कंपनी ने नौकरी व मुआवजा का दिया आश्वासन
अनूपपुर। एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत कुरजा उप क्षेत्र में बुधवार को कोयला खदान में रूफ बोल्टिंग के दौरान कोयला चट्टान के दरकने से ठेका कंपनी का कर्मचारी उसके चपेट में गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने 17 नवम्बर गुरूवार को शव का अंतिम संस्कार करने से मना करते हुए सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा व नौकरी की मांग की थी। जिसके बाद कंपनी के रीजनल मैनेजर सुभोब्रता भट्टाचार्य ने लिखित आश्वासन के बाद परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार किया।
जानकारी अनुसार एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत कुरजा उप क्षेत्र में बुधवार को कोयला खदान में रूफ बोल्टिंग के दौरान कोयला चट्टान के दरकने से उसकी चपेट में ठेका कंपनी का कर्मचारी आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने गुरूवार को शव का अंतिम संस्कार करने से मना करते हुए सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा व नौकरी की मांग की थी। मौके पर ठेका कंपनी के अधिकारी व पुलिस बल पहुंचे। जहां जेएमएस माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के रीजनल मैनेजर सुभोब्रता भट्टाचार्य ने लिखित आश्वासन देते हुए कहा कि नरेंद्र सिंह की खदान में काम करने के दौरान हादसे में मृत्यु हो गई थी। उन्हें शासकीय नियमों का आधार पर मुआवजा राशि व रोजगार दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि जेएमएस कंपनी के कर्मचारी 38 वर्षीय नरेंद्र सिंह निवासी ग्राम शिकारपुर बुधवार की सुबह प्रथम पाली कि ड्यूटी में खदान के अंदर गया हुआ था। जहां रूफ बोल्टिंग के दौरान खदान का चट्टान दरक गया और कर्मचारी के ऊपर जा गिरा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के लिए खेरवा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें