शासकीय धान के खुर्दबुर्द के बाद वेतन भोगी कर्मचारी को जातिगत अपमानित कर नौकरी से था निकाला
अनूपपुर। पयारी ओपन कैप में हुये एक ट्रक धान की हेराफेरी के साथ ही शासकीय धान को अव्यवस्थित रखकर खुर्दबुद किये जाने के मामले के बाद एक नया मामला सामने आया है, जिसमें अब पयारी ओपन कैप में एक कर्मचारी ने अपने अधिकारी की प्रताड़ता का शिकार होकर जहर का सेवन कर लिया, जिसे जिला अस्प्ताल में उपचार हेतु परिजनों द्वारा बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया है।
कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बम्हनी के 35 वर्षीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अपने अधिकारी के प्रताड़ना से तंग आकर 15 जून को अपने घर में जहर का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया है। जहां उसकी हालत बिगड़ते देख परिजनों द्वारा उसे बेहोशी के हालत में जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान कर्मचारी अब खतरे से बाहर बताया जा रहा है। मामला विवादों से घिरे वेयर हाउस पयारी ओपन कैप का है, जहां वर्ष 2020 से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के पद पर पदस्थ विवेक कुमार कोल पिता स्व. कुंजी लाल कोल का है। उक्त कर्मचारी ने अपने अधिकारी पयारी ओपन कैप के शाखा प्रबंधक पुष्पराज सिंह बघेल पर कार्य के दौरान जाति सूचक अपशब्दो का प्रयोग करते हुये प्रताड़ित किये जाने की शिकायत अजाक थाना में 12 जून को दर्ज करवाई थी। जहां शिकायत पर उसने आरोप लगाया था कि पयारी ओपन कैप में वह सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था, जहां 11 जून को वह कार्य करने 5 मिनट विलंब से पहुंचा जिस पर उसके अधिकारी ने उसे अपशब्दो का प्रयोग करते हुये काम से निकाल दिया। इसके पूर्व भी उनके द्वारा मुझे कार्य के दौरान प्रताड़ित करने के लिये अपशब्दो का प्रयोग करते रहे है और मारने तक को दौड़ जाते थे। जहां कार्य से निकाले जाने व जाति सूचक अपशब्दो का प्रयोग कर लगातार प्रताड़ित किया गया। जिसके बाद जहां 15 जून को उसने जहर का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया गया। अस्पताल चैकी पुलिस ने बताया कि अस्पताली तहरीर मिली है, जहां विवेक कोल को बेहोशी की हालत में परिजनों द्वारा जिला चिकित्सालय लाया गया है। मरीजो को देखते हुये डाॅक्टर ने कुछ समय तक कथन लेने से मना कर दिया गया है। जहां मरीज की हालत में सुधार होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जायेगा।
जाँच में शासकीय धान को खुर्दबुर्द करने के मामले में दे रहे अब बेतूका जवाब
जानकारी के अनुसार इसके पूर्व में भी पयारी ओपन कैप में रखी वर्ष 2020-21 की 7200 एमटी भंडारित है। जहां शाखा प्रबंधक पुष्पराज सिंह बघेल द्वारा कैप में रखी धान की सुरक्षा नही किये जाने के कारण कैप में बिखरी हुई धान, खुले हुये कैप कव्हर व अव्यस्थित पड़े हुये धान के कारण धान की गुणात्मक व मात्रात्मक कमी आने के साथ धान खराब हो रही है। इस बीच 8 जून को शाखा प्रबंधक द्वारा कोतमा में बेचे गये एक धान का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वाॅयरल हुआ था। जिसकी जांच भी 14 जून को वेयर हाउस अनूपपुर के जिला प्रबंधक अशोक सिंह रघुवंशी व नागरिक आपूर्ति के केन्द्र प्रभारी हीरालाल गौर द्वारा पयारी कैप के स्टाॅक की जांच की गई। जहां जांच के दौरान अव्यवस्थित धान के पड़े होने पर अनुमान में गिनती किये जाने की बात सामने आई है। जानकारी मिली है कि एक ट्रक धान के खुर्दबुर्द में भी शाखा प्रबंधक पुष्पराज सिंह बघेल ने उक्त ट्रक लोड़ होना बताया गया है, लेकिन उनके पास उक्त ट्रक की न तो कांटा पर्ची है न ही गेट पास में कभी भी कोई इंट्री के कोई रिकार्ड है। जहां अब शाखा प्रबंधक पयारी द्वारा उक्त धान को दूसरे स्टेक में शिफ्ट करने का बेतूका जवाब देकर फंस गये है। नियमानुसार ओपन कैप के अंदर एक स्टेक से उठाई गई धान को शिफ्ट करने से पहले अपने परिसर के अंदर घुसे ट्रक का गेट पास तथा अपने जिला प्रबंधक को सूचना दी जानी थी। इसके साथ पयारी कैप परिसर के अंदर घुसने वाले ट्रक की इंट्री शाखा प्रबंधक ने वर्ष 2021 से कभी दर्ज ही नही की गई। जो कि धान की खुर्द बुर्द करने के उद्देश्य से अव्यवस्थित फैलाकर रखा गया है। तथा स्टेक में गिरे धान के पाला को भरकर बोरियों का नग बराबर करने के प्रयास में जुटे हुये है।
इनका कहना है
पूरे मामले की जांच के रिपोर्ट आने के नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।


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