8751 गर्भवती महिलाओं की होगी रक्त जांच, कई स्थानों पर कार्यक्रम हुए आयोजित
अनूपपुर। एनीमिया मुक्त प्रदेश बनाने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे 17 नवम्बर को जिला स्वास्थ्य समिति अनूपपुर द्वारा गर्भवती महिलाओं की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर द्वारा जांच कर जिला स्तर पर शुभांरभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.सी. राय द्वारा किया गया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.पी. सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुनील नेता, डाॅ. अलका तिवारी, डाॅ. सोशल खेस, डाॅ. अमिता सिंह एवं नर्सिंग आॅफिसर रेखा गोयल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमएचओं डाॅ. एस.सी. राय ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं में रक्त की कमी देखने को आ रही है। जो गर्भ अवस्था के दौरान उन्हे खासी परेशानियो का सामना करना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी होने पर जहां मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु एवं कमजोर शिशु होने का भी एक महत्वपूर्ण कारण है।
वहीं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.पी. सोनी ने बताया कि महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 से 14 के बीच होना चाहिए। उन्होने बताया कि 80 प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। इससे बचने के लिए लोह तत्व युक्त चीजें खाना चाहिए। इसके अलावा विटामिन ए एवं सी युक्त खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए। गर्भवती एवं किशोर बालिकाओं को आयरन, फॉलिक एसिड की एक गोली नियमित खाने के बाद नियमित लेना चाहिए।
उक्त अभियान 15 नवम्बर से 15 दिसंबर तक चालाया जाएगा। अभियान के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं के होम्योगिलोबिन मीटर के द्वारा रक्त की जाॅच की जावेगी एवं एनिमिक गर्भवती महिलाओं को चिंन्हित कर उनका प्रबंधन किया जाएगा। प्रत्येक एचडब्ल्यूसी सेंटर में एनीमिक गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोज लगवाया जाएगा एवं गंभीर एनीमिक महिलाओं को जिला अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन करवाया जाएगा। अभियान के प्रारंभ में 16 नवम्बर को जिला अस्पताल में 2 गर्भवती महिलाओं को ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराया गया। जिले में वर्तमान में विकासखंड अनूपपुर में 1928, जैतहरी में 1203, कोतमा में 2703, पुष्पराजगढ़ में 2917, कुल 8751, गर्भवती महिलाए हैं, जिनका अभियान के द्वारा जाॅच की जाएगी।जिसके बाद डाॅ. आर.पी. सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुनील नेमा द्वारा एचडब्ल्यूसी सेंटर बरगवां में पहुंचकर वहां चलाये जा रहे अभियान का निरीक्षण किया गया एवं प्रशिक्षक अर्चना राजपूत द्वारा गर्भवती महिलाओं के गर्भधारण के समय कराए जाने वाले विशेष योग कराये गए।



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