अनूपपुर। जिला सत्र न्यायाधीश रवि कुमार नायक द्वारा अपने विशेष प्रकरण क्रमांक १९/२०१० में जगदीश प्रसाद वगैरह के प्रकरण में ८ नवम्बर को निर्णय पारित करते हुए आरोपी जगदीश प्रसाद जायसवाल एवं रामकुमार गोड को धारा ४६७ में ७ वर्ष एवं पांच हजार रूपए का अर्थदंड, धारा ४६८ में ४ वर्ष एवं दो हजार का अर्थदंड, धारा ४७१ में ४ वर्ष का कारावास एवं दो हजार, धारा ४२० में दो वर्ष एवं १ हजार के अर्थदंड से एवं आरोपी संजय सिंह तथा जगदीश सिंह पिता लालजी ङ्क्षसह गोड को धरा ४६८ में ४ वर्ष तथा दो हजारका अर्थदंड, धारा ४७१ में ४ वर्ष तथा दो हजार के अर्थदंड, ४२० में ३ वर्ष तथा दो हजार का अर्थदंड, धारा १२० बी में ०२ वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। उक्त सभी आरोपीगण को भादवि की धाराओ में दोष सिद्ध पाते हुए उपरोक्त सजाएं सुनाई गई। विशेष लोक अभियोजक दुर्गोन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना २ दिसम्बर २००३ को क्षेत्रीय ग्रामीण की शाखा बेनीबारी से मृत व्यक्ति सुद्धू सिंह के संबंध में यह जानते हुए कि वह अन्य व्यक्ति है के नाम से बचत खाता एवं किसान क्रेडिट कार्ड ग्रामीण बैंक शाखा बेनीबारी में उपरोक्त अभियुक्तगण के द्वारा खाता खोलवाकर ट्रेक्टर ऋण राशि ३ लाख ५० हजार रूपए प्राप्त करने के लिए बेईमानी पूर्वक प्रवंचित कर उक्त राशि बेईमानी पूर्वक प्राप्त की, मृत शुद्धू सिंह के नाम से कूटरचित दस्तावेज की रचना कर राशि प्राप्त की तथा दस्तावेजो का उपयोग छल के प्रयोजन से लाया जाकर उक्त कृत्य करने पर जिसकी जांच तात्कालीन एसडीएम पुष्पराजगढ बीडी सिंह के द्वारा की जाकर उक्त आरोपीगण के थाना बेनीबारी में धारा ४२०, ४६७, ४६८, ४७१, १२०बी, ४१९ का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना किया जाकर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां न्यायालय द्वारा उभय पक्षो के अधिवक्ताओ का तर्क सुनने के पश्चात विशेष लोक अभियोजक दुर्गेन्द्र ङ्क्षसह भदौरिया के तर्क से सहमत होते हुए दंडादेश पारित किया गया।
धोखाधडी के आरोपीगण को सात वर्ष का सश्रम कारावास
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