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एमबी पावर एवं ओरियंट पर ९१ करोड से अधिक का जलकर बकाया

शुक्रवार, 11 मई 2018

/ by News Anuppur

सोन नदी से आवंटित जल के उपयोग पर राशि बकाया
इंट्रो- दो सबसे बडे औद्योगिक संस्थान एमबी पावर जैतहरी एवं ओरियंट पेपर मिल अमलाई द्वारा सोन नदी से पानी का उपयोग किए जाने का अनुबंध जल संसाधन विभाग से किया गया था, जिस पर दोनो ही संस्थानो की ९१ करोड ५४ लाख ९० हजार ८७९ रूपए जलकर की राशि का भुगतान बकाया है। जिस पर एमबी पावर प्लांट के जनसंपर्क अधिकारी तरूण कुमार एवं ओरियंट पेपर मिल के जनसंपर्क अधिकारी रामलखन शुक्ला से इस संबंध में जानकारी चाही गई जिस पर दोनो अधिकारियो ने अपनी अनभिज्ञता जताते हुए बाहर होने की बात कही।
अनूपपुर। एमबी पावर प्लांट जैतहरी एवं ओरियंट पेपर मिल अमलाई द्वारा किए जा रहे सोन नदी के जल के उपयोग किए जाने पर जल संसाधन विभाग द्वारा एमबी पावर को वार्षिक ८०.१७६ मिलीयन घन मीटर तथा ओरियंट पेपर मिल को १२.४६ मिलीयन घन मीटर जल आवंटित किया गया है, जिसमें दोनो ही औद्योगिक संस्थान में विभाग १.५५ रूपए प्रति क्यूबी मीटर दर के हिसाब से एमबी पावर द्वारा १६ करोड १८ लाख ६२ हजार ८३० रूपए तथा ओरिएंट पेपर मिल अमलाई की ७५ करोड ३६ लाख २८ हजार ४९ रूपए की जलकर राशि बकाया है।
ओरिएंट पेपर मिल का ७५ करोड बकाया
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अमलाई में संचालित ओरियंट पेपर मिल के जलकर की बकाया राशि वर्ष अक्टूबर २०१७ तक ७५ करोड ३६ लाख २८ हजार ४९ रूपए है जिस पर ६१ करोड ७४ लाख २९६ रूपए सिर्फ ब्याज की राशि है। वहीं ओरियंट पेपर मिल द्वारा जून १९९८ से दिसम्बर २००३ तक जलकर की एक भी राशि नही जमा की गई, वहीं जनवरी २००४ से जहां प्रत्येक महीने की राशि जमा की जा रही है।
एमबी पावर पर १६ करोड की राशि बकाया
वहीं जैतहरी में संचालित एमपी पावर प्लांट द्वारा सोन नदी के जल के उपयोग पर जनवरी २०१८ तक जल संसाधन की १६ करोड १८ लाख ६२ हजार ८३० रूपए जलकर की राशि बकाया जिस पर अनुबंध की शर्तो के अनुसार प्रतिमाह जलकर की राशि समय पर जमा नही करने पर ३ करोड ७८ लाख ७५ हजार ९०४ रूपए ब्याज लगा है। जबकि संसाधन विभाग द्वारा इन औद्योगिक संस्थानो पर समय पर जलकर की राशि का बिल प्रत्येक माह भेजा जा रहा है।
इनका कहना है
एमपी पावर तथा ओरियंट पेपर मिल का लगभग ९१ करोड से अधिक की जलकर राशि बकाया है। वहीं पेपर मिल का वर्तमान समय का देयक तो नियमित आ रहा है किन्तु पुराने देयक के भुगतान का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
सी.एम. शुक्ला, कार्यपालनयंत्री जल संसाधन अनूपपुर

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