शासकीय खाद्यान्न की हेराफेरी में फिर से खाद्य मंत्री बिसाहूलाल का गृह जिला सुर्खियों में
म.प्र. शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के गृह जिले में लगातार खाद्यान्न की घोटालो का मामला छाया हुआ है। आये दिन खाद्यान्न से जुड़े कई मामले सामने आ रहे है। जहां पूर्व में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ भी गिरफ्तार हुये है, तो कई बड़े-बड़े घोटाले विभाग की फाईलो में दफन पड़े हुये है। लेकिन घोटालो का सिलसिला रूकने के नाम नही ले रहा है। जहां नये मामले में पयारी कैप के से 8 जून को एक ट्रक धान लगभग 700 बोरी कोतमा को बेचे जाने का वीडियो सोशल मीडिया के सुर्खियो में छाया हुआ है।
अनूपपुर। एमपीडब्ल्यूएलसी की 30 हजार मैट्रिक टन क्षमता वाले पयारी कैप के सी ब्लाॅक में भंडारित वर्ष 2020-21 की पुरानी धान को प्रबंधक द्वारा 8 जून को ट्रक क्रमांक एमपी 65 जीए 1031 अन्नपूर्णा राईस मिल कोतमा को बेचे जाने का वीडियों सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जहां इस वीडियो के वाॅयरल होने के बाद फिर एक बार फिर खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह के गृह जिला की किरकिरी हुई है। मामले की जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 की धान का आक्सन (नीलामी) होने के कारण 28 फरवरी 2022 को ही धान का उठाव बंद करने के आदेश हो चुके थे। लेकिन पयारी कैप के शाखा प्रबंधक पुष्पराज सिंह इसी का फायदा उठाते हुये वर्ष 2020-21 की धान कही हेराफेरी करने कोतमा में बेच दी गई है। जिसका वीडियों सोशल मीडिया में आते ही पूरा मामला उजागर हुआ है।
हमेश सुर्खियों में बने रहते जिले के ये तीनो विभाग
जिले के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खाद्य एवं आपूर्ति तथा वेयर हाउस ये तीनों विभाग हमेशा से ही प्रदेश की सुर्खियों में रहे है और 8 जून को धान की हेरफेरी में फिर से सुर्खियो में पहुंचे। जहां पयारी कैप से वर्ष 2020-21 की भंडारित धान में से एक ट्रक धान बेचे जाने के वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद सोशल मीडिया की सुर्खियो की टाॅप लिस्ट में आ गये और नागरिक आपर्ति विभाग अनूपपुर एवं खाद्य आपूर्ति विभाग अनूपपुर के अधिकारियो को पूरे मामले की जानकारी 12 जून को हो जाने के बाद भी चुप्पी साधे अपने कार्यालय में बैठे रहे और सोशल मीडिया में सुर्खिया बनने का इंतजार करते रहे। जब इस संबंध में वेयर हाउस के जिला प्रबंधक अशोक कुमार रघुवंशी से बात की गई, तो उन्होने बताया की वीडियो मेरे पास भी पहुंचा है, मेरे द्वारा अपने क्षेत्रीय कार्यालय रीवा सहित खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी श्यामलाल प्रजापति को मामले से पहले ही अवगत करा दिया गया है। वहीं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक ए. के. रावत से बात किये जाने पर उन्होने इस तरह की कोई जानकारी उनके पास नही होने तथा वेयर हाउस के प्रबंधक से बात करने की बात कही गई। जबकि बेची गई उक्त धान नागरिक आपूर्ति विभाग की है और वेयर हाउस भंडारित एजेंसी मात्र है।
वीडियो में पड़ताल में धान निकली वर्ष 2020-21 की
