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शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

Life imprisonment for the accused of raping a minor

बुधवार, 30 नवंबर 2022

/ by News Anuppur

अनूपपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) अनूपपुर के न्यायालय ने थाना रामनगर के अपराध क्रमांक 100/18 की धारा 363, 366ए, 376(आई)(एन), 342 भादवि, 3,4,5एल, 6 पॉक्सो एक्ट एवं (3)(2)(व्ही) एससीएसटी एक्ट में आरोपी अमित सेन पिता रामबली सेन उम्र 27 निवासी ग्राम रामपुर थाना गोहपारू जिला शहडोल को धारा 363 भादवि में 5 वर्ष सश्रम कारावास व 1000 का जुर्माना, धारा 366 भादवि में 5 वर्ष एवं 1000 रूपये का जुर्माना, धारा 368 भादवि में 05 वर्ष एवं 1000 के जुर्माना, धारा 376(3) भादवि में 20 वर्ष एवं 1000 का जुर्माना, धारा 5(ठ)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष व 1000 रू. जुर्माना तथा धारा 3(2)(व्ही) एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास व 1000 का जुमाने से दंडित किया है। जेल की सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण कुल मिलाकर आरोपी को आजीवन का कारावास एवं कुल 6000 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई हैं। प्रकरण की विवेचना एसडीओपी कोतमाएस.एन.प्रसाद द्वारा की गई है, मामले में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी रामनरेश गिरी द्वारा की गयी है। 

जानकारी के अनुसार कक्षा 9वीं में पढ़ रही पीड़िता पैसे निकालने के आशय से सेन्ट्रल बैंक शाखा राजनगर गई थी, जहां पर अभियुक्त उसे मिला, जिसने पीड़िता से बातचीत कर उससे अपनी पहचान बनाई और उससे शादी करने की बात करते हुए पीड़िता को आरोपी अमित सेन द्वारा वर्ष 2018 में जगन्नाथ साहू के किराये के मकान में बुलाकर उससे शादी करने का झांसा देते हुये जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद 19 मई 2018 को अभियुक्त ने पीड़िता को पुनः अपने घर बुलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। इस दौरान पीड़िता को तलाशते हुए उसके माता-पिता और परिजन वहां पहुंच गये, जिस पर आरोपी ने पीड़िता से किसी को कुछ भी न बताने की बात कही गई। जिसके बाद पीड़िता अपने घर वापस आ गई और अपने परिजनों को घटना की जानकारी देते हुये थाना पहुंच शिकायत दर्ज कराई। 

पीड़िता की शिकायत पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 100/18 धारा 363, 366(ए), 376 (2)(जे),376 (2)(एन), 376, 342 भादवि एवं 3,4,5एल,6 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(2)अ एससीएसटी एक्ट का पंजीयन उपरांत पीड़िता का मेडिकल व न्यायालयीन कथन पुलिस के द्वारा विधिक सम्मत तरीके से कराया जाकर प्रकरण की विवेचना करते हुए, प्रकरण के आरोपी को उक्त अपराध में गिरफ्तार कर उसका मेडिकल व पूछताछ कर प्रकरण की संपूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषयुक्त पाते हुये 28 नवम्बर 2022 को उपरोक्त निर्णय पारित किया।


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