आरोपी प्राध्यापक को बर्खास्त किए जाने, उच्चत स्तरीय जांच कमेटी बनाए जाने की मांग
अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक की शोधार्थी छात्रा के सम्मान में विश्वविद्यालय से न्याय दिलाने, आरोपी प्राध्यापक के निलंबित कर छात्रा को न्याय दिलाने, उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाने, कमेटी की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी को रखे जाने तथा जांच पूरी होने तक प्राध्यापक संतोष कुमार सोनकर को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रखे जाने संबंधित मांगो को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 25 नवम्बर को विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लगातार दो वर्षो से परेशान शोधार्थी छात्र द्वारा प्रध्यापक संतोष कुमार सोनकर पर लगाए आरोप की शिकायत पूर्व में की गई थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उस शिकायत पर किसी तरह का ध्यान नही दिया गया। वहीं अमरकंटक थाना में मामला पंजीबद्ध होने के बाद से पीडि़त छात्रा को विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षानुसार सहयोग नही मिल रहा, बल्कि प्रशासन द्वारा उसके गृह स्थान पर लोगो का जाना और उन्हे डराने का प्रयास करना यह सिद्ध कर रहा है कि विश्वविद्यालय पीडि़त छात्रा की समस्या का लेकर गंभीर नही है और उसका उदासीन रवैया हैरान करने वाला है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आरोपी प्राध्यापक को सहयोग एवं संरक्षण प्रदान कर रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष चिन्मय पांडेय ने कहा की विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए की आरोपी प्राध्यापक को तत्काल प्रभार से बर्खासत किया जाए एवं किसी प्रकार के मामले को प्रभावित न कर सके इसलिए विश्वविद्यालय परिसर से बाहर किए जाए और उक्त घटना की पारदर्शिता के साथ जांच समिति बनाई जाए जिसमे विश्वविद्यालय के अतिरिक्त बाहर से प्रशासनिक अधिकारी या सामजिक क्षेत्र के लोगो को रखा जाए जिससे छात्रा के साथ पूर्णरूप से न्याय हो सके। उन्होने विश्वविद्यालय से दो दिवस के अंदर आरोपी प्राध्यापक पर कार्यवाही किए जाने की बात कही अन्यथा विद्यार्थी परिसद छात्रा के सम्मान में मैदान पर उतरकर अनिश्चित काल के लिए आंदोलन करने बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।


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