अनूपपुर। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कोतमा स्वयं प्रकाश दुबे के न्यायालय ने थाना बिजुरी के अपराध क्रमांक 328/18 की धारा 294, 323, 506, 302 भादवि के प्रकरण में आरोपी बीरन सिंह गोंड पिता स्वामीदीन गोंड उम्र 38 वर्ष निवासी डोंगरिया कला को अपनी पत्नी की गैर इरादतन हत्या करने के अपराध में उक्त आरोपी को धारा 304 भाग 2 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार का अर्थदंड एवं अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित किया गया है। राज्य की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक शैलेन्द्र सिंह द्वारा की गई।
अभियोजन मीडिया प्रभारी राकेश पांडेय ने वरिष्ठ एडीपीओ हेमंत अग्रवाल के हवाले से बताया कि मामला थाना बिजुरी के ग्राम डोगरियाकला का है। जहां 28 अक्टूबर 2018 को आरोपी वीरन अपनी पत्नी सीताबाई को शाम 7 बजे जब सीताबाई गांव में सुगाडिन बाई के घर बैठने गई थी, तो वहां पर आरोपी पहुंचा और उसे बुलाकर घर ले गया और खाना न बनाने की बात को लेकर उसके मारपीट किया, जिससे सीताबाई को पेट में चोट आई और सीताबाई को इलाज के लिए 29 अक्टूबर 2018 को पीएचसी बिजुरी के इलाज कराने ले जाया गया, जहां अस्पताली तहरीर के पश्चात सीताबाई एवं अन्य का बयान लेखबद्ध किया गया तथा सीताबाई की एमएलसी करायी गयी तथा थाना बिजुरी में अभिुक्त के विरूद्ध 294, 323, 506 भादवि का अपराध 328/18 में पंजीबद्ध किया गया। इस दौरान सीताबाई की मृत्यु हो गयी तथा प्रकरण में भादवि की धारा 302 का इजाफा कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पक्ष रखते हुए पैरवीकर्ता शैलेन्द्र सिंह कोतमा द्वारा न्यायालय के समक्ष आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेजों को प्रस्तुत कर प्रकरण को संदेह से परे साबित किया। न्यायालय द्वारा श्री सिंह के तर्को से सहमत होते हुए 14 जुलाई को आरोपी को भादवि की धारा 304 भाग 02 भादवि में 7 वर्ष एवं 1 हजार रूपये से दंडित किया। विदित हो कि प्रकरण में प्रारंभिक जांच थाना बिजुरी के एएसआई सुनील पटेल तथा विवेचना सुमित कौशिक द्वारा की गयी थी।

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