सोशल मीडियो में पयारी कैप से एक ट्रक धान बेचे जाने का वाॅयरल हुये वीडियो में जब पड़ताल की गई तो धान वर्ष 2020-21 का ही होना पाया गया है। वीडियो में ट्रक क्रमांक एमपी 65 जीए 1031 सी ब्लाॅक स्टेक से लोड़ हो रही है। जहां धान के बोरो में लाल रंग की ब्रांडिंग व स्टेनसिल लगी हुई है, जो वर्ष 2020-21 पर शासन ने निर्देश जारी किये थे और वर्ष 2021-22 के बारदानों में नीले रंग की स्टेनसिल व सिलाई लगाई गई थी। पूरे मामले में धान वर्ष 2020-21 के होना साफ नजर आ रहा है। जबकि वर्ष 2020-21 की धान की (नीलामी) आॅक्सन फरवरी माह में हो जाने के बाद 28 फरवरी 2022 को ही धान के उठाव व मिलिंग में रोक लगा दी गई थी। जिसका फायदा उठाते हुये पयारी कैप के शाखा प्रबंधक ने पुरानी धान को बेचना ही प्रारंभ कर दिया।
देखे वायरल वीडियो
सोसायटी पर डाला गया था शाॅर्टेज, अब बेच कर कर रहे बराबर
पयारी कैप से वर्ष 2020-21 में एक ट्रक बेची गई धान का वीडियो वाॅयरल होने के बाद जहां नया मामला भी सामने आया। जहां जिले के 16 आदिम जाति सहकारी समिति के प्रबंधको द्वारा 2020-21 में उपार्जित की गई धान का भंडारित करने के बाद प्रत्येक सोसायटी को 250 से 500 क्विंटल तक की शाॅर्टेज उनके ऊपर डाल उनके कमीशन की राशि रोक दी गई थी, जिसके बाद उक्त सभी समिति प्रबंधको द्वारा कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया। पूरे प्रकरण में न्यायालय अपर कलेक्टर द्वारा उक्त सभी आदिम जाति सहकारी समिति के प्रबंधको के पक्ष में 30 नवम्बर 2021 को फैसला करते हुये एक माह के अंदर सिविल सप्लाईज काॅर्पोरेशन अनूपपुर के प्रबंधक को शाॅर्टेज डाल कर काटी गई राशि का पूर्ण भुगतान एक माह के अंदर किये जाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अब तक उन्हे राशि वापस नही की गई और वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान का सोसायटियों पर डाला शाॅर्टेज और भंडारण केन्द्रो में ज्यादा धान होने की संभावना में बनी हुई है, जिसे अब बराबर करने धान की बिक्री किये जाने तक आरोप लगना शुरू हो गये है।
कैप में भंडारित धान के अव्यस्थित होने की भी हुई जांच प्रारंभ
ग्राम पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पयारी में 30 हजार मैट्रिक टन क्षमता वाले पयारी ओपन कैप में भंडारित धान के भंडारण में शाखा प्रबंधक द्वारा ध्यान नही दिये जाने के कारण भंडारित धान खराब हो रही है, जिसके कारण धान की मात्रात्मक व गुणात्मक कमी आ चुकी है। वहीं प्री मानूसन को देखते हुये भी शाखा प्रबंधक द्वारा धान सुरक्षा हेतु किसी तरह का ध्यान नही दिया गया, जिसके कारण कैप में धान अव्यवस्थित रूप से पड़ी हुई है। जिसको लेकर म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्ड लाॅजिस्टिक्स काॅपोरेशन रीवा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने वेयर हाउस अनूपपुर के जिला प्रबंधक अशोक कुमार रघुवंशी को जांच करने हेतु पत्र लिखा गया। वहीं कलेक्टर सोनिया मीना ने भी उक्त अव्यवस्था को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अनूपपुर को जांच के निर्देश देते हुये पयारी शाखा प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। पूरी जांच के दौरान 28 फरवरी 2022 के पश्चात वर्ष 2020-21 की धान का उठाव बंद होने के बाद भी धान को सुरक्षित नही रखने में लापरवाही सिद्ध हुई है। वहीं वेयर हाउस अनूपपुर के जिला प्रबंधक द्वारा पयारी कैप में कार्यरत 5 कर्मचारियों के बयान में दर्ज किये जा चुके है।
इनका कहना है
पूरे प्रकरण में वेयर हाउस एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेकर दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

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