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कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने हेतु कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश

Anuppur: कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने हेतु कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश

Monday, May 10, 2021

/ by News Anuppur

मेडिकल किट बंटवाने का काम अब सीईओ संभालेंगे

टेस्टिंग, वेक्सीनेशन एवं आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश

अनूपपुर। जिले में कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक उठाए गए कदमों की आज यहां कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में विस्तार से समीक्षा की। आपने कोरोना संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मिलिंद नागदेवे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एससी राय समेत जिले के जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, तहसीलदार, खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर ने कोरोना संक्रमण के फैलाव पर काबू पाने के लिए जिले में टेस्टिंग, वैक्सीनेशन, घर- घर मेडिकल किट वितरण तथा आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य की रफ्तार बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने घर-घर मेडिकल किट बंटवाने का कार्य अपने हाथों में लेने के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद को निर्देश दिए। खंड स्तर पर जितनी दवाएं रखी है, उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने आधिपत्य में लेकर मेडिकल किट बनवा कर उनका घर- घर में वितरण कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने साफतौर पर कहा कि केवल मेडिकल किट बंटवाना ही काफी नहीं है, बल्कि जिन लोगों को किट दी गई हैं, उनसे उनका इस्तेमाल कराना भी सुनिश्चित किया जाए है। इसके लिए यह आवश्यक है कि घरों पर जाकर दवाइयों के पत्ते देखे जाएं कि दवाएं वास्तव में खाई जा रही हैं या नहीं।

 कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारीयों राजस्व को निर्देश दिए कि वे मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद के साथ खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जोड़कर इस अभियान को चलाना सुनिश्चित करे। मुख्य कार्यपालन अधिकारीयों जनपद को निर्देश दिए कि वे स्वयं भी कुछ घरों में जाकर उनके सदस्यों से पूछंे कि उन्होंने दवा खाई या नहीं और दवाई का पत्ता भी देखें। कलेक्टर ने रोजाना दवा बांटने की सूची जिला कार्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए। आपने गांव, वार्ड, मौहलों मे लोगों का इलाज करने वाले नीम-हकीम, झोलाछाप डॉक्टरों की सूची बनाने के अनुविभागीय अधिकारीयों राजस्व को निर्देश दिए और कहां कि वे उनकी बैठक लेकर उन्हें समझाईश दें कि उनके पास आने वाले संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमितों के इलाज के लिए सुझाई गई दवाईयां दें।

गांव-मोहल्लों में किल कोरोना टीम को सक्रिय किया जाए। आपने कहा कि ऑक्सीजन नापने के लिए हरेक गांव में एक ऑक्सीमीटर होना चाहिए। आपने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास दवाओं एवं ऑक्सीमीटर की कमी नहीं है। परंतु गांव स्तर तक इसके उपयोग की मॉनिटरिंग की जरूरत है। रोजाना सुबह शाम लोगों के ऑक्सीजन को नापना आवश्यक है। आपने निर्देश दिए कि गांव में जितने होम आइसोलेशन कोरोना संक्रमित मरीज है, अथवा जिनमेंे कोरोना के लक्षण दिखते हैं, उनका घर पर अथवा कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन लेवल नापा जाए। हरेक गांव में लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच की जाए।

कलेक्टर ने खंड चिकित्सा अधिकारीयों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संसाधनों को हमेशा दुरूस्त एवं चालू हालत में रखने के कड़े निर्देश दिए और साफ तौर पर कहा कि संसाधनों के मामलों में किसी तरह की हीला हवाली या बहानेबाजी नहीं चलेगी। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही या उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा और सम्बन्धित बीएमओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपने हिदायत दी कि एंबुलेंस को चालू रखा जाए और वाहन चालक को तैयार रखा जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस का उपयोग किया जा सकें। आप ने कहा कि क्षेत्र में काम दिखना चाहिए। 

किल कोरोना टीम की जांच में जिन लोगों का ऑक्सीजन लेवल 95 से कम आ रहा है, उनको फौरन ऑक्सीजन सपोर्ट हेतु स्वास्थ्य केंद्र में भिजवाना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि किल कोरोना टीम के पास मेडिकल किट के साथ-साथ पल्स ऑक्सीमीटर अवश्य होना चाहिए। अगर किसी घर के एक भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं, तो घर के सभी सदस्यों को दवाई दिलवाई जाए और उनके मोबाइल नंबर व पता लेकर फॉलोअप किया जाए कि उन्होंने पांचो दिन दवाई खाई कि नहीं। आपने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा संक्रमित व्यक्ति पाए गए हैं, वहां कम से कम दो बार सर्वे कर स्थिति की जांच अवश्य की जाए। 

संक्रमित क्षेत्र के हरेक गांव के हर घर में दवा पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व एवं अनुविभागीय अधिकारियों पुलिस को निर्देश दिए कि जिन गांवों में ज्यादा पॉजीटिव केस आ रहे है, उन गांवों के आवागमन को प्रतिबंधित किया जाए। गांव एवं एक-एक घर को सेनेटाइज किया जाए। वहाॅ के लोगों का ऑक्सीजन नापा जाए और यह देखा जाए कि उन्होंने उन्हें उपल्बध कराई गई दवाई खाई कि नहीं।           

कलेक्टर ने हिदायत दी कि तहसीलदार एवं थानेदार यह देख्ेा कि अगर कोई होम आइसोलेशन मरीज दवाई नहीं खा रहा है या ऑक्सीजन नहीं नपवा रहा है या होम आइसोलेशन की वजाय बाहर आकर टहल रहा है, तो उसको कोविड आइसोलेशन केंद्र में रखा जाए। कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि जो संक्रमित व्यक्ति हमारी बात नहीं मान रहे, तो उनके प्रति सख्ती बरतें और आइसोलेशन केंद्र में रखकर उनका इलाज करे। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि आप अपनी एक टीम बनाकर इस बात का हिसाब रखें कि ऑक्सीजन का स्टाक कितना है और कितनी खपत हुई है। आपने अनुविभागीय अधिकारियों को हिदायत दी कि वे सुनिश्चित करें कि गांव के आइसोलेशन सेंटर चालू रहें।

अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों-कस्बों, शहरी क्षेत्रों में पॉजीटिव केस ज्यादा है उनको बंद करा दिया जाए और कोरोना कर्यू का कड़ाई से पालन कराया जाए। जिन घरों में संक्रमित व्यक्ति के पर्चे चिपके हैं, उनके परिवारजनों से पूछे कि वह दवा खा रहे हैं या नहीं। आपने कहा कि खंड स्तरीय, नगरपालिका स्तरीय एवं गांव स्तरीय क्राईसेस मैनेजमेंट समिति की बैठक कर ली जाएं। टीकाकरण बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को समझाइश दिलवाई जाए कि टीका उनके जीवन के लिए फायदेमंद हंै। आपने युद्ध स्तर पर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए और आयुष्मान कार्ड, वैक्सीनेशन, मेडिकल किट वितरण, टेस्टिंग कार्य पर सतत नजर रखने के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए।


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