शहडोल रैक प्वाईंट से अनूपपुर के बीच हुआ तीनो ट्रक गेहूं गायब, पत्राचार में हो रही खोजबीन
अनूपपुर। वर्ष २०१६-१७ धान उपार्जन के समय माह दिसम्बर २०१६ व १ जनवरी २०१७ को छिल्पा तथा पयारी नं.1 से धान खरीदी समिति से सजहा गोदाम के लिए निकले तीन ट्रक धान के गायब होने का मामला अभी सुलझा नही की जिले में माह अक्टबूर २०१६ में ही अब शहडोल रैक प्लांइट से निकलने तीन ट्रक गेहूं वजन ७५४.५८ क्विंटल १५०० बोरी के गायब होने पर नागरिक आपूर्ति विभाग एवं वेयर हाउस द्वारा सिर्फ एक दूसरे से पत्राचार कर गायब ट्रक की खोजबीन करने में जुटे हुए है। लेकिन उक्त दोनो मामले में अब तक विभाग ने न तो ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एफआईआर करवाई और ना ही उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया है। जिसके कारण प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओ पर ग्रहण लगा हुआ है।
यह है मामला
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबो के लिए आवंटित खाद्यान्न के मामले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नागरिक आपूर्ति एवं वेयर हाउस तीनो विभागो द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार आए दिन सामने आ रहा है, जिसके बाद भी संबंधित विभागो द्वारा इस पूरे मामले में दोषियो पर कार्यवाही न कर उनके बचाव के लिए लगे हुए है। जानकारी के अनुसार शहडोल जिले से अनूपपुर के लिए भेजी गई प्रेषित मात्रा का गुड्स ट्रांसफर अप्लीकेशन (जीटीए) का मिलान पर शहडोल रैक से डब्ल्यूएलसी शाखा अनूपपुर के लिए ट्रांसपोर्टर के माध्यम से परिवहन की गई तीन ट्रक गेहूं जिनमें ट्रक क्रमांक एपपी ६५ जीए १२९० चालान क्रमांक 88/97 बोरी संख्या ३२० वजन १६१.३७ , एमपी १८ जीए २८८८ चालान क्रमांक ८८/५१ बोरी संख्या ७०० वजन ३५२.४६, एमपी १९ एचए २३९८ चालान क्रमांक ८८/ ४० बोरी संख्या ४८० वजन २४०.७५ क्विंटल कुल १५०० बोरी जिसकी अनुमानित लागत १७ लाख ३५ हजार ५३४ रूपए बीच रास्ते से गायब हो गई। जिसके बाद वर्ष २०१७ में शहडोल जिले से भेजी गई मात्रा के मिलाने पर उक्त तीन ट्रक गायब होना बताया जा रहा है।
परिवहनकर्ता को जारी कर दी गई राशि
जानकारी के अनुसार शहडोल रैंक प्लाईट से अनूपपुर वेयर हाउस पहुंची उक्त तीन ट्रक गेहूं के मामले में स्टॉक मिलान नही होने के बाद जहां नागरिक आपूर्ति विभाग ने पूरे मामले का खुलासा किया, वहीं इस मामले में नया मोड तब सामने आया जब बिना रिकार्ड मिलान के परिवहनकर्ता को राशि आहरित कर दी गई। बताया जाता है कि उसे समय पर नागरिक आपूर्ति विभाग शहडोल व अनूपपुर प्रभार में रहे लेखापाल एसके कोष्टा रहे है। जिन्होने ट्रांसपोर्टर के द्वारा परिवहन की राशि प्रदान कर दी गई। जब इस संबंध में लेखापाल एसके कोष्टा से बात की गई तो उन्होने बताया कि मुझे उक्त तीनो ट्रक के जमा दस्तावेज प्रदान किए गए थे। जिस पर अब पूरा मामला ट्रांसर्पोटर पर पहुंचा जहां ट्रांसर्पोटर द्वारा दिए गए चलान फर्जी होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं अब तक नॉन व डब्ल्यूएलसी शाखा अनूपपुर एक दूसरे से सिर्फ पत्राचार कर पूरे मामले को दबाए हुए है।
तीन ट्रक लापता धान पर नही हुए मामले दर्ज
