२५ सदस्यीय टीम सहित तीनो ब्लॉको के दीनदयाल वाहन व डॉक्टर मौके पर, घर-घर कर रहे सर्वे
अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पडमनिया, धुराधर, झीरपानी तथा खरसौल गांवो में समान्य से ज्यादा मलेरिया के लगभग ७०० से अधिक लोग संक्रमित पाए जाने पर ६ अक्टूबर से लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो व्यक्तियो की २५ सदस्यी टीमो जिनमें कोतमा से १२, जैतहरी से १३ व पुष्पराजगढ़ के २७ मेल वर्कर को घर-घर सर्वे के लिए लगाया गया है। जो जांच किट व दवाईयो का वितरण कर परिवार के सदस्यो में मलेरिया की जांच में जुटे हुए है। वहीं अब तक मलेरिया से संक्रमित दो बच्चो की मौत भी हो चुकी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गांवो के आसपास बसे लगभग दर्जनो गांवो सहित जैतहरी व पुष्पराजगढ़ के १९२ गांवो में डीडीटी का छिडकाव करने के साथ ही एएनएम तथा एमपीडब्लयू के माध्यम से घर-घर दस्तक देकर उनका परिवार के सदस्यो की जांच कर उन्हे दवाईयां वितरण की जा रही है।
तीन ब्लॉको की दीनदयाल वाहन मौके पर
पुष्पराजगढ़ विकासखंड के ग्राम गिरारी, पडमनिया, धुराधर के पतियाटोला, झीरपानी, कुई में जहां मलेरिया सामान्य से ज्यादा पाए जाने पर जिले के तीन विकासखंडो के तीनो दीनदयालय वाहन सहित तीन डॉक्टर, एएनएम, एमपीडल्यू सहित अन्य स्टॉफ पहुुंचकर जहां त्वरित जांच उपचार की कार्यवाही प्रारंभ कर दिए थे। जिसमें गंभीर हालत में मरीजो की जांच के उपरात उन्हे शहडोल जिले के लिए अब तक ८ लोगो को रेफर किया जा चुका है। वहीं मलेरिया की चपेट में आने से जहां संक्रमण में दो बच्चे जिनमें एक २ वर्ष तथा ४ वर्ष निवासी कुई व गिजरी की मौत हो चुकी है।
३५०० आबादी मे ७०० मलेरिया से संक्रमित मिले मरीज
जानकारी के अनुसार मलेरिया से संक्रमित पुष्पराजगढ़ के चारो गांवो जिनमें पडमनिया, धुराधर, खरसौल तथा गिरारी गांवो में लगभग ३ हजार ५०० की आबादी वाले गांव में मलेरिया की जांच के दौरान लगभग ७०० से अधिक परिवार के सदस्यो को मलेरिया से संक्रमित पाया गया, जहां उनके त्वरित उपचार के लिए घर-घर दस्तक देते हुए परिवार के सदस्यो को दवाई वितरण किया गया जा रहा है। जहां अब स्थिति सामान्य बनी हुई है। लेकिन आज भी मलेरिया से संक्रमित मरीज सामने आ रहे है।
झोलाछाप डॉक्टर का कहर
जानकारी के अनुसार शहडोल जिले के समीपवर्ती गांवो में जहां कई परिवार मलेरिया से संक्रमित पाए जाने पर मरीजो को बुखार आने पर ग्रामीणो द्वारा शहडोल जिले से आने वाले झोलाछाप डॉक्टरो का सहारा लेने लगे थे। जहां पर झोलाछाप डॉक्टरो के उपचार के बाद जहां मरीजो की हालत और भी गंभीर बनने लगी थी। तथा लगातार मलेरिया से संक्रमित लोगो की संख्या बढने पर उन्हे शहडोल जिले में भी जांच टीम द्वारा रेफर कर भर्ती कराया गया।
अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पडमनिया, धुराधर, झीरपानी तथा खरसौल गांवो में समान्य से ज्यादा मलेरिया के लगभग ७०० से अधिक लोग संक्रमित पाए जाने पर ६ अक्टूबर से लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो व्यक्तियो की २५ सदस्यी टीमो जिनमें कोतमा से १२, जैतहरी से १३ व पुष्पराजगढ़ के २७ मेल वर्कर को घर-घर सर्वे के लिए लगाया गया है। जो जांच किट व दवाईयो का वितरण कर परिवार के सदस्यो में मलेरिया की जांच में जुटे हुए है। वहीं अब तक मलेरिया से संक्रमित दो बच्चो की मौत भी हो चुकी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गांवो के आसपास बसे लगभग दर्जनो गांवो सहित जैतहरी व पुष्पराजगढ़ के १९२ गांवो में डीडीटी का छिडकाव करने के साथ ही एएनएम तथा एमपीडब्लयू के माध्यम से घर-घर दस्तक देकर उनका परिवार के सदस्यो की जांच कर उन्हे दवाईयां वितरण की जा रही है।
तीन ब्लॉको की दीनदयाल वाहन मौके पर
पुष्पराजगढ़ विकासखंड के ग्राम गिरारी, पडमनिया, धुराधर के पतियाटोला, झीरपानी, कुई में जहां मलेरिया सामान्य से ज्यादा पाए जाने पर जिले के तीन विकासखंडो के तीनो दीनदयालय वाहन सहित तीन डॉक्टर, एएनएम, एमपीडल्यू सहित अन्य स्टॉफ पहुुंचकर जहां त्वरित जांच उपचार की कार्यवाही प्रारंभ कर दिए थे। जिसमें गंभीर हालत में मरीजो की जांच के उपरात उन्हे शहडोल जिले के लिए अब तक ८ लोगो को रेफर किया जा चुका है। वहीं मलेरिया की चपेट में आने से जहां संक्रमण में दो बच्चे जिनमें एक २ वर्ष तथा ४ वर्ष निवासी कुई व गिजरी की मौत हो चुकी है।
३५०० आबादी मे ७०० मलेरिया से संक्रमित मिले मरीज
जानकारी के अनुसार मलेरिया से संक्रमित पुष्पराजगढ़ के चारो गांवो जिनमें पडमनिया, धुराधर, खरसौल तथा गिरारी गांवो में लगभग ३ हजार ५०० की आबादी वाले गांव में मलेरिया की जांच के दौरान लगभग ७०० से अधिक परिवार के सदस्यो को मलेरिया से संक्रमित पाया गया, जहां उनके त्वरित उपचार के लिए घर-घर दस्तक देते हुए परिवार के सदस्यो को दवाई वितरण किया गया जा रहा है। जहां अब स्थिति सामान्य बनी हुई है। लेकिन आज भी मलेरिया से संक्रमित मरीज सामने आ रहे है।
झोलाछाप डॉक्टर का कहर
जानकारी के अनुसार शहडोल जिले के समीपवर्ती गांवो में जहां कई परिवार मलेरिया से संक्रमित पाए जाने पर मरीजो को बुखार आने पर ग्रामीणो द्वारा शहडोल जिले से आने वाले झोलाछाप डॉक्टरो का सहारा लेने लगे थे। जहां पर झोलाछाप डॉक्टरो के उपचार के बाद जहां मरीजो की हालत और भी गंभीर बनने लगी थी। तथा लगातार मलेरिया से संक्रमित लोगो की संख्या बढने पर उन्हे शहडोल जिले में भी जांच टीम द्वारा रेफर कर भर्ती कराया गया।

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