Responsive Ad Slot

ताजा खबर

latest

लापरवाह अधीक्षिका को दिया गया दो छात्रावासो का अतिरिक्त प्रभार

शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

/ by News Anuppur
४० किमी दोनो छात्रावासो की दूरी पर कैसे होगा छात्रावास का नियमानुसार संचालन
अनूपपुर। म.प्र. शासन के आदेशानुसार जहां  छात्रावासो में छात्रो की सुरक्षा एवं शैक्षणिक गतिविधियो को सुचारू रूप से संचालन करने हेतु छात्रावासो में व्यवस्था बनाई गई है, वहीं आदिवासी बालक छात्रावास वेंकटनगर में पदस्थ अधीक्षिका द्वारा मनमानी किए जाने पर छात्रावास के छात्रो द्वारा लगातार शिकायत के बाद मंडल संयोजक जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर द्वारा छात्रावास का निरीक्षण किया गया, जहां निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका ममता नेटी द्वारा छात्रावास में निवास न करना, छात्रो को मीनू के आधार पर भोजन न दिए जाने, उपस्थिति से ज्यादा बच्चो को दर्ज कर राशि आहरण करना, प्रत्येक शनिवार को बच्चो को घर भेज देना, छात्रावास अभिलेख पूर्ण ना होना एवं छात्रावास मे साफ-सफाई नही होने की जांच प्रतिवेदन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को सौपी गई, लेकिन आज तक अधीक्षिका ममता नेटी पर कार्यवाही न करते हुए उन्हे ४० किमी दूर उत्कृष्ट कन्या छात्रावास का प्रभार दे दिया गया।
दोनो छात्रावासो का कैसे होगी व्यवस्था
जैतहरी जनपद अंतर्गत संचालित आदिवासी बालक छात्रावास वेंकटनगर की अधीक्षिका पर जहां छात्रावास के छात्रो द्वारा ही शिकायत कर उनकी मनमानी किए जाने तथा रात के समय छात्रावास में न रहने से होनी वाली परेशानियो का निरीक्षण दौरान लिखित बयान भी दिया गया था, जिसके बाद इस पूरे मामले में जांच रिर्पोट सही पाए जाने के बावजूद सहायक आयुक्त विभाग ने किसी तरह की कार्यवाही नही की गई, और शासकीय उत्कृष्ट कन्या छात्रावास अनूपपुर का भी अतिरिक्त प्रभार अधीक्षिका ममता नेटी को सौपने के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसके बाद अब दोनो छात्रावास की लगभग ४० किमी दूरी होने पर छात्रावासो की व्यवस्थाओ व छात्र-छात्राओ की सुरक्षा पर भी प्रश्र चिन्ह खडे हो रहे है।
मीनू के आधार पर नही बनता भोजन
शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास वेंकटनगर के छात्रो ने बताया कि अधीक्षिका द्वारा छात्रो को मीनू के आधार पर न तो भोजन दिया जाता है और न ही नाश्ता, हम लोगो को दोनो समय आलू की सब्जी दी जाती है कभी भी हरी सब्जी हम लोगो को नही दी जाती, इतना  ही नही भोजन भी हमें स्वयं बनाकर खाना पड़ता है,  जिसमें प्रति छात्रा भोजन की मात्रा कम होती है। इतना ही नही अधीक्षिका द्वारा अपना मुख्यालय ४० किमी दूर अनूपपुर में बनाया है, जिसके कारण वह प्रतिदिन छात्रावास बस के माध्यम से पहुंचती है और बिलासपुर-इंदौर ट्रेन से दोपहर १ बजे वापस भी चली जाती है।
बीमार पडऩे पर छात्रो को भेज दिया जाता है घर
जांच के दौरान छात्रो ने अधीक्षिका पर आरोप लगाते हुए बताया कि अगर कोई छात्र बीमार पड़ जाता है, तो उसका उपचार न कराते हुए छात्रो के अभिभावको को बुलाकर उन्हे घर भेज दिया जाता है। जब तक वह छात्र स्वस्थ्य नही हो जाता है तब तक उसे छात्रावास में नही रखा जाता। वहीं छात्रो के रात के समय बीमार पडऩे पर छात्रावास में कोई सुविधा नही मिलती, वहीं अधीक्षिका भी रात के समय अपने घर ४० किमी दूर अनूपपुर चली आती है, जिसके कारण छात्र रात भर परेशान होते रहते है।
उत्कृष्ट कन्या छात्रावास का दे दिया गया प्रभार
जानकारी के अनुसार जहां शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास की अव्यवस्थाओ को प्रशासन द्वारा दरकिनार करते हुए अधीक्षिका ममता सिंह नेटी को पुरूस्कृत करते हुए शा. उत्कृष्ट कन्या छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत सीईओ द्वारा आदेश कर दिया गया है, जबकि अधीक्षिका ममता नेटी के ऊपर छात्रावास के संचालन के लिए पूर्व में कई आरोप लग चुके है जो जांच में सही पाए गए इसके बावजूद अधीक्षिका के कमियो में पर्दा डालने के लिए दो छात्रावासो का प्रभार देकर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रावास के संचालन के नियमानुसार अधीक्षिका को छात्रावास में ही निवास करना अनिवार्य है ऐसे में दोनो छात्रावासो की दूरी ४० किमी होने पर छात्रावास का संचालन किस तरह होगा यह समझ से परे है।
इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी दी गई है, मामले की जानकारी लेकर कार्यवाही की जाएगी।
केव्ही.एस. चौधरी, जिला पंचायत सीईओ अनूपपुर

कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

'
Don't Miss
© all rights reserved
made with NEWSANUPPUR