वर्ष २०१६-१७ में धान खरीदी केन्द्र छिल्पा तथा पयारी नं.1 से सजहा गोदाम के लिए निकले तीन ट्रक धान के बीच रास्ते में ही गायब होने पर पूरा मामले की पुष्टि हो जाने के बाद भी ट्रांसपोर्टर के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नही हो सकी है। जानकारी के अनुसार उपार्जित धान के भंडारण के लिए डब्ल्यूएलसी गोदाम सजहा के लिए ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ०६४५ में ६०० बोरी वजन २४० क्विंटल तथा ऑनलाईन जारी टीसी क्रमांक १६१२४८००१०००४५, ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ४८८८ में ४०० बोरी वजन १६० क्विंटल जारी टीसी क्रमांक १७०१४८००१२७ तथा धान खरीदी केन्द्र अमलाई पयारी नं. १ से लोड हुई ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ०६४५ में २४० क्विंटल एवं सीजी १० ३८९१ में १६० क्विंटल जारी टीसी क्रमांक १६१२४८००१०००४४ एवं १७०१४८००१५० में जारी कर उक्त चारो ट्रको को डब्ल्यूएलसी गोदाम सजहा भेजा गया था। लेकिन रास्ते में ही उक्त ट्रक गायब हो गया था।
इनका कहना है
इस प्रकरण में हमने कई बार पत्राचार किया, लेकिन इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं प्रस्तुत किया है। अगर तीन ट्रक गेहूं लापता है तो ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी डब्ल्यूएलसी की है।
एसके कोष्टा, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग शहडोल
इनका कहना है
तीन ट्रक गेहूं का मामला तो है, इस सम्बंध में मुझे ज्यादा जानकारी नही है। मै मामले की जांच करवाता हूं।
विख्यात हिंडोलिया, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग अनूपपुर
इनका कहना है
यह मेरे कार्यकाल के समय का नही है, मै रिकार्ड की जांच कर ही कुछ बता पाऊंगा।
संजय वानखेडे, जिला प्रबंधक वेयर हाउस अनूपपुर
अनूपपुर। वर्ष २०१६-१७ धान उपार्जन के समय माह दिसम्बर २०१६ व १ जनवरी २०१७ को छिल्पा तथा पयारी नं.1 से धान खरीदी समिति से सजहा गोदाम के लिए निकले तीन ट्रक धान के गायब होने का मामला अभी सुलझा नही की जिले में माह अक्टबूर २०१६ में ही अब शहडोल रैक प्लांइट से निकलने तीन ट्रक गेहूं वजन ७५४.५८ क्विंटल १५०० बोरी के गायब होने पर नागरिक आपूर्ति विभाग एवं वेयर हाउस द्वारा सिर्फ एक दूसरे से पत्राचार कर गायब ट्रक की खोजबीन करने में जुटे हुए है। लेकिन उक्त दोनो मामले में अब तक विभाग ने न तो ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एफआईआर करवाई और ना ही उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया है। जिसके कारण प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओ पर ग्रहण लगा हुआ है।
यह है मामला
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबो के लिए आवंटित खाद्यान्न के मामले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नागरिक आपूर्ति एवं वेयर हाउस तीनो विभागो द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार आए दिन सामने आ रहा है, जिसके बाद भी संबंधित विभागो द्वारा इस पूरे मामले में दोषियो पर कार्यवाही न कर उनके बचाव के लिए लगे हुए है। जानकारी के अनुसार शहडोल जिले से अनूपपुर के लिए भेजी गई प्रेषित मात्रा का गुड्स ट्रांसफर अप्लीकेशन (जीटीए) का मिलान पर शहडोल रैक से डब्ल्यूएलसी शाखा अनूपपुर के लिए ट्रांसपोर्टर के माध्यम से परिवहन की गई तीन ट्रक गेहूं जिनमें ट्रक क्रमांक एपपी ६५ जीए १२९० चालान क्रमांक 88/97 बोरी संख्या ३२० वजन १६१.३७ , एमपी १८ जीए २८८८ चालान क्रमांक ८८/५१ बोरी संख्या ७०० वजन ३५२.४६, एमपी १९ एचए २३९८ चालान क्रमांक ८८/ ४० बोरी संख्या ४८० वजन २४०.७५ क्विंटल कुल १५०० बोरी जिसकी अनुमानित लागत १७ लाख ३५ हजार ५३४ रूपए बीच रास्ते से गायब हो गई। जिसके बाद वर्ष २०१७ में शहडोल जिले से भेजी गई मात्रा के मिलाने पर उक्त तीन ट्रक गायब होना बताया जा रहा है।
