नॉन की लापरवाही, वेयर हाउस एवं ऑपरेटर पर मढ़ रहे आरोप
अनूपपुर। जिले में नागरिक आपूर्ति के एक से एक कारनामे सामने आ रहे है, जहां पर करोड़ो का घोटाला किया गया है, जो पूरे प्रदेश में खाद्यान्न के मामले में अनूपपुर जिला नंबर वन पर पहुंच गया है। आए दिन नागरिक आपूर्ति के तत्कालीन प्रबंधको, केन्द्र प्रभारियों, गोदाम प्रबंधको पर लापरवाही के कई आरोप लगे हुए है। इसके बावजूद खाद्य मंत्री के गृह जिले में इतनी बड़ी लापरवाही पर सभी पूरी छूट दी गई है। जहां धान उपार्जन वर्ष 2019-20 में सिंघौरा समिति से पहुंची रिजेक्टेड धान तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक की धांधली एवं लापरवाही के कारण 423 बोरी धान बरबसपुर कैप में लावारिस पड़ी हुई है। जिसका आज दिनांक तक डब्ल्यूएचआर ही नही काटा गया है।
यह है मामला
अनूपपुर जिले में चावल, गेहूं, चना सहित धान के मामले में कई आरोपो से नागरिक आपूर्ति विभाग घिरा हुआ है। ऐसे ही एक नए मामले में धान उपार्जन वर्ष 2019-20 में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति वेंकटनगर सिंघौरा समिति में किसानो से खरीदी गई धान को भंडारण हेतु बरबसपुर कैप में 21 अप्रैल को ट्रक क्रमांक एमपी 16 एच 1527 में 423 बोरी वजन 159.60 क्विंटल पहुंचा था, जहां पूर्व केन्द्र प्रभारी द्वारा उक्त धान को रिजेक्टर करते हुए बरबसपुर कैंप में ही पंचनामा बनाकर अलग रखवाया गया था तथा पंचनामे के आधार पर एक्सेप्टेंस नोट 25 अप्रैल को काटते हुए वेंकटनगर सिंघौरा समिति को धान के रिजेक्ट होने की सूचना दी गई थी, लेकिन उक्त रिजेक्ट धान का बिना अपग्रेडेशन करवाए अचानक तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक नॉन राजेन्द्र कुमार जाटव ने सिर्फ मौखिक आदेश पर ही धान की एक्सेप्टेंन्स नोट बना दी गई।
इस तरह हुआ मामला उजागर
पूरे मामले में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति वेंकटनगर सिघौंरा का धान पूर्णत: रिजेक्ट होने के बाद जहां आज दिनांक तक टीसी क्रमांक 4800220041 का वेंयर हाउस कॉर्पोरेशन अपूपपुर में डब्ल्यूएचार (वेयर हाउस रसीद) नही काटी गई, जहां धान दोनो विभाग के अधिकारियों द्वारा किए पत्राचार में पूरा मामला सामने आया गया और रिजेक्ट धान को पास करने के खेल का उजागर हुआ है, जिसके कारण शासन को लाखो रूपए की क्षति उठानी पड़ी है। पूरे मामले में केन्द्र प्रभारी द्वारा किए उक्त धान के रिजेक्शन का पंचनामा एवं स्टॉक रजिस्टर में कम्प्यूटर ऑपरेटर पर एक्सेप्टेंन्स नोट 25 अप्रैल को जारी करने का आरोप मड़ दिया गया है।
तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक नॉन की भूमिका संदिग्ध
जिले में खाद्यान्न पर म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉपरेशन अनूपपुर का खेल में जमकर भ्रष्टाचार के मामले सामने है। जहां तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक राजेन्द्र कुमार जाटव द्वारा धान उपार्जन के समय खेले गए खेल का उजागर हुआ है, जहां बरबसपुर कैप में समिति वेंकटनगर, सिंघौरा का धान रिजेक्टर होने के बाद धान का बिना अपग्रेडेशन हुए अचानक बिना किसी जानकारी के राजेन्द्र कुमार जाटव ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए सिर्फ मौखिक सूचना देकर कम्प्यूटर ऑपरेटर से एक्सेप्टेंस नोट काट दिया गया और इसकी जानकारी किसी को नही दी गई। जिसके कारण म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉपोरेशन अनूपपुर के शाखा प्रबंधक को बाद में पत्राचार के माध्मय से लगी और पूरा खेल उजागर हुआ। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधन ने जिले में व्यापक स्तर पर करोड़ो का घोटाला किए जाने की जानकारी है, जहां इनके द्वारा किए गए समस्त कार्यो की जांच में कई मामलो का खुलासा हो सकता है।
कम्प्यूटर ऑपरेटर के जवाब से खुला भ्रष्टाचार
पूरे मामले में जहां नागरिक आपूर्ति के जिला प्रबंधक ने वेयार हाउसिंग कॉपोरेशन के शाखा प्रबंधक अनूपपुर से उक्त मामले में पत्राचार किया गया। जहां पत्राचार के जवाब में वेयर हाउस द्वारा केन्द्र प्रभारी द्वारा बनाए गए रिजेक्ट होने तथा स्टॉक रजिस्टर में धान जमा नही होने तथा उक्त धान का डब्ल्यूएचआर नही काटे जाने का जवाब प्रस्तुत किया गया तथा एक्सेप्टेंस नोट कम्प्यूटर काटे जाने का पूरा आरोप ऑपरेटर में माथे में मढ़ दिया गया। जहां कम्प्यूटर ऑपरेटर ने अपने जवाब में वर्तमान में पदस्थ तत्कालीन जिला प्रबंधक श्री जाटव द्वारा दिए गए मौखिक निर्देश पर 21 जुलाई को स्वीकृति पत्रक जारी करना बताया गया।

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