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शहर को मौत के मुंह में डालने की कोशिश, सत्तादल के नेता बने नो इंट्री में बाधक

Trying to put the city in the mouth of death, the leader of the ruling party became an obstacle in no entry

शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

/ by News Anuppur

कमीशन के चक्कर में नो-इंट्री खत्म कराने की फिराक में कंपनी और नेता

आमजनों की मांगो व एसपी के प्रस्ताव पर रात 10 से फिर हो सकती नो इंट्री - कलेक्टर  

अनूपपुर। जिले के अनूपपुर व कोतमा नगर में आने वाले सबसे व्यवस्तम मार्गो में भारी वाहनों के प्रवेश पर हो रहे सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुये कलेक्टर द्वारा 9 सितम्बर 2021 को प्रातः 8 से रात्रि 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुये नो इंट्री का आदेश जारी किया गया था। लेकिन सत्ताधारी पार्टी के जिलाध्यक्ष व उपाध्यक्ष द्वारा अपने निजी हित के लिये जिला प्रशासन पर ही दवाब डालते हुये नो इंट्री को ही समाप्त कराने के लिये लगातार दवाब डाला गया, जिसके बाद सत्ताधारी नेताओं के पक्ष मे आते हुये पुलिस अधीक्षक ने अपने प्रस्ताव में 2 घंटे अतिरिक्त छूट की अनुशांसा कर कलेक्टर ने 1 मार्च 2022 को नो इंट्री की समय सीमा प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे कर दिया गया। इन दिनों शहर के दोनो हिस्सों को जोड़ने वाला एक ही मार्ग हैं, जहां रात्रि 8 बजे से भारी वाहनो की नो इंट्री खुलने से आमआदमी की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया हैं। ऐसे में सत्ता दल के अध्यक्ष  और उपाध्यक्ष अपने कमीशन के लिए नो इंट्री बंद करने का दबाब बना लोगो की जान से खिलवाड़ कर रहें हैं।

एक तरफ ये सत्ताधारी नेता क्षेत्र के विकास सहित आमजन के हितों व सुरक्षा की बात कर ढ़ोंग रचते है, लेकिन दूसरी ओर पीठ पीछे अपने निजी हित के लिये शासन पर दवाब डालते हुये कमीशन व ट्रांसपोर्टिंग एजेंट बनकर लोगो के जीवन से खिलवाड़ करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। सूत्रों की माने तो इन सत्ताधारी नेताओं जिनमें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के नाम से ऐश परिवहन में लगे लगभग सैंकड़ो बल्कर वाहन इनके नाम से संचालित है। जिनके लिये यातायात विभाग द्वारा नो इंट्री के बीच में भी इन वाहनों को छूट प्रदान कर दी जाती है।

एसपी के प्रस्ताव के बाद 2 घंटे समय सीमा की गई थी कम

एक तरफ कलेक्टर अनूपपुर द्वारा अनूपपुर मुख्यालय क्षेत्र में डीएफओं बंगला के सामने से सामतपुर तिराहा, सामतपुर तिराहे से बस स्टैण्ड होते हुये इंदिरा तिराहा, सामतपुर में अंडरब्रिज तिराहा तथा अंडरब्रिज तिराहे से अमरकंटक रोड तथा अमरकंटक तिराहे से सांई मंदिर तक वहीं कोतमा नगर में बनियाटोला से बस स्टैण्ड, मुखर्जी चैक से बाजार, चैपाटी से गांधी चैक, अंडब्रिज से गांधी चैक तथा उत्कृष्ट विद्यालय से गोविंदा काॅलोनी तक भारी वाहनो के आवागमन को प्रतिबंधित करते हुये प्रातः 8 से रात्रि 10 बजे तक नो इंट्री लगाई गई थी। लेकिन पुलिस अधीक्षक द्वारा 21 फरवरी 2022 को पत्र के माध्यम से प्लांट से निर्मित ऐश टैंक की क्षमता से अधिक ऐश का परिवहन नही हो पाने तथा ऐश टंैक के ऊपर ऐश का जमाव होने से कंपनी में विद्युत उत्पादन प्रभावित होने व पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर 2 घंटे की अतिरिक्त छूट की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर कलेक्टर सोनिया मीना ने 1 मार्च को नो इंट्री की समय सीमा 2 घंटे अतिरिक्त छूट प्रातः प्रातः 8 से रात्रि 8 बजे तक का आदेश जारी किया गया है।