परिवहनकर्ता को जारी कर दी गई राशि
जानकारी के अनुसार शहडोल रैंक प्लाईट से अनूपपुर वेयर हाउस पहुंची उक्त तीन ट्रक गेहूं के मामले में स्टॉक मिलान नही होने के बाद जहां नागरिक आपूर्ति विभाग ने पूरे मामले का खुलासा किया, वहीं इस मामले में नया मोड तब सामने आया जब बिना रिकार्ड मिलान के परिवहनकर्ता को राशि आहरित कर दी गई। बताया जाता है कि उसे समय पर नागरिक आपूर्ति विभाग शहडोल व अनूपपुर प्रभार में रहे लेखापाल एसके कोष्टा रहे है। जिन्होने ट्रांसपोर्टर के द्वारा परिवहन की राशि प्रदान कर दी गई। जब इस संबंध में लेखापाल एसके कोष्टा से बात की गई तो उन्होने बताया कि मुझे उक्त तीनो ट्रक के जमा दस्तावेज प्रदान किए गए थे। जिस पर अब पूरा मामला ट्रांसर्पोटर पर पहुंचा जहां ट्रांसर्पोटर द्वारा दिए गए चलान फर्जी होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं अब तक नॉन व डब्ल्यूएलसी शाखा अनूपपुर एक दूसरे से सिर्फ पत्राचार कर पूरे मामले को दबाए हुए है।
तीन ट्रक लापता धान पर नही हुए मामले दर्ज
वर्ष २०१६-१७ में धान खरीदी केन्द्र छिल्पा तथा पयारी नं.1 से सजहा गोदाम के लिए निकले तीन ट्रक धान के बीच रास्ते में ही गायब होने पर पूरा मामले की पुष्टि हो जाने के बाद भी ट्रांसपोर्टर के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नही हो सकी है। जानकारी के अनुसार उपार्जित धान के भंडारण के लिए डब्ल्यूएलसी गोदाम सजहा के लिए ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ०६४५ में ६०० बोरी वजन २४० क्विंटल तथा ऑनलाईन जारी टीसी क्रमांक १६१२४८००१०००४५, ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ४८८८ में ४०० बोरी वजन १६० क्विंटल जारी टीसी क्रमांक १७०१४८००१२७ तथा धान खरीदी केन्द्र अमलाई पयारी नं. १ से लोड हुई ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए ०६४५ में २४० क्विंटल एवं सीजी १० ३८९१ में १६० क्विंटल जारी टीसी क्रमांक १६१२४८००१०००४४ एवं १७०१४८००१५० में जारी कर उक्त चारो ट्रको को डब्ल्यूएलसी गोदाम सजहा भेजा गया था। लेकिन रास्ते में ही उक्त ट्रक गायब हो गया था।
इनका कहना है
इस प्रकरण में हमने कई बार पत्राचार किया, लेकिन इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं प्रस्तुत किया है। अगर तीन ट्रक गेहूं लापता है तो ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी डब्ल्यूएलसी की है।
एसके कोष्टा, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग शहडोल
इनका कहना है
तीन ट्रक गेहूं का मामला तो है, इस सम्बंध में मुझे ज्यादा जानकारी नही है। मै मामले की जांच करवाता हूं।
विख्यात हिंडोलिया, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग अनूपपुर
इनका कहना है
यह मेरे कार्यकाल के समय का नही है, मै रिकार्ड की जांच कर ही कुछ बता पाऊंगा।
संजय वानखेडे, जिला प्रबंधक वेयर हाउस अनूपपुर
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