पुजारियों ने इसे बताया सनातन धर्म और मुख्यमंत्री शिवराज के संकल्पों का मजाक
मप्र टूरिज्म विभाग द्वारा नर्मदा मंदिर अमरकंटक में चल रहे निर्माण कार्य को रोकने की मांग
अमरकंटक। नर्मदा मंदिर अमरकंटक के पुजारियों ने बुधवार को पुष्पराजगढ़ एसडीएम को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री द्वारा रोपे गए रुद्राक्ष के पौधो को मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग नये निर्माण के नाम पर उन्हें उखाड़ दिया, जो एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन हैं। जिसे लेकर पुजारियों ने कार्रवाई की मांग करते हुए निर्माण कार्य को रोकने की मांग की हैं।
नर्मदा मंदिर के पुजारी सुनील प्रसाद द्विवेदी सहित अन्य पुजारियों ने पत्र के माध्यम से बताया कि मां नर्मदा मंदिर परिसर के सामने प्रांगण में मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सनातन धर्म का प्रधान रुद्राक्ष वृक्ष के पौधे को 10 वर्ष पूर्व रोपित किया था। इसने विशाल वृक्ष का रूप धारण कर लिया था। जिसे मप्र पर्यटन के अधिकारियों की गलत योजना के कारण 3 वृक्षों का उखाड़ फेंक दिया गया है और कॉन्क्रीट की रचना का शेड का निर्माण किया जा रहा है। यह सनातन धर्म और मुख्यमंत्री शिवराज के संकल्पों का मजाक उड़ाया जा रहा है। वैसे ही एनजीटी आदेशानुसार 100 मीटर तक सरकारी गैर सरकारी निर्माण पर रोक है। पुजारियों, संतों, महात्माओं के विरोध के बावजूद सनातन धर्मालंबियों को आहत कर रहा है। उन्होने आरोप लगाया है कि जिस राज्य में मुख्यमंत्री के संकल्प को तोड़ा जा सकता है, वहां सनातन धर्म सुरक्षित रहना मुश्किल है। तत्काल उक्त निर्माण पर रोक लगाकर रुद्राक्ष के पौधा पुनः रोपित कर और दोषी अधिकारियों को दंडित करने की मांग की हैं।
एसडीएम पुष्पराजगढ़ ने बताया कि प्रसादम योजना के तहत मंदिर के सामने श्रद्धालुओं के लिए प्रतिक्षालय बनाया जा रहा हैं। जो वृक्ष वहां से हटाये गयें हैं उन्हें रामघाट में पुनः स्थापित कर दिया गया हैं। इस योजना के तहत अमरकंटक में कई कार्य कराये जा रहें हैं।

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