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शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

मंगलवार, 1 नवंबर 2022

/ by News Anuppur

अनूपपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनूपपुर के न्यायालय के विशेष प्रकरण क्रमांक 13/2019 थाना कोतवाली अनूपपुर के अपराध क्रमांक 490/18 धारा 363, 366ए, 376, 376(2)(सी) भादवि एवं 3, 4, 5(2)(सी) पॉक्सों एक्ट के आरोपी नीरज पटेल पिता प्रकाश पटेल उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम छिल्पा थाना भालूमाडा को धारा 363 भादवि में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपये अर्थदंड, धारा 366 भादवि में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार के अर्थदंड, धारा 342 भादवि में 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये अर्थदंड, धारा 376(2)(झ) भादवि में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार का अर्थदंड, धारा 376(2)(एन) भादवि में 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार का अर्थदंड एवं धारा 5एल/6 पॉक्सों अधिनियम में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जेल की सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण कुल मिलाकर आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 5 हजार 500 रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई हैं, प्रकरण में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी रामनरेश गिरी द्वारा की गई। 

न्यायालयीन निर्णय की जानकारी देते हुए रामनरेश गिरी ने बताया कि वर्ष 2018 फरवरी माह में ग्राम फुनगा में हो रही भागवत में पहुंची पीड़िता से अभियुक्त की मुलाकात होने पर दोनों के मध्य बात-चीत शुरू हुई, उसी दौरान अभियुक्त ने पीड़िता से प्यार मोहब्बत और शादी करने की बात कही गई, लेकिन पीड़िता द्वारा मना कर दिया गया। उसके बाद पीड़िता मार्च माह में अपने हायर सेकेण्डरी परीक्षा का पेपर देकर स्कूल से बाहर निकली तो अभियुक्त उसे मिला और अपनी मोटर साइकिल में बैठा कर जंगल की ओर सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म और मोटर साइकिल से वापस लाकर फुनगा चैक पर छोड दिया। जब पीड़िता पुनः 1 अप्रैल को स्कूल खुलने पर स्कूल जाने लगी तो अभियुक्त उसे रास्ते में मिला और उसे पुनः अपनी मोटर साइकिल में बैठाकर जंगल की ओर ले जाकर गलत काम करता था, उसके बाद भी उसके साथ जब भी अभियुक्त उससे मिलता था शारीरिक संबंध बनाता था, जब पीड़िता को अपने गर्भवती होने का पता चला तो उसने सारी बात अपनी मां को बतायी और आस्पताल आयी, जहां पर उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया, जिसके संबंध में अस्पतालीय तहरीर प्राप्त होने पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध किया। पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर पीड़िता का परीक्षण एवं उसके नवजात शिशु का पंचनामा बनाते हुए पीडिता तथा उसके परिजन के कथन लेखबद्ध कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया, सम्पूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए उपरोक्त दंड से दंडित किया है।


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