आमजन की सुरक्षा का सत्ताधारी पार्टी से नही है सरोकार

एक तरफ जिले के विकास सहित आमजन मानस की सुरक्षा लिये गुणगान करने वाले सत्ताधारी पार्टी के नेता ऐश परिवहन करने वाले ट्रांसपोटर से मिलकर तो दूसरी तरफ उपाध्यक्ष का पद पाने के बाद स्वयं ट्रांसपोर्टर बनते हुये ऐश परिवहन करने वाले बल्कर वाहनों के लिये नो इंट्री खत्म करने के लिये लगातार प्रशासन पर दवाब बनाया गया। जानकारी के अनुसार इनके नाम से चलने वाले सैकड़ो बल्कर वाहनों से इन्हे कमीशन प्राप्त होता है। इस कमीशन के चक्कर में एैसे नेता लोगो की जान से खिलवाड़ कर जनता के सामने अपने आपको इमानदार दिखाने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। ऐसा नही है की क्षेत्र की जनता इन सत्ताधारी नेताओं को नही पहचानती, लेकिन आने वाले सामय में लोगो की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे नेताओं को सबक सिखाने के लिये पूरा मन बनाकर बैठी है।

कलेक्टर ने शशर्त दी थी अनुमति

पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव के बाद कलेक्टर अनूपपुर ने एमबी पावर कंपनी से निकलने वाली ऐश परिवहन प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक शशर्त अनुमति प्रदान की गई थी, जिसका यातायात विभाग द्वारा उक्त आदेश का उल्लंघन करते हुये उन्हे सिर्फ निर्धारित समय पर आवागमन की छूट दी गई है। जबकि कलेक्टर द्वारा ऐश (राखड़) का परिवहन ढंककर करने, प्रतिबंधित अवधि में ऐश का परिवहन करने वाले वाहनों की सूची पूर्व से प्राप्त कर लेने, प्रतिबंधित क्षेत्र में ऐश का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की रफ्तार 30 किलो मीटर प्रतिघंटा से अधिक न होने तथा ओव्हर स्पीड करने पर सभी वाहनों की अनुमति स्वतः निरस्त करने, वाहन के समस्त मूल दस्तावेज, चालक का लायसेंस, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र चेकिंग के दौरान अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने, ऐश का परिवहन करने वाले वाहन 5-5 वाहनों की काॅनवाय बनाकर चार पहिया वाहन से स्कायड करते हुये सुरक्षित ले जाने, वाहन चालक की लापरवाही व अन्य कारणों से सड़क दुर्घटना होने पर समस्त परिवहन करने वाले फर्म या कंपनी की अनुमति तत्काल निरस्त करने तथा वाहनों ऐश परिवहन करने वाली फर्म या कंपनी अपने वाॅलिटियर्स नियुक्त करे, जो वाहन को सुरक्षित आवागमन करा सके। 

आमजन को आना होगा सामने

पूरे मामले में नो इंट्री जोन में भारी वाहनों के प्रवेश पर कम की गई समय सीमा को बढ़ाने के लिये एक बार फिर लोगो को सामने आना पड़ेगा। इसके ऐसे लोग भी है जिसमें सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की चाटूकारिता करते हुये लोगो को भ्रमित कर सकते है। लेकिन आमजन की सुरक्षा व भीड़-भाड़ वाले इलाके में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिये आगे आकर दोबारा भारी वाहनों के प्रवेश को प्रातः 8 से रात्रि 10 बजे तक किये जाने की मांग को लेकर आना होगा। वहीं एसपी द्वारा भेजे गये अपने प्रस्ताव में आमजन की सुरक्षा को दर किनार कर सिर्फ हिन्दुस्तान पावर प्लांट का पक्ष रखा गया था। जिसके लिये कलेक्टर ने लोगो की मांगो व एसपी के प्रस्ताव के बाद फिर से एक बार भारी वाहनो के प्रवेश पर नो इंट्री का समय पूर्वत करने की बात कही है।

इनका कहना है

जिला मुख्यालय में जिला प्रशसन की नो इंट्री की दोहरी नीति से आमजन परेशान हैं, सत्तादल के नेतओं के दबाब में आकर दो तरह से नो इंट्री लगाना यह गलत हैं। वहीं सड़क दुर्घटना में भाई- बहन की मौत पर हत्या का मामला दर्ज नही किया गया तो जल्द ही कोतवाली का घेराव किया जायेगा।

रमेश सिंह, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री


इनका कहना है

सोनिया मीना, कलेक्टर अनूपपुर


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