२७ जिलो से मॉ नर्मदा की परिक्रमा कर २२ दिन बाद वापस लौटे परिक्रमावासी
अनूपपुर। शिक्षा, शिक्षार्थी, शिक्षालय एवं शिक्षक बचाओ कार्यक्रम के अंतर्गत म.प्र. शासकीय अध्यापक संगठन के नेतृत्व मे शिक्षा हित, अध्यापक हित के उद्देश्य को लेकर १२ नवम्बर को मॉ नर्मदा की पूजा अर्चन कर रामघाट से मॉ नर्मदा सेवा यात्रा का शुभारंभ कर २७ जिलो का भ्रमण कर ३ दिसम्बर को वापस पवित्र नगरी अमरकंटक पहुंची, जहां रामघाट में आमसभा का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी तथा विशिष्ट के रूप में अटल बिहारी बाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय भोपाल के प्राध्यापक अनिल सोमेत्र, प्राचार्य शा महाविद्यालय जैतहरी डॉ. परमानंद तिवारी, प्रचारक स्वामी परमानंद, शा. अध्यापक संघ के प्रातांध्यक्ष आरिफ अंजुम सहित परिक्रमावासियो ने सर्वप्रथम मॉ नर्मदा तथा मॉ सस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। वहीं कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कोने-कोने से हजारो की तदाद में अपनी मांगो को मनवाने के लिए पहुंचे अध्यापको ने मॉ नर्मदा की पूजा अर्चन कर मॉ को ज्ञापन सौंप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई।
२७ जिलो से होकर वापस पहुंची सेवा यात्रा
पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट से १२ नवम्बर को प्रारंभ हुई मॉ नर्मदा सेवा यात्रा २७ जिलो से परिक्रमा कर २२ वें दिन ३ दिसम्बर को पुन: अमरकंटक पहुंची, जहां परिक्रमावासियो मे म.प्र. शासकीय अध्यापक संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष आरिफ अंजूम, कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश दुबे, जिला अध्यक्ष दमोह विष्णु मिश्रा, जैतहरी ब्लॉक अध्यक्ष पीतांबर यादव द्वारा मॉ नर्मदा की परिक्रमा पूर्ण कर अध्यापक संगठनो की प्रमुख मांगो को लेकर मध्य प्रदेश के ५१ जिलो के अध्यापको का समर्थन लेते हुए यात्रा पूर्ण की। वहीं मॉ नर्मदा परिक्रमा के बाद अमरकंटक में प्रदेश भर के अध्यापको में एकजुटता दिखाई दी।
ये रही प्रमुख मांगे
म.प्र. अध्यपक संघ की प्रमुख मांगो में अध्यापको के हितो तथा अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग के मूल पदो पर संविलियन करना, ६ वें वेतनमान की विसंगति दूर कराना और ७ वें वेतनमान का लाभ दिलाया जाना, स्थानांतरण नीति, पेंशन नीति, निकाय परिवर्तन, मातृत्व अवकाश की पात्रता सहित शासकीय स्कूलो को बचाने बच्चों का अधिक से अधिक प्रवेश यात्रा सहित अध्यापक हितो के लिए अन्य मांगो को लेकर मॉ नर्मदा तट की परिक्रमा की गई। वहीं बताया गया कि म.प्र. शासन द्वारा 17 दिसंबर को होने वाले गुणवत्ता सम्मेलन में म.प्र. शासकीय अध्यापक संगठन द्वारा अध्यापकों के हित में की गई मांगों पर विचार नहीं करती है तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
म.प्र. के कोने-कोने से पहुंच अध्यापक
म.प्र. अध्यापक संघ के प्रांतीय कार्यकरणी के पदाधिकारी एवं सदस्यो के अलावा ५१ जिलो के जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारी व सदस्य हजारो की संख्या में पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट पहुंच आमसभा कर मॉ नर्मदा से प्रार्थना करते हुए ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगो को पूर्ण कराने हेतु प्रार्थना किए। जिसमें प्रमुख रूप से शा. अध्यापक संघ के प्रांतीय सलाहकार सूर्यकांत द्विवेदी, अनूपपुर जिलाध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी, डिंडौरी जिलाध्यक्ष मंजूषा शर्मा, भरत गोयल, श्यामनारायण पाठक, डॉ. कौशलेन्द्र सिंह, संतोष मिश्रा, रामाधार द्विवेदी, रामप्रकाश पटेल, राम कुमार राठौर, अनिल मिश्रा, कुलदीप बघेल, सौखीलाल सिंह, राजाराम प्रधान, राजेश नापित, संदीप मिश्रा, नर्मदा जायसवाल, राय ङ्क्षसह, नवल चंद्रवंशी, डॉ. पुष्पा शुक्ला, गरिमा भरद्धाज, अंजली सिंह, जमुना देवी सिंह, भूपेन्द्र मिश्रा, दीपक जायसवाल, मो. आदिल अंसारी, रविन्द्र विराट, अमिताभ जायसवाल, राजेश जैन, जगत राम रौतेल, रश्मि दिक्षित, माधुरी राठौर, संजीय त्रिपाठी, राम चरित्र द्विवेदी एवं सिलवन तिवारी सहित हजारो की संख्या में प्रदेश भर से अध्यापक पहुंचकर कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।



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