कोतवाली की व्यवस्थाओ को लेकर हुए नाराज लगाई फटकार
अनूपपुर। शहडोल आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ ने वार्षिक निरीक्षक पर ८ दिसम्बर को अनूपपुर पहुंचे जहां उन्होने पुलिस परेड, पुलिस लाईन, एसडीओपी कार्यालय, कोतवाली अनूपपुर तथा जिला यातायात विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। सुबह ९ बजे अनूपपुर पुलिस लाईन में वार्षिक पुलिस परेड में आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ सहित पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन ने परेड की सलामी ली। परेड में जवानों की सुस्ती पर आईजी ने पुलिस अधीक्षक से नियमित ड्रील कराने के निर्देश दिए। साथ ही जवानों को थाना प्रभारियों के साथ शाम के समय पैदल नगर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किए जाने का सुझाव दिया। इस मौके पर आईजी ने पुलिस पदाधिकारियों और जवानों द्वारा अकस्मात होने वाले बलवा या तनाव माहौल में उनके पुलिस कर्तव्यों के साथ उसे कुचलने की रणनीतियों का फुल रिहर्सल ड्रील देखा। वहीं आईजी ने ग्राउंड पर ही दरबार आयोजित कर जवानों की सामूहिक समस्याओं को सुना। दरबार में जवानों ने आवासीय परिसरों में पानी की सुविधा, मुख्य मार्ग से आवास तक पहुंच मार्ग, कैदियों के लाने-ले जाने में जवानों की अधिकतम ड्यूटी तथा पारिवारिक मिलन समारोह जैसे कार्यक्रम आयोजित कर जवानों के मानसिक तनाव को कम करने के सुझाव रखे। जिसपर आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ ने जिले में कम पुलिस बल होने की बात स्वीकार करते हुए हाल के दिनों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे उच्च सुरक्षा व्यवस्था वाले कार्यक्रमों को सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने अनूपपुर पुलिस की प्रशंसा की। उन्होंने जवानों के सुझाव पर व्यवस्था बनाने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने जिले में कम थानों को देखते हुए वेंकटनगर और देवहरा पुलिस सहायता केन्द्र को चौकी बनाए जाने की रिपोर्ट पीएचक्यू को भेजे जाने की बात कही। सुबह ९ बजे से आरम्भ हुआ कार्यक्रम ११ बजे सम्पन्न हुआ। जिसके बाद आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शर्मा एवं एसडीओपी अनूपपुर उमेश कुमार गर्ग ने पुलिस लाईन सहित कोतवाली व यातायात थाने का निरीक्षण किया गया। जिसमें कोतवाली निरीक्षण पर थाना अंतर्गत आने वाले बीट प्रभारियो से उनके बीट में होने वाली चोरी, अपराध, निगरानीशुदा बदमाश, स्थाई फरार वारंटियो के संबंध में पूछा गया। जिस पर बीट प्रभारियो द्वारा अपने अपने बीट अंतर्गत आने वाले निगरानी शुदा बदमाश, स्थाई फरार वारंटियो के नाम नही बता पाने पर जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद सभी से पुलिस डायरी की मांग की गई, लेकिन किसी के द्वारा पुलिस डायरी नही दिखाए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कोतवाली प्रभारी वीभेन्द्रु वेंकट टांडिया को भी कोतवाली के संचालन की व्यवस्था को देखकर भडके, जिस पर कोतवाली प्रभारी द्वारा चुप्पी साधना उचित समझा। वहीं कोतवाली पुलिस कर्मचारियो से चोरी, लूट, डकैती, पुलिस डायरी पास न होना तथा गुंडा रजिस्टर्ड ना बनाना, निगरानी शुदा बदमाश तथा फरार वारंटियो के नाम का पता व आकडे नही होने पर भी भारी नाराज हुए। जिसके बाद कोतवाली भवन का निरीक्षण किया गया जहां भवन पर अंधेरा होने तथा बंदी गृह के पास जाला लगा देखने पर भवन के साफ-सफाई के सख्त निर्देश दिए गए। जिसके बाद संयुक्त कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रेसवर्ता का आयोजन किया गया, जहां उन्होने बताया की पुलिस अधिकारी व कर्मचारियो आजकल डिप्रेशन का शिकार हो रहे है। जिसके कारण अधिकारियो व कर्मचारियो के स्वास्थ्य के लिए योग शिविर लगाने तथा सिपाहियो के परिवार को भी योग में शामिल करने की बात कही जिससे सिपाही के आचरण का पता लग सके। वहीं अपराध पर लगाम कसने तथा प्रार्थियो से संयम पूर्वक पूछताछ करने के साथ ही नगर के सार्वजनिक स्थानो पर थाना प्रभारियो एवं बीट प्रभारियो के नंबर बोर्ड पर लिख सार्वजनिक किए जाने की बात कही।


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