जिले में अपने ही शासन व पार्टी के खिलाफ उपवास में बैठे अनूपपुर विधायक
अनूपपुर। नगर के विकास कार्यो के लेकर जहां जिले के राजनीति अपने ही शासनकाल में अपनी ही पार्टी के खिलाफ आंदोलन छेडी गई। जिसकी शक्ल के रूप में राजनीति का महौल गर्म करने अनूपपुर रेलवे फ्लाई ओव्हर ब्रिज सामने आई। जिसमें २७ अक्टूबर को भाजपा के एक गुट में प्रभारी मंत्री तो दूसरे गुट में अनूपपुर विधायक रामलाल आमने सामने आ खड़े हुए है। जिसमें दोनो ही गुट नगर के विकास के नाम पर राजनीति का खेल खेलना प्रारंभ कर दिए है। जिसमें फ्लाई ओव्हर के तत्काल निर्माण कार्य पर अनूपपुर विधायक रामलाल रौतेल ने जिला प्रशासन के विरूद्ध एक दिवसीय अनशन तो दूसरी तरफ उसी दिन प्रभारी मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक का फ्लाई ओव्हर ब्रिज निर्माण के लिए भूमि पूजन, जो जिलेवासियो की समझ से परे दिखाई पड़ा। जो बीते एक सप्ताह से नगर में चर्चा का विषय बना रहा है। जबकि एक ही सत्ता दल के दो गुट की आमने सामने की लड़ाई में फ्लाई ओव्हर ब्रिज का भूमि पूजन तो दूसरी ओर फ्लाई ओव्हर ब्रिज के जल्द निर्माण के लिए उपवास कार्यक्रम आखिर यह राजनीति एक ही सत्ताधारी नेताओ पर जमकर मजाक का कारण बना हुआ है। जिसके कारण प्रभारी संजय पाठक सहित विधायक का जनता के सामने जमकर किरकिरी हुई। एक ओर प्रशासन के खिलाफ विधायक की नाराजगी तो दूसरी तरफ प्रशासन को प्रभारी मंत्री का सपोर्ट जिले में राजनीति का नया रंगमंच देखा गया। एक तरफ प्रशासन ने चचाई स्थित रेत खदान पर अवैध रेत के उत्खनन पर ठेकेदार के ऊपर करोडो का जुर्माने से नाराज विधायक तो दूसरी तरफ विधायक का प्रशासन के खिलाफ सोन नदी के मानपुर खदान से रेत की अवैध उत्खनन पर कार्यवाही नही किए जाने का विरोध है। जिसके बाद जिले की राजनीति गरगाई और अनूपपुर विधायक द्वारा फ्लाई ओव्हर ब्रिज पर भाजपा के पूर्व नपाध्यक्ष द्वारा रोडा अटकाने और प्रभारी मंत्री द्वारा नपाध्यक्ष का साथ देने आमने सामने खड़े हुए। अब देखना है कि विधायक अनूपपुर ने एक दिवसीय अनशन कर सत्ता और संगठन दोनों से ही बैर मोल ले लिया है। जिसका फायदा उठाते हुए जिला प्रशासन ने भी जमकर लूट मचाई और मानपुर से लगातार रेत के सैकडो वाहनो को रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की खुली छूट दे दी। जिसके बाद नदियों के संरक्षण व संवर्धन करने वाले भाजपा नेता व प्रशासन इस समय जमकर सोन नदी से रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को रोकने दूसरा गुट उसे पीएम आवास में रेत जाने की बात कह दी। आखिर सत्ता दल के दो गुट पर अब जिले के लोगो द्वारा उनकी राजनीति से नाराज भी देखे जा रहे है। जिसका खमियाजा भी दोनो ही दलो को भुगतना पड सकता है।

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