्ण भारत वर्ष में १ सितम्बर २०१६ से ३१ अगस्त २०१७ तक की अवधि में अपने कर्तव्यो के प्रति सजग रहकर अपने प्राणो को न्यौछावर कर वीरगति को प्राप्त हुए ३७० पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को २१ अक्टूबर शहीद दिवस के अवसर पर थाना कोतवाली परिसर अनूपपुर पर शहीदो को पुष्पांजली अर्पित की गई। लेकिन इतने महत्वूर्ण आयोजन में जहां पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, जिले के तीनो विधानसभा के विधायक सहित नपाध्यक्ष अनूपपुर रामखेलावन राठौर की उपस्थिति रही। जिन्होने शहीद स्मारक पर पुष्पांजली अर्पित की गई। जिसके बाद रक्षित निरीक्षक कमलेश परस्ते द्वारा शोक परेड के माध्यम से शहीदों को सलामी दी गई। वहीं शहीद स्मारक पर शहीद पुलिस जवानो को श्रद्धांजलि देने में जिला मुख्यालय से न तो वरिष्ठ नागरिको सहित नगर के लोगो को नही बुलाया गया। वहीं इस आयोजन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी जहां कोतवाली प्रभारी बीभेन्द्रु वेंकट टांडिया को दी गई थी। जिसके कारण देश की सेवा के लिए शहीद पुलिस जवानो की वीरता पर नई पीढियो पर राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने का प्रयास भी अधूरा रहा। जिससे युवा देश की रक्षा के लिए आगे बढ़ सके। वहीं इस कार्यक्रम पर पत्रकारो से भी दूरी बनाई गई। वहीं इस पूरे कार्यक्रम की जानकारी लोगो को सोशल मीडिया से उपलब्ध कराई जा रही है।
दशहरे में भी नही की गई थी शास्त्र पूजा
कोतवाली अनूपपुर में जहां हमेशा से दशहरो के दिन शास्त्र की पूजा की जाती रही है, वहीं इस वर्ष दशहरे के दिन पहली बार कोतवाली अनूपपुर में शस्त्रो की पूजा ही नही की गई। जिसके बाद वर्षो से चली आ रही इस परपंरा को दर किनार करते हुए कोतवाली में शस्त्र पूजा नही किए जाने पर कोतवाली में पदस्थ अधिकारियो सहित कर्मचारियो व पूरे नगर में चर्चा का विषय बना रहा।
दशहरे में भी नही की गई थी शास्त्र पूजा
कोतवाली अनूपपुर में जहां हमेशा से दशहरो के दिन शास्त्र की पूजा की जाती रही है, वहीं इस वर्ष दशहरे के दिन पहली बार कोतवाली अनूपपुर में शस्त्रो की पूजा ही नही की गई। जिसके बाद वर्षो से चली आ रही इस परपंरा को दर किनार करते हुए कोतवाली में शस्त्र पूजा नही किए जाने पर कोतवाली में पदस्थ अधिकारियो सहित कर्मचारियो व पूरे नगर में चर्चा का विषय बना रहा।
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